G20 शिखर सम्मेलन में कौन-कौन नेता शामिल हो रहे हैं, 10 राष्ट्राध्यक्षों से होगी पीएम मोदी की मुलाकात
जी20 ग्रुप दुनिया की 80 प्रतिशत अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करता है और अगले साल भारत इसकी अध्यक्षता करेगा।
G20 Summit Bali: दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के नेता कल से बाली के इंडोनेशियाई रिसॉर्ट द्वीप पर जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए जमा हो रहे हैं, जिसमें सबसे गर्म मुद्दा यूक्रेन युद्ध रहने वाला है। दुनिया की करीब 80 प्रतिशत अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी जाएंगे और सबसे खास बात ये है, कि भारत के लिए जी20 शिखर सम्मेलन काफी खास होने जा रहा है, क्योंकि जी20 देशों का अगला अध्यक्ष भारत ही बनने वाला है और ऐसा पहली बार हो रहा है। ऐसे में आईये जानते हैं, कि जी20 शिखर सम्मेलन में इस बार कौन कौन से नेता शामिल हो रहे हैं और पीएम मोदी किन-किन नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे।

राष्ट्रपति बाइडेन होंगे शामिल
अमेरिका के नेता जो बाइडेन बाली में होने वाले शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं और यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद बाइडेन की कोशिश वैश्विक मंच पर अमेरिका की प्रतिष्ठा को एक बार फिर से स्थापित करने के साथ साथ रूस को अलग थलग करने की होगी। इस दौरान उन्हें यूरोपीय देशों का पूरा समर्थन हासिल होगा और उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी होने वाली है। व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है, कि बाइडेन और शी जिनपिंग के बीच सीधी बातचीत होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, मानवाधिकार, यूक्रेन और ताइवान जैसे कई मुद्दे हैं, जिनको लेकर दोनों नेताओं के बीच गरमा-गरम बहस हो सकती है।

शी जिनपिंग
पिछले महीने लगातार तीसरी बार चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का महासचिव बनने वाले और देश के सर्वशक्तिशाली नेता बनने के बाद ये पहला मौका है, जब शी जिनपिंग किसी वैश्विक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए बीजिंग से बाहर निकल रहे हैं। इस दौरान शी जिनपिंग के सामने मौका होगा, कि वो चीन की नई विदेश नीति के साथ दुनिया के सामने आ सकते हैं, जिसमें आक्रामकता की जगह डिप्लोमेसी को तरजीह दी जाएगी, या फिर वो चीन के और आक्रामक तस्वीर को दुनिया के सामने रख सकते हैं। जी20 शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ भी मुलाकात करेंगे।

सर्गेई लावरोव
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर वैश्विक नेताओं की सीधी आलोचना से बचने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस बार जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हो रहे हैं और उनकी जगह पर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोह अपनी टीम के साथ रूस का प्रतिनिधित्व करेंगे। हालांकि, क्रेमलिन ने अलग अलग कार्यक्रमों में पुतिन की व्यस्तता का हवाला दिया है। माना जा रहा है, कि सर्गेई लावरोव से वैश्विक मंच पर कई कठिन सवाल पूछे जा सकते हैं।

वलोडिमिर जेलेंस्की
हालांकि, यूक्रेन जी20 का सदस्य नहीं है, लेकिन यूक्रेनी राष्ट्रपति को इंडोनेशिया की तरह से कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विशेष निमंत्रण मिला है और वो शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। उनसे रूस के आक्रमण की कड़ी प्रतिक्रिया के लिए वैश्विक नेताओं की पैरवी करने की उम्मीद है। आपको बता दें कि, कार्यक्रम की अध्यक्षता करने वाले देश को अधिकार होता है, कि वो अपनी मर्जी से किसी गैर सदस्य देश को भी कार्यक्रम में आमंत्रित कर सकता है और यही वजह है, कि जी7 का सदस्य नहीं होने के बाद भी भारत को हर साल जी7 शिखर सम्मेलन में बतौर अतिथि देश आमंत्रित किया जाता है।

यूरोपीय संघ के नेता
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों जी20 शिखर सम्मेलन में यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व करने वाला सबसे बड़ा नाम होगा और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक भी होने की उम्मीद है। इसके साथ ही जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करेंगे, जबकि इटली का नेतृत्व दक्षिणपंथी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी करने वाली हैं। इसके साथ ही यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन और यूरोपीय परिषद के प्रमुख चार्ल्स मिशेल यूरोपीय संघ के प्रतिनिधित्व का समर्थन करेंगे।

ऋषि सुनक
ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भी जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए इंडोनेशिया के बाली शहर में पहुंचेंगे। ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मिलकर AUKUS समझौता करने वाले ब्रिटेन के लिए ये सम्मेलन काफी अहम है, क्योंकि देश आर्थिक संकट में फंसा हुआ है। वहीं, ऋषि सुनक इस दौरान अमेरिका,ऑस्ट्रेलिया और भारत के नेताओं के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठक भी कर सकते हैं। खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी मुलाकात काफी अहम होने वाली है और ऐसी रिपोर्ट है, पीएम मोदी के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर आखिरी समझौते की तरफ बात आगे बढ़ सकती है।

नरेन्द्र मोदी
एशियन पावरहाउस के नेता नरेन्द्र मोदी जी20 नेताओं की होने वाली बैठक की लिस्ट में सबसे ऊपर हैं, और इस दौरान पीएम मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और ब्रिटेन के नये प्रधामंत्री ऋषि सुनक के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। भारत के लिए इस साल का जी20 शिखर सम्मेलन कई मायनो में ऐतिहासिक भी है, क्योंकि इस साल इंडोनेशिया जी20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता भारत को सौंपेगा और भारत उस वक्त जी20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेगा, जब दुनिया आर्थिक संकट से जूझ रही होगी। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि अगले साल पूरी दुनिया आर्थिक मंदी की चपेट में रहेगा और उस वक्त भारत दुनिया की 80 प्रतिशत अर्थव्यवस्था वाले देशों के संगठन की अध्यक्षता करेगा।

जोको विडोडो
चूंकी इस साल जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी इंडोनेशिया कर रहा है, लिहाजा मेजबान जोको विडोडो के लिए इस साल का सम्मेलन काफी अहम है। जोको विडोडो जी20 के अध्यक्ष के रूप में लगभग सभी अतिथि नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। उन्होंने वैश्विक सहयोग और आर्थिक सुधार पर बैठक पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद जताई है, लेकिन यूक्रेन युद्ध, जिस पर जकार्ता तटस्थ है, वो इसपर कार्यवाही से आगे बढ़ गया है।

दुनिया के बाकी देश
इन नेताओं के अलावा G7 के सदस्य कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जापान का प्रतिनिधित्व उनके संबंधित प्रीमियर जस्टिन ट्रूडो, एंथोनी अल्बनीज और फुमियो किशिदा करेंगे। उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों के रिकॉर्ड के बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यूं सुक-योल भी बाली शिखर सम्मेलन में मौजूद होंगे। इनके अलावा सऊदी अरब क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी बैठक में शामिल होंगे। इनके अलावा तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा भी बैठक में हिस्सा लेंगे। इनके अलावा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस एक पर्यवेक्षक के रूप में जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।












Click it and Unblock the Notifications