जनरल आसिम मुनीर कैसे बने इमरान खान के दुश्मन? शहबाज शरीफ ने भी अपने लिए खाई खोद ली?
लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मुनीर पाकिस्तानी सेना के एक उत्कृष्ट अधिकारी माने जाते हैं और उन्हें सितंबर 2018 में टू-स्टार जनरल के पद पर प्रमोशन दिया गया था।
Asim Munir nep Pakistan Army Chief: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जनरल आसिम मुनीर को पाकिस्तान के नये आर्मी चीफ के लिए चुन लिया है और अब फाइल को राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अगर राष्ट्रपति अल्वी जनरल आसिम मुनीर के नाम पर मुहर लगा देते हैं, तो फिर वो देश के नये आर्मी चीफ बन जाएंगे। मौजूदा सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल 29 नवंबर को खत्म हो रहा है और माना जा रहा है कि, जनरल आसिम मुनीर, जनरल बाजवा के बेहद खास हैं। लेकिन, नवाज शरीफ के कथनों के मुताबिक मानें, तो सवाल उठता है, कि क्या इमरान खान के लिए खाई खोदते-खोदते, नवाज शरीफ ने अपने लिए ही तो कुआं नहीं खोद लिया है?

कौन हैं जनरल आसिम मुनीर?
लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मुनीर पाकिस्तानी सेना के एक उत्कृष्ट अधिकारी माने जाते हैं और उन्हें सितंबर 2018 में टू-स्टार जनरल के पद पर प्रमोशन दिया गया था, लेकिन उन्होंने ये पद सिर्फ दो महीने ही संभाला। हालांकि, लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में उनका चार साल का कार्यकाल 27 नवंबर को समाप्त हो रहा है और इसके बाद वो रिटायर्ड हो जाएंगे, लेकिन उनका आर्मी चीफ का कार्यकाल 3 सालों का होगा और अब इसके लिए शहबाज शरीफ को कानूनों में संशोधन कर उनके कार्यकाल को बढ़ाना होगा। लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर ने मंगला में ऑफिसर्स ट्रेनिंग स्कूल कार्यक्रम के माध्यम से पाकिस्तानी सेना में प्रवेश किया और उन्हें फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट में नियुक्त किया गया।

इमरान को नापसंद हैं जनरल मुनीर
लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर, पाकिस्तान के मौजूदा आर्मी चीफ जनरल बाजवा के तब से करीबी सहयोगी रहे हैं, जब जनरल बाजवा कमांडर एक्स कोर थे और उस वक्त जनरल मुनीर एक ब्रिगेडियर के रूप में फोर्स कमांड के तौर पर पाकिस्तान के उत्तरी क्षेत्रों में सैन्य कमान संभाल रखी थी। लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर को बाद में 2017 की शुरुआत में मिलिट्री इंटेलिजेंस डायरेक्टर बनाया गया और फिर अगले साल अक्टूबर में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का प्रमुख बनाया गया। लेकिन, इमरान खान ने प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें उनके पद से हटा दिया और इस तरह से पाकिस्तान के शीर्ष खुफिया अधिकारी के रूप में उनका कार्यकाल अब तक का सबसे छोटा कार्यकाल रहा। इमरान खान ने मुनीर को हटाकर फैज हमीद को नया आईएसआई चीफ बना दिया। लिहाजा, जनरल मुनीर का नया सेना प्रमुख बनना इमरान खान के लिए बहुत बड़ा झटका है। यानि, शहबाज शरीफ ने इमरान खान के 'दुश्मन' को पाकिस्तान का नया आर्मी चीफ चुन लिया है, लेकिन क्या जाने-अनजाने शहबाज शरीफ भी वही गलती दोहराने जा रहे हैं, जो उनके भाई नवाज शरीफ ने की थी।

इमरान ने आईएसआई चीफ पद से क्यों हटाया?
आईएसआई प्रमुख के रूप में जनरल मुनीर का कार्यकाल खत्म करने के पीछे उनके काम करने के तरीके को जिम्मेदार ठहराया गया था। पाकिस्तानी मीडिया ने बताया था कि, इमरान खान ने जनरल मुनीर के काम करने के तरीके को बकवास ठहराया था और इमरान खान का मानना था, कि जनरल मुनीर किताबी तरीके से काम करते हैं, जो उन्हें पसंद नहीं था। लिहाजा, इमरान खान और जनरल मुनीर के बीच का संबंध काफी खराब हो गया था। लिहाजा, नए सेना प्रमुख के रूप में मुनीर की नियुक्ति पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए एक झटका होने की संभावना है। हालांकि, सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के एक वर्ग ने सेना प्रमुख के पद जनरल मुनीर की नियुक्ति का समर्थन किया है और पार्टी का मानना है, कि मुनीर इमरान खान के खिलाफ रहेंगे।

नवाज वाली गलती शहबाज ने भी की?
नवाज शरीफ पाकिस्तान के एक ऐसे प्रधानमंत्री रहे हैं, जो आर्मी की सबसे ज्यादा बार पसंद भी बने हैं और आर्मी ने सबसे ज्यादा नापसंद भी उन्हें ही किया है। लेकिन, सबसे ज्यादा आर्मी चीफ की नियुक्ति करने वाले नवाज शरीफ का पर्सनल अनुभव इस मामले में काफी खराब रहा है, क्योंकि उनके द्वारा चुने गये ज्यादातर आर्मी चीफ ने उन्हें ही सत्ता से बाहर कर दिया। नवाज शरीफ वो शख्स हैं, जिन्होंने परवेज मुशर्रफ को सेना प्रमुख चुना था, मगर उन्होंने नवाज शरीफ का ही तख्तापलट कर दिया था। लिहाजा, नये आर्मी चीफ के चुनाव में नवाज शरीफ ने अपने प्रधानमंत्री भाई की सलाहकार की भूमिका निभाई है। खास बात यह है, कि नवाज शरीफ के नाम एक और रिकॉर्ड है। देश के 15 आर्मी कमांडरों में से उन्होंने पांच की खुद नियुक्ति की थी। फिर भी, सैन्य जनरलों के साथ उनके संबंध खराब हो गये और उन्हें अपना पद बार बार गंवाना पड़ा। इसी महीने शहबाज शरीफ ने नवाज शरीफ से भी नये आर्मी चीफ को लेकर बातचीत की थी और माना जा रहा है कि दोनों भाइयों की मुलाकात में ही आसिम मुनीर का नाम निकलकर सामने आया।

नवाज ने किस खतरे की तरफ इशारा किया?
सेना पर दो किताबें लिखने वाले नवाज शरीफ ने अपनी किताब में लिखा है, कि सैन्य प्रमुख के लिए उस उम्मीदवार का नाम सबसे पहले हटा देना चाहिए, जो 'खुफिया एजेंसी आईएसआई' का डार्क हाउस हो। और आसिम मुनीर आईएसआई के बहुत माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं। जब कश्मीर के पुलवामा में भारतीय जवानों पर हमला हुआ था, उस वक्त आमिस मुनीर ही आईएसआई के प्रमुख थे। यानि, भाई की किताबी नसीहत के बाद भी भाई के ही सलाह पर शहबाज शरीफ ने आसिम मुनीर को देश का नया आर्मी चीफ चुना है। लिहाजा, अब देखना दिलचस्प होगा, कि शहबाज शरीफ ने इमरान खान के लिए 'दुश्मन' चुना है, या फिर जाने-अनजाने उन्होंने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है।












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