‘बर्दाश्त नहीं करेंगे...’ इजराइल के गाजा ग्राउंड ऑपरेशन पर भड़के पुतिन, कहा- तबाही मच जाएगी
बीते शनिवार को आतंकवादी संगठन हमास के इजराइल पर किए गए हमलों के बाद इजराइली सेना की ओर से गाजा में लगातार हमले जारी हैं। सेना हवाई हमलों के साथ ही गाजा शहर की घेराबंदी कर चुकी है और उसकी बिजली, पानी आदि बुनियादी जरूरतों की आपूर्ति बंद कर चुकी है।
इजरायल ने उत्तरी गाजा में रहे करीब 11 लाख लोगों को वह जगह छोड़ने की चेतावनी दी है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक हजारों लोग उत्तरी गाजा से दक्षिणी गाजा की ओर जा रहे हैं। गाजा के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों से हजारों लोग पैदल और अपनी कारों से दक्षिणी गाजा का तरफ जा रहे हैं।

इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भी बयान सामने आया है। व्लादिमिर पुतिन ने कहा कि गाजा पट्टी में अगर इजराइली फोर्सेज ग्राउंड ऑपरेशन करती हैं तो इससे जबरदस्त खून खराबा होगा और इससे बचना चाहिए। यही वक्त की जरूरत है।
पुतिन की ओर से यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब खुद उनका देश 24 फरवरी 2022 से युक्रेन के खिलाफ जंग लड़ रहा है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि आवासीय क्षेत्रों में भारी हथियारों का इस्तेमाल सभी पक्षों के लिए गंभीर परिणामों से भरा है। उन्होंने कहा, 'सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नागरिकों का हताहत होना बिल्कुल अस्वीकार्य होगा। अब मुख्य बात रक्तपात को रोकना है।'
इससे पहले बुधवार को पुतिन ने दक्षिणी इजराइल पर हमास के हमले से पैदा हुए संकट में 'अमेरिका की भूमिका' को लेकर उसकी आलोचना की थी। पुतिन ने इजराइल और फिलिस्तीन विवाद का ठीकड़ा अमेरिका पर फोड़ते हुए कहा था कि येपश्चिम एशिया में अमेरिकी नीति की विफलता को दर्शाता है।
पुतिन ने कहा कि अमेरिका ने शांति स्थापित करने के अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों पर "एकाधिकार" स्थापित करने की कोशिश की है। उन्होंने वाशिंगटन पर दोनों पक्षों को स्वीकार्य होने वाले समझौतों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।
पुतिन ने कहा कि अमेरिका ने फिलिस्तीनियों के हितों की अनदेखी की है। उन्होंने स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की आवश्यकता पर भी जोर दिया। हालांकि पुतिन ने वर्षों से मिडिल ईस्ट में शांति प्रक्रिया में रूस की अपनी भूमिका का उल्लेख नहीं किया।












Click it and Unblock the Notifications