हाईवे बंद, घरों में कैद लोग, चीन में दम घोंटू प्रदूषण से जनजीवन अस्तव्यस्त, बेपरवाह सरकार
चीन में भारी प्रदूषण की वजह से हाईवे बंद कर दिए गये हैं और दम घोंटू हवा की वजह से लोग घरों में रहने पर मजबूर हैं।
बीजिंग, नवंबर 05: प्रदूषण की वजह से चीन की राजधानी बीजिंग का बुरा हाल हो गया है और जहरीली हवा ने लोगों का दम घोंटना शुरू कर दिया है। बीजिंग में आज सुबह की स्थिति काफी खराब हो गई थी और सड़कों पर इतना ज्यादा प्रदूषण फैल चुका था कि, राजधानी में हाईवे को बंद कर दिया गया। बीजिंग के कई हिस्सों में विजिविलिटी 200 मीटर से भी कम हो गया था और आलम ये हो गया कि, कई घंटों तक लोग घर से बाहर नहीं निकले।

प्रदूषण के बाद अलर्ट जारी
चीन की राजधानी बीजिंग में सर्दी के मौसम की शुरूआत के साथ ही प्रदूषण को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है और राजधानी के करीब करीब हर इलाके में भारी प्रदूषण फैला हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदूषण को रोकने के लिए शहर के बाहरी इलाकों में मौजूद कारखानों को बंद करने की जरूरत थी और कई तरह की गतिविधियों को भी बंद करने की जरूरत थी, लेकिन चीन की सरकार ने ऐसा करने से मना कर दिया। ऐसे में शहर में इतना ज्यादा धुंआ भर गया कि लोगों के लिए गाड़ियां चलाना मुश्किल हो गया और हाईवे को बंद करने पर मजबूर होना पड़ा। रिपोर्ट के मुकाबिक, चीन के औद्योगिक क्षेत्र बीजिंद-तियानजिन-हेबेई क्षेत्र में अकसर पतझड़ और सर्दियों के दिनों में काफी ज्यादा धुंध फैल जाती है, जिससे लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है।

शीत लहर में स्थिति और खराब
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में स्थिति और भी ज्यादा बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है और उसके पीछे साइबेरिया से आने वाली शीत लहर होगी। शीत लहर बढ़ने की वजह से धुंध के साथ प्रदूषण के कण लोगों की मुसीबत को और भी ज्यादा बढ़ाएंगे। चीन के पर्यावरण मंत्रालय ने पिछले महीने कहा था कि, चीन का लक्ष्य मुख्य शहरों में इस साल सर्दियों में औसतन 4% की औसत से पीएम 2.5 के रूप में जाने जाने वाले खतरनाक, छोटे हवाई कणों की सांद्रता में कटौती करना है। बीजिंग में अमेरिकी दूतावास के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में PM2.5 का स्तर शुक्रवार को 234 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो काफी ज्यादा खतरनाक हवा का संकेत देती है।

प्रदूषण पर बेपरवाह चीन
भयानक प्रदूषण फैलने के बाद भी चीन में औद्योगिक कारखाने उसी तरह से चल रहे हैं और उसने पिछले हफ्ते जलवायु परिवर्तन को लेकर विश्व की सबसे बड़ी बैठक में साफ कर दिया कि, वो अपने विकास कार्यक्रम में कमी नहीं लाएगा। इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन में शिरकत करने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी नहीं गये थे, जिसके बाद पूरी दुनिया में यही संदेश गया है कि, जलवायु परिवर्तन को लेकर चीन लापरवाह है और उसे इन सब बातों से कोई फर्क नहीं पडता है।












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