Hamas: याह्या सिनवार से खालिद मेशाल तक: इस्माइल हानिया की हत्या के बाद कौन संभालेगा हमास की कमान
Hamas News: हमास के पॉलिटिकल प्रमुख इस्माइल हानिया की हत्या के बाद फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास का नया नेता कौन होगा, अब उसकी तलाश तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, हमास ने इस्माइल हानिया के उत्तराधिकारी की तलाश तेज कर दी है।
हमास को नया नेता उस वक्त चुनने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जब 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजराइल पर किए गये हमास के हमले के बाद इजराइल ने खतरनाक पलटवार किया और पिछले कई महीनों से गाजा में खतरनाक लड़ाई जारी है, जिसमें हमास के कई बड़े नेता मारे जा चुके हैं।

कतर में रहने वाले और 2017 से हमास के राजनीतिक प्रमुख रहे हानिया की ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के दौरान एक सुरक्षित घर पर सुबह-सुबह हमले के दौरान हत्या कर दी गई थी।
हमास का नया नेता कौन बनेगा?
इस्माइल हानिया की मौत ने पहले से ही अस्थिर हमास में एक नाटकीय मोड़ ला दिया है। हमास के सदस्य कट्टरपंथियों और उदारवादी जुड़ाव की ओर झुकाव रखने वालों के बीच गहराई से विभाजित हो गया है। हमास के कुछ सदस्य एक व्यावहारिक दृष्टिकोण की ओर झुक रहे हैं, जो अप्रत्यक्ष रूप से इजरायल के अस्तित्व के अधिकार को स्वीकार करता है, लेकिन हमास के ज्यादातर लोग फिलिस्तीनी राज्य के लिए संघर्ष के प्रति अपने अड़ियल रवैये पर अडिग हैं, जिसका मकसद हथियारों के दम पर इजराइल के अस्तित्व को खत्म करना और नये फिलीस्तीन की स्थापना करना है।
हमास के एक सूत्र ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, कि इसके अगले नेता को चुनने में "अरब और इस्लामी देशों के साथ संबंधों" को भी ध्यान में रखा जाएगा।
हमास के अगले संभावित राजनीतिक नेता के रूप में बताए जाने वाले कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के बारे में हम आपको बता रहे हैं।

खलील अल-हय्या
गाजा में हमास के राजनीतिक ब्यूरो के उप प्रमुख खलील अल-हय्या हमास एक प्रमुख व्यक्ति हैं, जिनके बारे में कहा जाता है, कि वे इस क्षेत्र में समूह के नेता याह्या सिनवार के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं। 2006 में उन्होंने हमास के संसदीय गुट का नेतृत्व किया था, जिसने उस वक्त गाजा में एकतरफा चुनाव जीता था। अगले कुछ महीनों में राजनीतिक और प्रशासनिक कलह ने इस्लामवादी आंदोलन और फतह, फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास की पार्टी के बीच मतभेद की शुरुआत को चिह्नित किया।
खलील अल-हय्या, इजराइल को हथियारों की बदौलत जितने की मानसिकता रखते हैं, लेकिन सवाल ये है, कि क्या ये मुमकिन है? साल 2007 में जब इजराइल ने उत्तरी गाजा में भीषण हमला किया था, तो उसमें खलील अल-हय्या के परिवार के कई सदस्य मारे गये थे।
मूसा अबू मरज़ुक
हमास के राजनीतिक ब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य, मरज़ुक को डिप्लोमेसी के लिए अपने व्यावहारिक नजरिए के लिए जाना जाता है, जो इस्माइल हानिया के समान है। उदाहरण के लिए, उन्होंने इजराइल के साथ "दीर्घकालिक युद्धविराम" की वकालत की है और 1967 के अरब-इजरायली युद्ध के बाद स्थापित फिलिस्तीनी सीमाओं को स्वीकार करने का समर्थन किया है। हालांकि, यह रुख हमास के भीतर विवादास्पद बना हुआ है।
1990 के दशक में, मूसा अबू मरज़ुक संयुक्त राज्य अमेरिका में रहते थे, जहां उन्हें आंदोलन की सशस्त्र शाखा के लिए धन जुटाने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद, वह जॉर्डन, मिस्र और कतर में निर्वासन में रहे। उन्हें पहले से ही हमास नेताओं के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में माना जाता हा है, लेकिन अब तक उन्हें सफलता नहीं मिली है।
खालिद मेशाल
हानिया के पहले खालिद मेशाल ही हमास के पॉलिटिकल चीफे थे, जो 1967 से जॉर्डन, कतर, सीरिया और अन्य देशों में निर्वासन में रह रहे हैं। इजरायल ने जब हमास के संस्थापक अहमद यासीन और उनके उत्तराधिकारी अब्देलअज़ीज़ अल-रंतिसी की हत्या कर दी, तो उसके बाद वे हमास का नेतृत्व करने के लिए आगे आए थे।
1997 में, मेशाल अम्मान में उनकी हत्या की कोशिश की गई थी और इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद ने उन्हें जहर दे दिया था, लेकिन उनकी जान बच गई थी। सीरिया में रहते हुए, उन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के हिंसक दमन के लिए दमिश्क शासन की आलोचना की, जिसके कारण ईरान, जो सीरिया का रणनीतिक सहयोगी और हमास का प्रमुख समर्थक है, उनके साथ तनाव पैदा हो गया।

याह्या सिनवार
याह्या सिनवार, जिसे फरवरी 2017 में गाजा पट्टी में हमास का नेतृत्व करने के लिए चुना गया था, वो अपने कट्टरपंथी विचारधारा के लिए जाना जाता है और उस पर 7 अक्टूबर के हमले का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। 61 साल के याह्या सिनवार का संघर्ष का लंबा इतिहास रहा है, और उसने 23 साल इजरायली जेलों में बिताए हैं और वो 2011 में कैदी एक्सचेंज के तहत रिहा किया गया था।
गाजा पट्टी के खान यूनिस में जन्मा सिनवार 1987 में हमास में शामिल हुआ था और उसी साल हमास की स्थापना पहले इंतिफादा के दौरान हुई थी। उसने हमास की आंतरिक सुरक्षा सेवा मज्द की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अल-क़स्साम ब्रिगेड के पूर्व कमांडर सिनवार को इजरायल ने वांटेड घोषित कर रखा है और अमेरिका ने भी उसे वांटेड आतंकवादियों की लिस्ट में रखा हुआ है। 7 अक्टूबर के हमले के बाद से, वो छिपा हुआ है और अभी तक किसी भी कार्यक्रम मे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।












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