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HMPV Virus: चीन से खतरनाक वायरस कैसे पहुंचा भारत? कोरोना के दौरान हुई लापरवाही से भी नहीं सीखे सबक?

HMPV Virus India: एक आम नागरिक इसलिए निश्चिंत रहका है, क्योंकि देश में सरकार होती है और देश की सरकार के अधिकारियों के हाथों में लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है। विदेशों में क्या हो रहा है, इसकी जानकारी देश के आम लोगों के पास नहीं होती है, लेकिन एक सुबह लोग जब सोकर उठते हैं, तो पता चलता है, कि कोई विदेशी वायरस भारत में लैंड कर चुका है।

तो फिर ये गलती किसकी है?

ये सवाल हम इसलिए पूछ रहे हैं, क्योंकि कोरोना वायरस के दौरान लापरवाही बरती गई थी। बार बार लापरवाही की गई, और उसका नतीजा लाखों लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। फिर भी, चलिए मान लेते हैं, कि वो पहली बार था और गलती हो गई। लेकिन, क्या वैसी गलती बार बार होगी।

HMPV Virus India

हमारा सवाल बहुत साधारण सा है, चीन में फैला HMPV Virus आखिर भारत कैसे पहुंच गया है?

भारत में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस यानि HMPV वायरस का पहला मामला सोमवार (6 जनवरी) को सामने आया, जब कर्नाटक के बेंगलुरु में आठ महीने के बच्चे में यह वायरस पाया गया। लैब रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे का नमूना 2 जनवरी को बेंगलुरु के बैपटिस्ट अस्पताल में लिया गया था। इस बीच, कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने कहा है, कि उसने अपने प्रयोगशाला में नमूने की जांच नहीं कराई है। विभाग के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया है, कि "रिपोर्ट एक निजी अस्पताल से आई है और हमारे पास निजी अस्पताल के परीक्षणों पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है।"

राज्य स्वास्थ्य विभाग ने कहा है, कि शिशु और उसके परिवार का हाल ही में यात्रा का कोई इतिहास नहीं था। साथ ही, बच्चे में कोई चिंताजनक लक्षण भी नहीं दिखे। लिहाजा, सवाल उठ रहे हैं, कि अगर बच्चे या उसके परिजनों ने कोई हालिया यात्रा नहीं की है, तो फिर वो संक्रमित कैसे हुआ? क्या ये वायरस पहले ही भारत में फैल चुका है?

राज्य के अधिकारियों ने बेंगलुरु में एचएमपीवी मामले के बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भी सूचित किया है और संभवतः भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और केंद्रीय मंत्रालय दोनों से आगे के गाइडलाइंस का इंतजार कर रहे हैं।

HMPV वायरस भारत में कैसे आया? (How HMPV Virus spread in India?)

सवाल ये हैं, कि क्या जब चीन में ये वायरस फैल रहा था, उस वक्त चीन में मौजूद भारतीय अधिकारी उसपर नजर नहीं रख रहे थे? उन्होंने चीन में वायरस फैलने के साथ ही भारत को अलर्ट क्यों नहीं किया? और अगर अलर्ट किया, तो फिर सरकार की तरफ से एयरपोर्ट पर एहतियातन कदम क्यों नहीं उठाए गये?

अभी तक की जानकारी के मुताबिक, कोविड-19 की तरह ही, HMPV खांसी, छींकने और संक्रमित व्यक्तियों के साथ नजदीकी संपर्क में आने से फैलता है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, सांस लेने में कठिनाई, नाक बंद होना, खांसी, गले में खराश और सिरदर्द शामिल हैं। हालांकि, डॉक्टरों ने चेतावनी दी है, कि संक्रमण के परिणामस्वरूप कुछ रोगियों को ब्रोंकाइटिस या निमोनिया हो सकता है। यानि, मरीज के गंभीर होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

वर्तमान में, HMPV के लिए कोई टीका या प्रभावी दवा नहीं है, और उपचार मुख्य रूप से लक्षणों को कम करने पर केंद्रित है, जैसा कोरोना वायरस के फैलने के शुरूआती महीनों में किया गया था।

HMPV वायरस को कंट्रोल करने में संघर्ष कर रहा चीन? (How China struggling to control HMPV virus?)

चीन के उत्तरी प्रांतों में HMPV के मामलों में वृद्धि हुई है। इस तरह के प्रकोपों ​​को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने और उनका जवाब देने के लिए, चीन के रोग नियंत्रण अधिकारियों ने अज्ञात वायरस के हमले के लिए एक निगरानी प्रणाली लागू की है।

हाल ही में ऑनलाइन प्रसारित होने वाले वीडियो में चीनी अस्पतालों मे भारी संख्या में मरीजों को देखा गया है और अस्पतालों का हाल बेहाल था। अधिकारी, अत्यधिक संख्या में आए मरीजों को लेकर संघर्ष करते देखे गये हैं। कई लोग दावा करते हैं कि अस्पताल में भीड़भाड़ का कारण ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस या एचएमपीवी के कारण होने वाला संक्रमण का अचानक प्रकोप है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल ने शुक्रवार को बैठक से पहले कहा, "चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के प्रकोप के बारे में खबरें चल रही हैं जो गंभीर हैं। एचएमपीवी एक सामान्य श्वसन वायरस है, जो सर्दी जैसे लक्षण पैदा करता है। कुछ लोगों को फ्लू जैसे लक्षण हो सकते हैं, खासकर बुजुर्गों और शिशुओं को। लेकिन यह कोई गंभीर या चिंताजनक बात नहीं है।"

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