एच1बी वीजा: लाखों भारतीयों के लिए खुशखबरी, अब नहीं छोड़ना पड़ेगा अमेरिका
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वॉशिंगटन। यूएस ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को घोषणा करते हुए कहा है कि वे ऐसा कोई बदलाव नहीं करने जा रही है, जिससे कि हजारों एच1बी वीजा धारकों को अमेरिका छोड़कर जाना पड़े। ट्रंप प्रशासन की इस घोषणा से खासकर भारतीयों के लिए बहुत बड़ी राहत की खबर है, जो वहां लाखों लोग काम के लिए गए हुए हैं। इससे पहले खबर थी, कि डोनाल्ड ट्रंप सरकार एक ऐसे प्रस्ताव पर काम कर रही है जिसके चलते अमेरिका में एच1बी वीजा पर रहकर ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे विदेशी उच्च श्रेणी के कुशल कारीगरों को बड़ा झटका लग सकता है।

एच1बी वीजा धारकों को नहीं पड़ेगा अमेरिका छोड़ना
अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, विदेशी लोगों के लिए एच1बी वीजा को देखनेवाली एजेंसी यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) के कहा कि वे ऐसे किसी भी बदलाव पर विचार नहीं कर रही है, जिससे कि एच1बी वीजा धारकों को देश छोड़ना पडे। यूएससीआईएस के मुताबिक, सेक्शन AC-21 के 104(c) जो विदेशी नागरिकों को यूएस में छह साल से ज्यादा रहने की इजाजत देती है।

अगर इस प्रस्ताव में बदलाव होता तो लाखों भारतीयों को छोड़ना पड़ता यूएस
दरअसल ट्रंप सरकार आईटी प्रोफेशनल को दिए जाने वाले एच1बी वीजा के नियमों में बदलाव की बात की थी, यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'अमेरिकी सामान खरीदों, अमेरिकीयों को रोजगार दो ' (बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन) की तहत करीब 5,00,000 से 7,50,000 एच1बी वीजा वाले भारतीयों को अमेरिका छोड़ना पड़ सकता था। अगर ऐसा होता तो, इसका सबसे ज्यादा असर भारतीयों परिवारों पर ही पड़ने वाला था।

भारतीयों में खुशी की लहर
हालांकि, इस घोषणा के बाद अमेरिका में काम कर रहे और भारत से यूएस जाकर काम करने का सपना देखने वाले भारतीयों के लिए यह बहुत ही राहत की खबर है। ट्रंप प्रशासन की इस घोषणा के बाद लाखों भारतीय इस गुड न्यूज को शेयर कर रहे हैं। कई अमेरिकी आईटी कंपनियों, फेसबुक, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों में लाखों भारतीय काम कर रहे है, जो ग्रीन कार्ड के जरिए यूएस आते थे। अब ट्रंप सरकार ने साफ इनकार किया है कि एच1बी वीजा धारकों को अधिकतम छह साल बाद ग्रीन कार्ड के लिए इंतजार कर रहे लोगों को अमेरिका छोड़ना नहीं पड़ेगा।












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