यूके को तोड़ने लगे ब्रेग्जिट के नतीजे, स्कॉटलैंड ने की आजादी की मांग
एडिनबर्ग। शुक्रवार को ब्रेग्जिट पर आए नतीजे अब धीरे-धीरे यूनाइटेड किंगडम (यूके) को तोड़ने लगे हैं। इसका ताजा उदाहरण है स्कॉटलैंड के लोगों की फिर से आजादी की मांग। स्कॉटलैंड के नागरिकों ने कहा है कि उन्हें यूके से बाहर जाना है और यूरोपियन यूनियन (ईयू) में ही रहना है।

पहले हो चुके हैं जनमत संग्रह
आपको बता दें कि वर्ष 2014 और फिर अप्रैल 2015 में दो बार इस तरह का एक जनमत संग्रह हो चुका है जिसमें स्कॉटलैंड के ज्यादातर लोगों ने यूके में ही रहने की इच्छा जताई थी।
स्कॉटलैंड को यूके से बाहर चाहने वालों का आंकड़ा पिछली बार से 45% ज्यादा है। वर्ष 2014 में जब जनमत संग्रह हुआ था तो कई लोगों ने यूके से बाहर होने के लिए वोटिंग की थी। उस समय यूके में बने रहने वालों की संख्या ज्यादा निकली। इसके बाद अप्रैल 2015 में हुए एक जनमत संग्रह में भी करीब 60 प्रतिशत लोगों ने यूके से बाहर जाने से इंकार कर दिया था।
क्या हैं नए नतीजे
लेकिन अब एक ओपिनियन पोल हुआ है। इसके मुताबिक, देश के 60% लोग चाहते हैं कि स्कॉटलैंड यूके से बाहर हो और एक आजाद देश बने। ज्यादातर स्कॉटिश नागरिक भी ईयू के साथ जाना चाहते हैं। इस नए ओपिनियन पोल को संडे पोस्ट न्यूजपेपर की ओर से करवाया गया है।
इस ओपिनयन पोल के बाद स्कॉटलैंड की फर्स्ट मिनिस्टर निकोला स्टर्जन ने कहा है कि यूके से बाहर निकलने के लिए नया जनतम संग्रह कराया जा सकता है।
ब्रेग्जिट में स्कॉटलैंड की भूमिका
स्टर्जन के मुताबिक वर्ष 2014 के जनमत संग्रह के नतीजों का अब कोई मतलब नहीं है क्योंकि वह दोबारा नहीं होगा। उस समय 55 प्रतिशत लोगों ने यूके में रहने के लिए वोट किया था।
ब्रेग्जिट के दौरान स्कॉटलैंड के 62 प्रतिशत लोगों ने ईयू में बने रहने के लिए वोट दिया था।












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