'बहुत शर्म आ रही है, लेकिन...' शहबाज शरीफ ने UAE से कर्जा कैसे मांगा, खुद पाकिस्तानी PM ने बताया

पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है और आटा और दाल खत्म होने के बाद देश में बिजली संकट पैदा हो गया है। कई इलाकों में बिजली सप्लाई बंद हो गई है।

Shehbaz Sharif loan uae

Pakistan News: पाकिस्तान बहुत विकराल आर्थिक संकट में फंसा हुआ है और अगले कुछ महीनों में पाकिस्तान डिफॉल्ट हो सकता है, लिहाजा पाकिस्तान के नेता और सैन्य प्रमुख अलग अलग देशों से देश को बचाने के लिए लिए कर्ज मांग रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद बताया है, कि उन्होंने पिछले दिनों संयुक्त अरब अमीरात से कर्ज कैसे मांगा? शहबाज शरीफ का भीख मांगने का ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो पूरी तफ्सील से बता रहे हैं, कि उन्होंने यूएई प्रमुख के सामने कर्ज लेने के लिए कैसे हाथ फैलाया था?

UAE ने पाकिस्तान को दी बड़ी मदद

UAE ने पाकिस्तान को दी बड़ी मदद

इसी महीने UAE ने पाकिस्तान की आर्थिक मदद करते हुए 2 अरब डॉलर के मौजूद ऋण को रोल ओवर कर 1 अरब डॉलर ऋण और देने की सहमति जताई है। पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने के बाद शहबाज शरीफ तीसरी बार संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे थे। सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने गुरुवार ट्विटर पर घोषणा करते हुए लिखा कि, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ एक बैठक में 2 बिलियन डॉलर के मौजूदा ऋण को रोल ओवर करने और पाकिस्तान को अतिरिक्त 1 बिलियन डॉलर ऋण प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की है और अब शहबाज शरीफ ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा है, कि उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात से कैसे कर्ज मांगा।

शहबाज शरीफ ने कैसे मांगा कर्ज?

शहबाज शरीफ ने कैसे मांगा कर्ज?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा है, कि "अभी मैं दो दिन पहले यूएई से होकर आया हूं। वहां पर यूएई के जो सदर हैं, मेरे भाई, जनाब मोहम्मद बिन जायद, वो काफी मोहब्बत से हमारे साथ पेश आए।" पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने आगे कहा, कि "पहले मैंने फैसला किया था, कि आगे में उनसे कर्जा नहीं मागूंगा, लेकिन, फिर मैंने आखिरी वक्त फैसला किया और हिम्मत बांधी, कि मैं उनसे आगे भी कर्ज मांगूं। तो मैंने कहा, कि जनाब, आप बड़े भाई हैं और मुझे बड़ी शर्म आ रही है, लेकिन मजबूरी है, कि हमारे मामलात, आप जानते हैं...मुझे आप एक अरब डॉलर और दे दें।" पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कैसे कर्ज मांगा, उनका ये बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है और लोगों का कहना है, कि पाकिस्तान अपनी स्थिति के लिए खुद जिम्मेदार है।

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    पाकिस्तान में भयावह होते हालात

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    स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के कॉमर्शियल बैंकों के पास, स्टेट बैंक के अलावा 5.84 अरब डॉलर के विदेश मुद्रा हैं। जियो के मुताबिक, पाकिस्तान में पिछले 8 हफ्तों के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 3.6 अरब डॉलर की कमी आई है और पिछला हफ्ता ही एकमात्र वो हफ्ता था, जब विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा है। फरवरी 2014 के बाद से ये पहला मौका है, जब पाकिस्तान के पास इतना कम विदेशी मुद्रा बचा है। लिहाजा, एक्सपर्ट्स का कहना है, कि पाकिस्तान को अपने चालू खाता घाटे को कम करने के साथ-साथ विदेशी मुद्रा सुनिश्चित करने के लिए विदेशी सहायता की सख्त जरूरत है, ताकि को अपने कर्ज को चुकाने के साथ साथ आवश्यक सामानों की खरीदारी भी कर सके।

    2 या तीन हफ्ते का ही बैकअप

    पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था सुलगते राजनीतिक संकट के साथ और चरमरा गई है। पाकिस्तानी रुपये में गिरावट और महंगाई दशकों के उच्च स्तर पर है, लेकिन विनाशकारी बाढ़ और वैश्विक ऊर्जा संकट ने देश पर और दबाव डाला है। जियो न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि देश अब सिर्फ 17 या 18 दिनों का ही सामान और आयात कर सकता है। वहीं, ट्रिब्यून की रिपोर्ट में कहा गया है, कि पाकिस्तान के बंदरदगाह पर सामान भरे हजारों कंटेनर्स जमा हो गये हैं, लेकिन उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में अगले एक हफ्ते में पाकिस्तान में जरूरी सामानों की भारी किल्लत शुरू हो सकती है। हालांकि, पाकिस्तानी स्टेट बैंक को उम्मीद है, कि अगले हफ्ते से विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर का प्रवाह बढ़ेगा।

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