G7 Summit: दुनिया के सात शक्तिशाली देशों ने लिया रूस के खिलाफ महासंकल्प, क्या होगी पुतिन की अगली चाल?
पिछले साल 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन के खिलाफ 'सैन्य अभियान' शुरू किया था और 15 महीने बीत जाने के बाद भी ये युद्ध अभी तक खत्म नहीं हुआ है।

G7 Summit in Japan: जापान के हिरोशिमा में आज से शुरू हुए जी7 नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन को नये सिरे से समर्थन देने और रूस के खिलाफ महासंकल्प लिया गया है।
जी7 के मंच से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है, कि "ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) के सदस्यों ने यूक्रेन के खिलाफ रूस के "अवैध, अनुचित, और अकारण युद्ध की आक्रामकता" के खिलाफ एक साथ खड़े होने की अपनी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की है।"
संयुक्त विज्ञप्ति में कहा गया है, कि सात देशों के समूह के नेता, यूक्रेन की मदद करने के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं और यूक्रेन की तब तक मदद की जाएगी, जब तक युद्ध चलता रहेगा, ताकि रूस की अवैध आक्रामकता का सामना करने में यूक्रेन को मदद मिले।
जी7 की बैठक में संकल्प
इसके साथ ही जी7 नेताओं ने परमाणु निरस्त्रीकरण और अप्रसार के प्रयासों को मजबूत करने का भी संकल्प लिया है। इसका मकसद एक परमाणु हथियार से मुक्त दुनिया का निर्माण करना है।
दुनिया से परमाणु हथियार हठाने का संकल्प जी7 नेताओं ने उस हिरोशिमा शहर में लिया है, जहां पर अमेरिका ने दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान परमाणु बम गिराया था, जिससे लाखों लोगों की मौत हो गई थी।
इसके साथ ही, G7 सदस्यों ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के चार्टर का उल्लंघन करने और यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए रूसी आक्रमण की भी निंदा की है।
बयान में आगे कहा गया है, कि पंद्रह महीने की रूस की आक्रामकता ने हजारों लोगों की जान ले ली है, यूक्रेन के लोगों को भारी पीड़ा दी है, और दुनिया के कई सबसे कमजोर लोगों के लिए भोजन और ऊर्जा तक पहुंच को खतरे में डाल दिया है।
आपको बता दें, कि जापान के हिरोशिमा में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भी पहुंचे हैं, जहां वो जी7 नेताओं से मिल रहे हैं।
बयान में कहा गया है, "रूस ने यह युद्ध शुरू किया है और इस युद्ध को रूस ही खत्म कर सकता है।" संयुक्त बयान में जी7 सदस्यों ने यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी मजबूत प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की कि यूक्रेन को आर्थिक सहायता की जरूरत है।
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संयुक्त बयान में कहा गया है, "जापान की जी7 अध्यक्षता के नेतृत्व में, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर, हमने सुनिश्चित किया है कि यूक्रेन को 2023 और 2024 की शुरुआत के लिए आवश्यक बजट समर्थन मिले।"
आपको बता दें कि जी-7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देश शामिल हैं और इस बार जी-7 की मेजबानी जापान कर रहा है, जबकि पिछले साल जर्मनी ने इसकी मेजबानी की थी।
साल 2020 अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी7 समूह को 'पुराना समूह' बताते हुए इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को शामिल करने की मांग की थी। कोविड की वजह से जी-7 के 46वें शिखर सम्मेलन को स्थगित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, कि G7 समूह पुराना हो चुका है, और अपने वर्तमान प्रारूप में यह वैश्विक घटनाओं का सही तरीके से प्रतिनिधित्व करने में सक्षम नहीं है।












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