नॉर्थ कोरिया और साउथ कोरिया मजबूत रिश्तों की ओर अग्रसर, शुरू हुई हॉटलाइन सेवा
सियोल। नॉर्थ कोरिया और साउथ कोरिया अपने इतिहास के सबसे बेहतरीन दौर से गुजर रहे हैं। न्यूक्लियर गतिरोध मामले को निपटाने के लिए दोनों के देशों के बीच अगले सप्ताह मीटिंग शुरू होने वाली है, लेकिन टेलीफोन हॉटलाइन सेवा शुरू हुई है। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ऑफिस ने कहा कि सियोल के ब्लू हाउस और प्योंगयांग के ताकतवर स्टेट अफैयर्स कमीशन के बीच सफलतापूर्वक हॉटलाइन सेवा शुरू हुई। इस मीटिंग के दौरान साउथ कोरिया राष्ट्रपति मून जेई-इन और नॉर्थ कोरियाई लीडर किम जोंग उन के बीच सीमा पर फेस-टु-फेस मुलाकात से पहले फोन पर बातचीत होगी।

साउथ कोरियाई अधिकारियों के मुताबिक, यह हॉटलाइन सेवा जारी रहेगी, जिससे सीमा पर गलतफहमियों की वजह से पैदा होने वाले तनाव को कम करने में मदद मिलेगी। साउथ कोरियाई प्रेसिडेंशियल ऑफिस से एक अधिकारी ने कहा, 'नॉर्थ कोरिया और साउथ कोरिया के बीच ऐतिहासिक डायरेक्ट फोन लाइन सेवा जल्द ही शुरू हो जाएगी।'
पिछले साल कोरियाई प्रायद्वीप में जबरदस्त तनाव के बाद, इस साल अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। अब तक दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच तीन बार द्विपक्षीय मुलाकात हो चुकी है। नॉर्थ कोरियाई सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने साउथ कोरियाई प्रतिनिधियों को प्योगंयांग में डिनर का दावत देकर, रिश्तों को सुधारने के संकेत दे चुके हैं। इससे पहले विंटर ओलंपिक गेम्स में नॉर्थ कोरिया का भाग लेना और किम जोंग उन की पहली विदेश (चीन) यात्रा ने कोरियाई प्रायद्वीप में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में पनप रहे न्यूक्लियर तनाव को कम करने के संकेत दिए हैं।
वहीं, मई के अंतिम या जून के पहले सप्ताह में अमेरिकी राष्ट्पति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग की मुलाकात होने वाली है। पॉलिटिकल विशेषज्ञ मानते हैं कि नॉर्थ कोरिया ने उस हथियार को डिवेलप कर दिया है, जो अमेरिका पर अटैक करने में सक्षम है, तभी से नॉर्थ कोरिया ने रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने के लिए मन बनाया है।












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