G7 Meeting: परमाणु हमले में पूरी तरह तबाह हो गया था हिरोशिमा, आज 78 साल बाद शान से खड़ा
Hiroshima में अमेरिका ने परमाणु हमला किया था। आज ये शहर पूरी तरह से विकसित है, साथ ही दुनिया के ताकतवर नेताओं की मेजबानी कर रहा।

जापान के हिरोशिमा शहर में G-7 देशों की बैठक हो रही, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। करीब 78 साल पहले ये शहर पूरी तरह से तबाह हो गया था, लेकिन यहां के लोगों ने फिर से इसे मजबूती से खड़ा किया। आज ये शहर दुनिया के सबसे ताकतवर राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत कर रहा। आइए जानते हैं इसका इतिहास-
1945 में द्वितीय विश्वयुद्ध चल रहा था। कई जगहों पर मात खाने के बाद अमेरिका ने मानव इतिहास के सबसे भयानक हमले को अंजाम दिया, जहां 6 अगस्त को सुबह 8:15 पर अमेरिकी लड़ाकू विमान ने हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया।
इस बम का नाम 'लिटिल बाय' था, जिसमें 64 किलो यूरेनियम था। इसकी क्षमता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इससे 1 लाख 30 हजार लोगों की जान गई। इसमें 80 हजार लोग बम गिरने के 5 सेकेंड बाद ही मर गए थे। जिस इलाके में ये बम गिरा था, वहां पर 10 लाख डिग्री सेल्सियस की गर्मी थी।
क्यों गिराया था बम?
द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापान ने अमेरिका के पर्ल हार्बर पर हमला किया था। जिसमें उसके 8 जंगी जहाज तबाह हो गए। साथ ही 2400 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई। इस हमले का बदला लेने के लिए अमेरिका ने हिरोशिमा और नागासाकी पर हमला किया था। इस हमले के बाद जापान ने बिना किसी शर्त के समर्पण कर दिया और वहीं पर द्वितीय विश्वयुद्ध खत्म हुआ।
अब कैसा है हिरोशिमा का हाल?
जापान ने सरेंडर तो कर दिया, लेकिन वहां के लोगों ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने पूरी ताकत के साथ हिरोशिमा को फिर से बसाया और अब 78 साल बाद वो जापान के सबसे खूबसूरत शहरों में से एक है।
हिरोशिमा में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बना है, जहां से कई देशों की सीधी उड़ानें हैं। इसके अलावा वहां पर व्यवस्थित ट्रेन नेटवर्क है। वहां पर कई बड़े स्कूल और यूनिवर्सिटीज भी हैं, जहां दुनियाभर से लोग पढ़ने जाते हैं। यहां पर हिरोशिमा मेमोरियल और म्यूजियम भी बना है, जो आज भी लोगों को उस हमले की याद दिलाता है।












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