जॉर्ज फ्लॉयड के हत्यारे पूर्व पुलिस अधिकारी को मिली सजा, सड़क पर घुटने से गर्दन दबाकर कर दी थी हत्या

इस आंदोलन की गूंज न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया में सुनाई दी। अमेरिका में ट्रम्प की सरकार गिरने में इस आंदोलन की भी भूमिका बताई जाती है।

Ex-cop J Alexander Kueng

Image: PTI

अमेरिका में अफ्रीकी मूल के जॉर्ज फ्लॉयड की पीठ को घुटने से दबाने वाले मिनियापोलिस के पूर्व पुलिस अधिकारी जे एलेक्जेंडर क्वेंग को शुक्रवार को साढ़े तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई। क्वेंग ने 25 मई 2020 को फ्लॉयड की पीठ को अपने घुटने से दबा दिया था। ठीक इसी दौरान एक अन्य पुलिसकर्मी डेरेक शॉविन ने फ्लॉयड की गर्दन पर अपना घुटना रखे हुए था। ऐसे में फ्लॉयड सांस नहीं ले पाया और दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई थी।

अपराध किया स्वीकार

अपराध किया स्वीकार

एलेक्जेंडर क्वेंग को अक्टूबर में सेकंड डिग्री हत्या के लिए उकसाने और उसमें सहयोग देने का दोषी करार दिया गया था। वह फ्लॉयड के नागरिक अधिकारों का उल्लंघन करने के लिए पहले से ही सजा काट रहा है। उसे ओहायो की एक जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान उसने स्वीकार किया था कि उसने फ्लॉयड की पीठ को कसकर पकड़ रखा था और वह अपने अनुभव और पुलिस प्रशिक्षण की बदौलत जानता था कि हथकड़ी लगे व्यक्ति को इस स्थिति में पकड़े रहना उसके जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

देश में शुरू हुआ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

देश में शुरू हुआ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

जॉर्ज फ्लॉयड की मौत का वीडियो इंटरनेट पर आते ही वायरल हो गया। इसमें दिख रहा था कि दोनों पुलिस अधिकारियों को फ्लॉयड की गर्दन पर करीब 9 मिनट तक चढ़े हुए हैं। इस घटना की बड़े पैमान पर आलोचना हुई थी और ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन शुरू हुआ था। अमेरिका के शहरों में अश्वेतों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ लोग लामबंद हो गए। अमेरिका के ह्वाइट हाउस के पास भी प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की थी। इस आगजनी की वजह से तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को बंकरों में रहना पड़ गया था।

जॉर्ज के परिजनों ने जाहिर की खुशी

जॉर्ज के परिजनों ने जाहिर की खुशी

इस आंदोलन की गूंज न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया में सुनाई दी। अमेरिका में ट्रम्प की सरकार गिरने में इस आंदोलन की भी भूमिका बताई जाती है। अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति जो बाईडेन तब इस नस्लवाद की घटना को देश की आत्मा पर एक दाग बताया। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में नस्लवाद को लेकर हुई हिंसा में हर साल पुलिस की गोली से लगभग 1000 लोग मारे जाते हैं। वहीं सजा का ऐलान होन के बाद जॉर्ज के परिवार वालों ने खुशी जाहिर की है।

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