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जर्मनी ने शुरू की दुनिया की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन, इसकी खासियत जान रह जाएंगे दंग

जर्मनी ने बुधवार को दुनिया की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का उद्घाटन किया। यह ट्रेन एलस्टॉम एसए (Alstom SA) द्वारा बनाई गई है। यह हाइड्रोजन ट्रेन प्रदूषण नहीं फैलातीं और बिल्कुल कम शोर करती हैं।

बर्लिन, 25 अगस्तः जर्मनी ने बुधवार को दुनिया की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का उद्घाटन किया। यह ट्रेन एलस्टॉम एसए (Alstom SA) द्वारा बनाई गई है। यह हाइड्रोजन ट्रेन प्रदूषण नहीं फैलातीं और बिल्कुल कम शोर करती हैं। ये ट्रेन सिर्फ भाप और वाष्पित पानी का उत्सर्जन करती हैं। जापान में भी हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों का ट्रायल शुरू हो चुका है। आने वाले समय में यह देश भी हाइड्रोजन फ्यूल वाली ट्रेने शुरू करने वाला है।

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साभार- एल्सटॉम ट्विटर

सीएनएन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस पहल के साथ, सरकार पर्यावरण के अनुकूल यात्रा के लिए दरवाजे खोल रही है। हाइड्रोजन से चलने वाली इन ट्रेनों ने 100 किमी रेंज का रेलवे क्षेत्र संभालेंगे। जो हैम्बर्ग के पास कुक्सहेवन, ब्रेमरहेवन, ब्रेमेरवोर्डे और बक्सटेहुड शहरों को जोड़ती है। इस परियोजना में एल्बे-वेसर रेलवे और ट्रांसपोर्ट बिजनेस भी शामिल है जो ट्रेनों को चलाने के लिए जिम्मेदार होगा। एक समाचार एजेंसी ने बुधवार को लोअर सैक्सोनी, एलएनवीजी के स्थानीय परिवहन प्राधिकरण के हवाले से कहा कि, "फ्रांसीसी निर्माता एल्सटॉम द्वारा उत्पादित हाइड्रोजन ईंधन सेल ड्राइव वाली 14 ट्रेनें डीजल ट्रेनों की जगह लेंगी।" नई ट्रेनों में से पांच पहले से ही परिचालन में हैं, जबकि अन्य इस साल के अंत तक चलने वाली हैं।

एक टैंक पर दिन भर चलेगी ट्रेन

सीएनएन के अनुसार, परियोजना की कुल लागत लगभग 93 मिलियन यूरो है। एलएनवीजी ने कहा कि, दो साल के परीक्षण संचालन के दौरान, दो प्री-सीरीज ट्रेनें बिना किसी समस्या के चलीं। लोअर सैक्सोनी के मंत्री स्टीफन वेइल ने कहा, "यह परियोजना दुनिया भर में एक रोल मॉडल है। नवीकरणीय ऊर्जा की स्थिति के रूप में, हम इस प्रकार परिवहन क्षेत्र में जलवायु तटस्थता के मार्ग पर एक मील का पत्थर स्थापित कर रहे हैं।" एलस्टॉम ने एक बयान में कहा, कोराडिया आईलिंट उत्सर्जन मुक्त हाइड्रोजन ईंधन सेल ट्रेनों की रेंज 1,000 किमी है, जिससे वे हाइड्रोजन के सिर्फ एक टैंक पर दिन भर चलने में सक्षम हैं। एल्स्टॉम के सीईओ हेनरी पॉपार्ट-लाफार्ज ने एक बयान में कहा, "एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने के लिए उत्सर्जन मुक्त गतिशीलता सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक है।"

भविष्य में और डीजल ट्रेन नहीं खलेगा देश

एलएनवीजी के अनुसार, ट्रेनें 1.6 मिलियन लीटर डीजल की बचत करेंगी और इस तरह प्रति वर्ष सीओ2 उत्सर्जन में 4,400 टन की कमी करेंगी। जर्मनी का लक्ष्य 1990 के स्तर की तुलना में 2030 तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को 65 प्रतिशत तक कम करना है। बतादें कि सिर्फ एक किलोग्राम हाइड्रोजन ईंधन लगभग 4.5 किलोग्राम डीजल ईंधन के बराबर होता है। ट्रेन की अधिकतम गति 140 किमी प्रति घंटा है। एलएनवीजी के प्रवक्ता डिर्क अल्टविग ने सिन्हुआ को बताया, "हम भविष्य में और डीजल ट्रेनें नहीं खरीदेंगे।" उपयोग में आने वाली अन्य पुरानी डीजल ट्रेनों को बाद में बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी को अभी यह तय करना है कि हाइड्रोजन या बैटरी से चलने वाली ट्रेनों का संचालन किया जाए या नहीं।

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