चीन की मदद से सिंगापुर में किम-ट्रंप की ऐसे हुई सफल मुलाकात
बीजिंग। सिंगापुर में डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच एतिहासिक मुलाकात चल रही है। रविवार को नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर चीन के एक स्पेशल विमान से होकर सिंगापुर पहुंचे। इस समिट के लिए चीन ने अपना स्पेशल विमान को प्योंगयांग भेजा, जिसमें किम जोंग उन बैठकर बीजिंग पहुंचे और फिर वहां से सिंगापुर लैंड किए। चीन ने कहा कि सिंगापुर की करीब 5,000 किमी दूरी तय करने के लिए किम जोंग उन के लिए उन्होंने अमेरिकी विमान बोइंग 747 भेजा था, जिसमें अक्सर चीनी नेता सफर करते हैं।

किम जोंग उन को सुरक्षित सिंगापुर पहुंचाने और वार्ता को सफल बनाने के लिए चीन की कोशिशों को भी देखा गया। चीन ने कुल तीन विमान प्योंगयांग भेजे, जिसमें से एक में किम जोंग उन बैठकर निकले। बाकि के दो रूसी निर्मित विमान थे, जिसमें से एक में किम की बहन और उनके सबसे करीब किम यो-जोंग बैठकर निकले और तीसरे विमान में किम जोंग उन की बख्तरबंद कार को ले जाया गया।
चीन एविएशन एक्सपर्ट ने कहा कि किम जोंग उन ने एयर चाइना का बोइंग 747-4J6 को चुना। चीन का यह बहुत ही हाई प्रोफाइल विमान है, जो पोलिट ब्यूरो के लिए होने वाली मीटिंग में भाग लेने वाले कई चीनी अधिकारियों और नेताओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, किम जोंग उन के पास खुद का विमान है, लेकिन वो रूस से लिया गया 38 साल पुराना है। चीनी एविशन एक्सपर्ट ने कहा कि सिक्योरिटी और कंफर्ट के मामले में चीन का विमान कई गुना ज्यादा बेहतर है।
हालांकि, किम जोंग उन के पास विमान काफी पुराना होने की वजह से उन्होंने चीन के स्पेशल विमान को चुना। उधर चीन ने भी अपनी मित्रता दिखाते हुए इस ट्रिप के लिए नॉर्थ कोरिया से विमान का कोई चार्ज नहीं लिया। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि विमान के लिए नॉर्थ कोरिया ने उन्हें कहा था।












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