पाकिस्तान ने जिन अफगानों को देश से निकाला, ये जीत उनको समर्पित... अफगान क्रिकेटर का छलका दर्द
Ibrahim Zadran Afghanistan Refugee in Pakistan: पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप में मैच जिताऊ पारी खेलने के बाद, अफगानिस्तान के बल्लेबाज इब्राहिम जादरान ने आईसीसी विश्व कप 2023 में अपनी 87 रन की तूफानी पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच (POTM) का पुरस्कार जीतने के बाद 'मेन इन ग्रीन' यानि पाकिस्तान पर बम गिराया है।
जादरान ने अपना प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार उन अफगानों को समर्पित किया है, जिन्हें पाकिस्तान ने जबरन अपने देश से बाहर कर दिया है।

इब्राहिम जादरान ने मैच के बाद प्रजेंटेशन के दौरान कहा, कि "मैं अपने लिए और अपने देश के लिए बहुत खुश महसूस कर रहा हूं। मैं इस मैन ऑफ द मैच अवार्ड को उन लोगों को समर्पित करना चाहता हूं, जिन्हें पाकिस्तान से अफगानिस्तान वापस भेजा जा रहा है।"
इब्राहिम ज़ादरान ने सर्वाधिक 87 रन बनाए और गुरबाज़ ने 53 गेंदों में 65 रन बनाए। जबकि, अफगानिस्तान के कप्तान हसमतुल्लाह शाहिदी ने भी अहम योगदान देते हुए 45 गेंदों पर 48 रन बनाए और अपनी टीम को जीत दिलाई।
अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज ने कहा, कि "मैं सकारात्मक सोच और सकारात्मक इरादे के साथ वहां (पिच पर) जाना चाहता था और मैंने ऐसा किया। हमने (गुरबाज़ और उन्होंने) एक-दूसरे के साथ काफी क्रिकेट खेला है, विकेटों के बीच दौड़ते समय हमारे बीच अच्छा कम्युनिकेशन रहता है, क्योंकि हम अंडर-16 दिनों से एक साथ खेल रहे हैं।"
ज़ादरान ने गुरबाज़ की सराहना की और कहा, कि उन्होंने उनकी मदद की और खेलने के दौरान उनका काफी समर्थन किया। दोनों ने 130 रन की मजबूत साझेदारी की। उन्होंने कहा, "जिस तरह से गुरबाज़ ने मेरा समर्थन किया, उससे मुझे मदद मिली और हमें अपने पक्ष में गति मिली। मैं अपने और अपने देश के लिए बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं।"

क्या है अफगान शरणार्थी मामला?
दरअसल, इसी महीने पाकिस्तान ने अपने देश से सभी अफगान शरणार्थियों को बाहर निकलने का आदेश दिया है। पाकिस्तान सरकार ने अफगानों को 31 अक्टूबर तक देश छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है और इस अवधि के दौरान जो लोग देश से बाहर नहीं निकलेंगे, पाकिस्तान सरकार 1 नवंबर से उनकी संपत्ति जब्त करने और जबरन देश से बाहर निकालने का काम शुरू कर देगी।
डॉन न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में कहा था, कि निर्वासन और संपत्ति जब्त करने का काम 1 नवंबर से शुरू होगा।
अफगानों को पाकिस्तान से निकलने के लिए 28 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। डॉन न्यूज ने कहा था, कि सरकार इस आदेश के जरिए अफगानिस्तान के नागरिकों को निशाना बनाने जा रही है। यानि, उनके दुकान या फिर उनके जो भी व्यवसाय होंगे, उसपर पाकिस्तान सरकार का कब्जा हो जाएगा और उन्हें जब्त कर लिया जाएगा।
पाकिस्तान के कार्यवाहक आंतरिक मंत्री सरफराज बुगती ने इस महीने दावा किया था, कि पाकिस्तान में करीब 17 लाख 30 हजार अफगान शरणार्थि बगैर किसी प्रमाणपत्र के रहते हैं, जिन्हें देश से बाहर निकाला जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया, कि जनवरी से देश में हुए 24 आत्मघाती हमलों में से 14, अफगान नागरिकों ने किए थे।
बुगती ने कहा था, कि ई-तज़किरास 10-31 अक्टूबर तक स्वीकार किया जाएगा, जिसके बाद वीज़ा और पासपोर्ट नीति लागू होगी। 1 नवंबर की समय सीमा के बाद, पाकिस्तानी अधिकारी अवैध संपत्ति मालिकों और अप्रवासियों के स्वामित्व वाले व्यवसायों को निशाना बनाना शुरू कर देंगे।
आपको बता दें, कि कई एक्सपर्ट्स का कहना है, कि पाकिस्तान ऐसा पैसों के लिए कर रहा है, क्योंकि 17 लाख अफगानों को अगर निकालने का काम शुरू हुआ, तो स्थिति बिगड़ेगी और उस वक्त पाकिस्तान उन अफगानों को देश में रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से पैसों की मांग कर सकता है।












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