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हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रेसीडेंट ने मांगी माफी, अमेरिकी संसद में खुलेआम दिखाई थी हमास के लिए हमदर्दी

हार्वर्ड विश्वविद्यालय की अध्यक्ष क्लॉडाइन गे ने अमेरिकी संसद में दी गई अपनी गवाही के लिए हो रही भारी आलोचना के बाद आखिरकार माफी मांग ली है। गे ने कांग्रेस में एक गवाही दी थी जिसे हमास का समर्थन माना जा रहा था।

मंगलवार को प्रोफेसर क्लॉडाइन गे से पूछा गया था कि क्या यहूदियों के खिलाफ "नरसंहार" का आह्वान हार्वर्ड की आचार संहिता का उल्लंघन करता है, जिस पर उन्होंने सीधे तौर पर सकारात्मक जवाब नहीं दिया था, बल्कि कहा था कि यह "संदर्भ" पर निर्भर करता है।

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गौरतलब है कि 7 अक्टूबर, 2023 को इजराइल पर हमास के हमले के बाद अमेरिका के कई विश्वविद्यालयों में छात्रों ने इसका जश्न मनाया था। इस दौरान कई छात्रों ने यहूदियों के विरोध में नारे लगाए थे और यहूदी छात्रों को परेशान भी किया गया था। इतना ही नहीं हार्वर्ड के छात्रों ने तो हमास के समर्थन में एक प्रेस रिलीज भी जारी किया था।

इसके बाद अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में 5 दिसम्बर को सुनवाई हुई, जिसमें 'कैम्पस के नेताओं को जिम्मेदार ठहराए जाने और यहूदी विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देने' को लेकर सुनवाई हुई।

इस दैरान हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष क्लॉडाइन गे सहित मैसाचुएट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (MIT) की अध्यक्ष सैली कोर्नब्लथ और पेन (Penn) विश्वविद्यालयों की अध्यक्ष एलाबेथ मैगिल को सुनवाई में बुलाया गया था।

इस दौरान इन तीनों से यूनिवर्सिटी कैम्पस में यहूदियों के नरसंहार के नारे लगाए जाने की निंदा करने को कहा गया तो इससे इन्होंने मना कर दिया। उनका कहना था कि उनके विश्वविद्यालयों के नियमों के अंतर्गत यह गलत नहीं है। इसलिए वह इसको गलत नहीं ठहराएंगी।

इस सुनवाई के दौरान तीनों प्रोफेसरों से प्रश्नों का साफ-साफ 'हां' या 'ना' में जवाब देने को कहा कि यहूदियों के नरसंहार के नारे लगाना उनके विश्वविद्यालयों के नियमों के अनुसार उत्पीड़न है या नहीं। लेकिन, यह तीनों ही स्पष्ट जवाब देने से बचती रहीं और इधर-उधर घुमा कर उत्तर दिया।

क्लॉडाइन गे से जब पूछा गया कि क्या उन्हें इस बात की जानकारी थी कि यूनिवर्सिटी में यहूदियों के नरसंहार का आह्वान किया जा रहा था। इसके जवाब में वह कहती हैं कि उन्हें इसकी जानकारी थी। क्लाउडिन इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताया था।

हार्वर्ड प्रोफेसर का बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया जिसके बाद क्लाउडिन को माफी मांगनी पड़ी। एक इंटरव्यू में उन्होंने इसके लिए माफी मांगी है। उन्होंने कहा, "उस समय ऐसी स्थिति बन गई थी कि मुझसे जो बन पड़ा मैंने वो कह डाला। मैं यह बताने में असफल रही कि मेरी सच्चाई क्या है। इससे मैं दुखी हूं।"

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