• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

जानिए पुतिन और जिनपिंग के मुकाबले कितनी है पीएम मोदी की सैलरी?

|

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के राष्‍ट्राध्‍यक्ष हैं। कई देशों के राष्‍ट्राध्‍यक्षों के साथ उनके अच्‍छे संबंध हैं और कई तो उन्‍हें अपना दोस्‍त तक मानते हैं। हाल ही में रूस में चुनावों के बाद एग्जिट पोल्‍स में आए नतीजों की वजह से चुनाव आयोग ने फिर से व्‍लादिमिर पुतिन को रूस का राष्‍ट्रपति घोषित कर दिया है। वहीं चीन में भी फिर से शी जिनपिंग ने बतौर राष्‍ट्रपति अपनी सत्‍ता संभाल ली है और वह अब जिंदगी भर के लिए राष्‍ट्रपति बन गए हैं। पीएम मोदी ने पुतिन और जिनपिंग दोनों को ही बधाई दी। दोनों नेताओं से पीएम कई बार अलग-अलग अवसरों पर मिल चुके हैं तो दोनों का देश में स्‍वागत भी कर चुके हैं। क्‍या आप जानते हैं कि पीएम मोदी पुतिन की तुलना में कितनी सैलरी हासिल करते हैं या जिनपिंग उनकी तुलना में हर माह कितना कमाते हैं और पीएम मोदी कब तक पुतिन की सैलरी के स्‍तर तक पहुंच पाएंगे, अगर नहीं जानते हैं तो फिर इस रिपोर्ट को पढ़‍िए।

कितनी है पीएम मोदी की सैलरी

कितनी है पीएम मोदी की सैलरी

पीएम मोदी को हर माह 1.60 लाख रुपए बतौर सैलरी मिलते हैं। इस सैलरी के अलवा उन्‍हें कई तरह के अलाउंस और वर्कआउट भी शामिल हैं और इन अलाउंस की वजह से उनकी सैलरी 19.20 लाख रुपए होती है। पांच वर्ष के अंदर पीएम मोदी ने करीब 96 लाख रुपए बतौर वेतन लिए हैं।

कितना कमाते हैं पुतिन

कितना कमाते हैं पुतिन

नौ अप्रैल को रूस के राष्‍ट्रपति चुनावों का रिजल्‍ट घोषित होगा लेकिन इससे पहले ही वहां के चुनाव आयोग ने उन्‍हें देश का राष्‍ट्रपति घोषित कर दिया है। व्‍लादिमिर पुतिन अगले छह वर्ष के लिए रूस के राष्‍ट्रपति होंगे। पुतिन को बतौर राष्‍ट्रपति हर वर्ष 8,858,432 रूबल मिलते हैं और अगर भारतीय रुपयों में इसे तब्‍दील किया जाए तो यह रकम करीब एक करोड़ रुपए पहुंचती है। इतनी रकम कमाने में पीएम मोदी को पांच वर्ष, दो माह और 16 दिनों का समय लग जाएगा।

मोदी से कम है जिनपिंग की सैलरी

मोदी से कम है जिनपिंग की सैलरी

पुतिन की ही तरह चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग को भी दोबारा चीन का राष्‍ट्रपति चुना गया है। संविधान में आए नए नियम के बाद जिनपिंग अब पूरी जिंदगी चीन पर राज कर सकेंगे। अगर जिनपिंग की सैलरी की बात की जाए तो उनकी सैलरी हर माह 11,385 चीनी युआन है। भारतीय रुपयों में तब्‍दील करने पर यह रकम 117,137 रुपए बैठती है और पीएम मोदी सिर्फ 22 दिन में इतनी सैलरी कमा लेते हैं।

मार्केल जितनी सैलरी के लिए चाहिए 10 वर्ष

मार्केल जितनी सैलरी के लिए चाहिए 10 वर्ष

जर्मन चांसलर एंजेला मार्केल चौथी बार जर्मनी की चासंलर बनी हैं। मार्केल हर वर्ष 242,000 यूरो कमाती हैं और भारतीय रुपयों में यह रकम 1.94 करोड़ रुपए बैठती है। पीएम मोदी को इतनी सैलरी कमाने के लिए 10 वर्ष, एक माह और कुछ दो दिनों का समय चाहिए।

थेरेसा मे की कितनी है सैलरी

थेरेसा मे की कितनी है सैलरी

यूके की दूसरी महिला प्रधानमंत्री थेरेसा मे को हर वर्ष 152,532 पौंड बतौर सैलरी मिलते हें और भारतीय रुपयों में यह रकम करीब 1.40 करोड़ रुपए हैं। लेकिन उन्‍हें साल 2020 तक पेज फ्रीज की वजह 150,402 पौंड यानी 1.37 करोड़ रुपए ही मिलेंगे। इतनी सैलरी कमाने में पीएम मोदी को सात वर्ष एक माह और 28 दिन का समय लग जाएगा।

जस्टिन ट्रूडो

जस्टिन ट्रूडो

पिछले दिनों कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो अपनी भारत यात्रा पर आए थे और उनकी यात्रा के साथ यहां पर कई तरह के विवाद हुए। बतौर पीएम ट्रूडो को 347,400 कनैडियन डॉलर यानी 1.73 करोड़ रुपए मिलते हैं। पीएम मोदी को अगर इतनी सैलरी चाहिए तो फिर उन्‍हें नौ वर्ष और तीन माह का इंतजार करना होगा।

डोनाल्‍ड ट्रंप

डोनाल्‍ड ट्रंप

अमेरिका के राष्‍ट्रपति और इस समय दुनिया के लिए प्रॉब्‍लम चाइल्‍ड बन चुके डोनाल्‍ड ट्रंप करीब तीन बिलियन डॉलर या 19,570 करोड़ रुपए के मालिक हैं। बतौर अमेरिकी राष्‍ट्रपति उन्‍हें 400,000 अमेरिकी डॉलर यानी 2.61 करोड़ रुपए मिलते हैं। पीएम मोदी को इतनी सैलरी के लिए 13 वर्ष, सात माह और कुछ पांच दिन का समय लगेगा।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
How many years will it take PM Narendra Modi to earn as much as Russian President Vladimir Putin or Chinese President Xi Jinping?
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more