गुजरात से सिर्फ 60 किलोमीटर दूर मिला अरबों डॉलर का 'खजाना', पाकिस्तान हो सकता है मालामाल
सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने दावा किया है कि, कोयले का ये विशालकाय भंडार 3 अरब टन का है, जो करीब 5 अरब बैरल कच्चे तेल के बराबर है।
इस्लामाबाद, फरवरी 01: भारत के गुजरात राज्य की सीमा से सिर्फ 60 किलोमीटर दूर पाकिस्तान को काले सोने का विशाल भंडार मिला है, जिसकी कीमत अरबों डॉलर बताई जा रही है। गुजरात की सीमा रेखा से सिर्फ 60 किलोमीटर की दूरी पर थारपार्कर इलाके में, जो अब पाकिस्तान में हैं, वहां 'काला सोना' यानि कोयले का विशाल भंडार मिला है।

कोयले का विशाल भंडार
पाकिस्तानी अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंध के थार इलाके में एक चीनी कंपनी ने कोयले का विशालकाय भंडार खोजा है और अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, यहां पर करीब करीब 3 अरब टन कोयले का भंडार धरती के गर्भ में है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत की सरकार ने सोमवार को कोलये के विशालकाय भंडार मिलने की घोषणा की है।

गुजरात से सिर्फ 60 किमी दूर
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में जहां कोयले का विशालकाय भंडार मिला है, वो भारत के गुजरात राज्य की सीमा से सिर्फ 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थिति है और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने इसे पाकिस्तान के लिए एक बड़ी 'खुशखबरी' बताया है। सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री ने कहा है कि, 'कहा जाता था कि थार पाकिस्तान की किस्मत बदल देगा और अब यह नारा हकीकत बन गया है।' यह खोज थार कोल फील्ड ब्लॉक 1 में मिट्टी की खुदाई के दौरान की गई है।
कितना बड़ा है कोयले का भंडार
सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने दावा किया है कि, कोयले का ये विशालकाय भंडार 3 अरब टन का है, जो करीब 5 अरब बैरल कच्चे तेल के बराबर है। उन्होंने कहा कि, सिंध प्रांत से पाकिस्तान को दूसरी सबसे बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने कहा कि, 'करीब 145 मीटर की खुदाई करने के बाद कोयले के इस भंडार की खोज की गई है।' इस बीच सिंध प्रांत के ऊर्जा मंत्री इम्तियाज अहमद शेख ने देश को बधाई देते हुए कहा कि, पहले चरण में कोयले का सालाना उत्पादन 9 अरब टन होगा।

'ऊर्जा संकट होगा खत्म'
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की एक कंपनी ने सिंध प्रांत के थार इलाके में कोयले के इस विशालकाय भंडार की खोज की है और थार कोल ब्लॉक-1 को 'चायना पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर' प्रोजेक्ट के तहत ही बनाया गया है। वहीं, अरबों डॉलर के कोयले के इस भंडार की खोज के बाद ऊर्जा मंत्री इम्तियाज शेख ने कहा कि, 'कोयले की ये खोज पाकिस्तान के स्वर्णिम युग की शुरूआत है'। उन्होंने कहा कि, 'कोयले के उत्पादन होने के साथ ही पाकिस्तान में सालों से चली आ रही ऊर्जा संकट पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।'
अरबों डॉलर का हो सकता है फायदा
वहीं, सिंध प्रांत के मंत्री ने अहमद शेख ने कहा कि, कोयले का जो विशालकाय भंडार मिला है, इससे पाकिस्तान के राष्ट्रीय खजाने को अरबों डॉलर मिलेंगे। पाकिस्तानी मंत्री ने इस परियोजना पर काम कर रहे पाकिस्तानी टीम और चीनी विशेषज्ञों को भी शुभकामनाएं दी है। आपको बता दें कि, पाकिस्तान पिछले कई दशक से गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है और पाकिस्तान में बिजली की यूनिट करीब 15 रुपये है। वहीं, ऊर्जा संकट से निपटने के लिए पाकिस्तान की सरकार को हर साल अरबों रुपये खर्च करने पड़ते हैं और दुनिया के कई देशों के सामने झोली फैलानी पड़ती है। खासकर सऊदी अरब के सामने पाकिस्तान लगातार घुटनों पर रहता है, लेकिन कोयले के इस विशालकाय भंडार का खोज होने के बाद पाकिस्तान के सामने 'उम्मीदों का दरवाजा' खुल गया है।

चीन से कर्ज मांगेगे इमरान खान
आपको बता दें कि, 4 फरवरी को चीन में होने वाले ओलंपिक समारोह में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान चीन की राजधानी बीजिंग जा रहे हैं, जहां वो चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान खान चीन के दौरे के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग से 3 अरब डॉलर का कर्ज मांगेगे। वहीं, पाकिस्तान पहले ही आईएमएफ के कर्ज के बोझ में बुरी तरह से डूबा हुआ है और एक अरब डॉलर के लिए पिछले कई महीनों से आईएमएफ के दरवाजे पर गुहार लगा रहा है और आईएमएफ की शर्तों को पूरा करने में पाकिस्तान के पसीने छूट रहे हैं।












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