Friday the 13th: क्या सच में 13 तारीख वाला शुक्रवार मनहूस है? क्यों कहते हैं इसे मातम का दिन?
Friday the 13th: आज दिन शुक्रवार और तारीख 13 है, जिसे कि दुनिया में अशुभ माना जाता है। इसी वजह से यूरोप के देशों में आज के दिन को लोग मातम की तरह मनाते हैं। अब इसे मिथक कहें या मन का वहम या कुछ और, सदियों से लोग 13 तारीख वाले 'फ्राइडे' को अनलकी, मनहूस कहते आ रहे हैं, हालांकि इसके पीछे कई कारण बताए गए लेकिन किसी से भी पूरी तरह से ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर इस तारीख को अनलकी क्यों कहते हैं?

आपको बता दें कि इस नंबर का ना तो लोग यूरोप में फ्लैट खरीदते हैं और ना ही गाड़ी, यहां तक कि किसी होटल में अगर इस नंबर का कमरा होता है तो लोग उसे लेना भी पसंद नहीं करते हैं।
13 तारीख वाला शुक्रवार अशुभ है
विदेशी के कई शहरों में तो इमारतों में 13वां फ्लोर बनाया ही नहीं जाता है। क्योंकि इनके हिसाब से 13 तारीख वाला शुक्रवार यानी कि 'Friday the Thirteenth' अशुभ है। माना जाता है कि इस दिन कोई काम सही हो नहीं सकता और अगर आप इस दिन काम करेंगे तो वो विनाश का सूचक बनेगा।
जीसस क्राइस्ट को फ्राइडे को सूली पर लटकाया गया
दरअसल इसके पीछे कारण बताया जाता है कि 'जीसस क्राइस्ट' को फ्राइडे को सूली पर लटकाया गया था और इस दिन के एक रात पहले अंतिम भोज में 13 मेहमान शामिल थे इसलिए माना जाता है कि 13 नंबर और शुक्रवार जब भी मिलेंगे, वो अशुभ खबरें ही लेकर आएंगे।
बाइबल में भी शुक्रवार का जिक्र
तो वहीं बाइबल में भी इसका जिक्र किया गया है लेकिन वहां इसे शुभ और अशुभ नहीं कहा गया है लेकिन इसका वर्णन वहां पर दर्द और कष्ट के तौर पर हुआ है।
फ्रांस में इस दिन हुई थी भयंकर घटना
तो वहीं फ्रांस में 13 अक्टूबर 1307 को एक बड़ी दुर्घटना हुई थी, जिसमें काफी लोग मारे गए थे, इस दिन शुक्रवार भी था इसलिए फ्रांस में भी ये तारीख मनहूस है तो वहीं इंग्लैंड की एक स्टडी में बताया गया कि 13 तारीख के शुक्रवार के दिन ज्यादा हादसे होते हैं, हालांकि इसका कोई स्पष्ट प्रमाण तो नहीं है लेकिन इसी वजह से इस तारीख और दिन को लोग अनलकी कहते हैं।
वहीं घड़ी में भी 12 घंटे ही दिखाएं जाते हैं
अगर राशियों की बात करें तो वहां भी 12 नंबर यानी कि 12 राशियां ही आती हैं। गणित के हिसाब से 12 नंबर पूर्णांक है, साल में 12 महीने ही होते हैं तो वहीं घड़ी में भी 12 घंटे ही दिखाएं जाते हैं। 13 नंबर असंतुलन का मानक है इसी वजह से अशुभ कहा जाता है।
13 नंबर यानी कि त्रयोदशी का है
लेकिन वैदिक धर्म में इसके ठीक उलट होता है। हमारे यहां 13 नंबर को त्रयोदशी कहते हैं। त्रयोदशी का दिन भगवान शिव-पार्वती को समर्पित है और काफी शुभ तिथि है इसी वजह सावन और भादों के महीने में इस दिन महिलाएं सदा सुहागन रहने के लिए तीज का व्रत रखती हैं। महाशिवरात्रि माघ के 13वें दिन आती है और इसकी महिमा किसी से छिपी नहीं है।
13 दिन का श्राद्द होता है
तो वहीं किसी की मृत्यु होने पर 13 दिन का श्राद्द होता है, जो कि शुद्धता और शांति का मानक है। जबकि शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी का है, जिनकी पूजा करने से इंसान के धन-वैभव की प्राप्ति होती है।
थाई लोग 13 अप्रैल को अपना नववर्ष मनाते हैं
केवल हिंदू धर्म में ही नहीं बल्कि थाई लोग 13 अप्रैल को अपना नववर्ष मनाते हैं और इस वजह से ये दिन उनके लिए भी लकी है। जबकि मूलांक के मुताबिक 13 यानी कि 1+3 यानी कि 4 नंबर खुशी, संपन्नता और वैभव का प्रतीक है इसलिए यहां भी 13 नंबर शुभ है।












Click it and Unblock the Notifications