Fact check: क्या व्लादिमीर पुतिन ने भारत को पैगंबर विवाद पर नसीहत दी है? क्या है वायरल ट्वीट की सच्चाई

भारत में पिछले 48 घंटों से सोशल मीडिया पर एक बयान जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हवाले से कहा गया है कि, पुतिन ने भारत को पैगंबर मोहम्मद के विवाद पर नसीहत दी है।

नई दिल्ली, जून 08: बीजेपी की निलंबित प्रवक्ता नुपूर शर्मा के इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद पर दिए गये बयान पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और इस्लामिक देश भी भारत के सामने अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। वहीं, दूसरे धर्मों से कट्टर दुश्मनी रखने वाले तालिबान और अलकायदा जैसे देशों ने भी भारत को नसीहत और चेतावनी दे दी है। लेकिन, इन सबके बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हवाले से एक बयान वायरल हो रहा है, जिसको लेकर दावे किए गये हैं, कि रूसी राष्ट्रपति ने भारत को पैगंबर के अपमान को लेकर नसीहत दी है।

भारत में वायरल हुआ बयान

भारत में वायरल हुआ बयान

भारत में पिछले 48 घंटों से सोशल मीडिया पर एक बयान जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हवाले से कहा गया है कि, पुतिन ने भारत को पैगंबर मोहम्मद के विवाद पर नसीहत दी है। इस वायरल मैसेज में कहा गया है कि, पैगंबर मोहम्मद ने पिछले गुरुवार को अपनी सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत को इस्लाम और मुसलमानों के ऊपर बड़ी सलाह दी है और कहा है कि, 'पैगंबर मोहम्मद का अपमान मजहबी आजादी का उल्लंघन है।' इस संदेश में आगे रूसी राष्ट्रपति के हवाले से कहा गया है कि, 'पैगंबर का अपमान इस्लाम को मानने वाले लोगों की आस्था को चोट पहुंचाता है।'

भारत में लोग धड़ाधड़ कर रहे शेयर

भारत में लोग धड़ाधड़ कर रहे शेयर

व्लादिमीर पुतिन का ये कथित बयान भारत में ट्विटर और फेसबुक समेत तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बीते दो दिनों से वायरल हो रहा है और कई हस्तियों ने भी इस ट्वीट को शेयर किया है और भारत सरकार पर इस ट्वीट के जरिए निशाना साधने की कोशिश की है। साउथ एशियन जर्नल नाम के एक ट्वीटर पेज से पुतिन के बयान को डाला गया है, जिसमें वो सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद के साथ दिख रहे हैं। इस तस्वीर में पुतिन को कोट करते हुए लिखा गया है कि, 'पैगंबर मोहम्मद का अपमान धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है, जो इस्लाम में विश्वास रखते हैं।'

वेरिफाइड अकाउंट से भी हुए ट्वीट

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बयान को संयुक्त अरब अमीरात की एक पत्रकार ने भी ट्वीट किया है। हैंड एफक्यू नाम के एक ट्वीटर अकाउंट से, जिसके प्रोफाइल में जर्नलिस्ट होने की बात लिखी गई है, उसमें भी पुतिन के बयान के हवाले से ट्वीट किया गया है और एक तरफ से भारत को धमकाने भरे लहजे में लिखा गया है, कि 'क्या नागरिक, कंपनियां और देश, डेढ़ अरब मुसलमानों के गुस्से को झेल पाएंगे, सिर्फ इसलिए, क्योंकि उन्होंने अपनी असहिष्णुता को चीख कर कहने की स्वतंत्रता को चुना है।' अलग अकाउंट से राष्ट्रपति पुतिन के हवाले को लेकर ये ट्वीट 50 हजार से ज्यादा बार ट्वीट किया जा चुका है।

तामिलनाडु के कांग्रेसी नेता भी किया ट्वीट

रूसी राष्ट्रपति के इस वायरल ट्वीट को तामिलनाडु के कांग्रेसी नेता डॉ. असलम बाशा ने भी ट्वीट किया है और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, पीएमओ इंडिया, नरेन्द्र मोदी, अमित शाह को टैग किया है। कांग्रेसी नेता के इस ट्वीट को कई लोगों ने री-ट्वीट किया है, वहीं कई लोगों ने इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया भी दी है।

क्या है ट्वीट की असलियत?

क्या है ट्वीट की असलियत?

वन इंडिया ने राष्ट्रपति पुतिन के नाम से वायरल हो रहे इस ट्वीट की पड़ताल की है और हमने जानने की कोशिश की, कि क्या वाकई रूसी राष्ट्रपति ने भारत को नसीहत देने की कोशिश की है। हमारी पड़ताल में पता चला, कि रूसी राष्ट्रपति के हवाले से जो बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, वो पूरी तरह से झूठे और भ्रामक हैं। असलियत ये है, कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को किसी तरह से संबोधित नहीं किया है और नाही भारत को नसीहत देने की कोशिश की है।

क्या पुतिन ने इस्लाम पर बात कही है?

क्या पुतिन ने इस्लाम पर बात कही है?

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस्लाम को लेकर बयान जरूर दिया है, लेकिन उनका संदर्भ ना ही भारत को लेकर था और ना ही पुतिन का बयान अभी का है। दरअसल, रूसी राष्ट्रपति का ये बयान पिछले साल 23 दिसंबर 2021 का है, जब उनसे एक सलाना प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फ्रांसीसी मैग्जीन शार्ली हेब्दो और इस्लाम विवाद को लेकर सवाल पूछा गया था। उस वक्त पुतिन ने कहा था कि, 'पैगंबर मोहम्मद का अपमान धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है और ऐसे करने से इस्लाम के अनुयायियों की धार्मिक भावना को चोट पहुंचता है।' यानि, रूसी राष्ट्रपति का बयान भारत से किसी भी तरह से संबंधित नहीं है, लिहाजा भारत के संदर्भ में वायरल हो रहा पुतिन का बयान भ्रामक है और रूसी राष्ट्रपति ने बीजेपी की निलंबित प्रवक्ता नुपूर शर्मा के पैगंबर पर दिए गये विवादित बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पुतिन-सलमान की तस्वीर कब की है?

पुतिन-सलमान की तस्वीर कब की है?

आपको बता दें कि, रूसी राष्ट्रपति पुतिन और सऊदी किंग सलमान की जो तस्वीर वायरल हुई है, वो भी काफी पुरानी है और ये तस्वीर अक्टूबर 2019 की है, जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने सऊदी अरब का दौरा किया था। हमने अपनी पड़ताल में पाया है, कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत और पैगंबर मोहम्मद को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वो पूरी तरह से गलत है।

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