पुतिन पर नरम क्यों पड़े मैक्रों? बोले- हम रूस की तबाही नहीं चाहते, ऐसा सोचने वालों का साथ नहीं देंगे
नाटो के महासचिव जेन्स स्टोल्टनबर्ग ने कहा कि अगर पुतिन ये जंग जीत लेते हैं तो इससे उन्हें और दुनिया के दूसरे तानाशाह नेताओं को ये संदेश जाएगा कि वे ताकत के बलबूते कुछ भी हासिल कर सकते हैं।

File Image: PTI
जर्मनी के म्यूनिख शहर में सिक्योरिटी कांफ्रेंस को लेकर दुनिया भर के नेता जुटे हुए हैं। यूक्रेन-रूस जंग के एक साल पूरे होने से पहले इस तीन दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बयान दे दिया है जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। पुतिन के खिलाफ अपने बयानों को लेकर चर्चित रहे मैक्रों ने कहा कि यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में रूस की हार होनी चाहिए लेकिन उन्होंने रूस को पूरी तरह से बर्बाद करना गलत होगा।
जंग से नहीं निकलेगा समाधान
मैक्रों ने ये बात एक फ्रेंच न्यूज पेपर को दिए इंटरव्यू में कही हैं। फ्रांसीसी मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें यकीन है कि इस युद्ध का समाधान जंग से कभी नहीं निकलेगा। इस इंटरव्यू में मैक्रों ने उन लोगों की भी आलोचना की जो रूस को पूरी तरह से बर्बाद करने के लिए जंग को आगे बढ़ाना चाहते हैं। मैक्रों ने कहा, मैं ज्यादातर लोगों की तरह ये नहीं सोचता हूं कि हमें रूस में घुसकर वहां हमला कर देना चाहिए।
रूस से शांतिवार्ता का वक्त नहीं
मैक्रों ने कहा कि कुछ लोगों का मकसद ही रूस को तबाह कर देना है, लेकिन फ्रांस की कभी ये पॉजिशन नहीं रही है। हालांकि मैक्रों ने यह भी कहा कि ये वक्त रूस से शांतिवार्ता का नहीं है। अभी पूरा जोर यूक्रेन को बचाने पर होना चाहिए। सम्मेलन में भाग लेने वालों में से अधिकांश- राष्ट्राध्यक्षों और मंत्रियों से लेकर राजनयिकों और जासूसों तक- यूरोप या अमेरिका से थे, जिनमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और लगभग 30 यूरोपीय सरकार के प्रमुख शामिल थे। इस सम्मेलन में किसी रूसी अधिकारी को आमंत्रित नहीं किया गया था।
रूस के अपराध मानवता के खिलाफ-कमला हैरिस
म्यूनिख सिक्योरिटी काउंसिल में पहुंची अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने रूस पर मानवता के खिलाफ अपराध करने के आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रूस ने यूक्रेन में जो कुछ भी किया है उस पर हमने सारे सबूतों की जांच की है। हमें कोई शक नहीं कि ये मानवता के खिलाफ किए गए अपराध हैं। रूस की सेना ने यूक्रेनी लोगों की हत्या की और उन्हें टॉर्चर किया। इस दौरान ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक रूस पर हमलावर रहे। सुनक ने कहा कि क्रेन के दीर्घकालिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अब सबसे उन्नत हथियार भेजने की जरूरत है।
ऋषि सुनक ने पुतिन को ललकारा
सुनक ने कहा कि जब जंग शुरू हुई थी उस दौरान पुतिन को लगा था कि वो हमारा संकल्प तोड़ देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ हमने उन्हें गलत साबित किया। हम उसे फिर से गलत साबित करेंगे। साथ ही सुनक ने दूसरे देशों को भी हथियार देकर यूक्रेन की मदद करने को कहा। उन्होंने नाटो से भी यूक्रेन के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी मुहैया करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए है।
यूरोप के बाद एशिया की बारी
वहीं नाटो के महासचिव जेन्स स्टोल्टनबर्ग ने कहा कि अगर पुतिन ये जंग जीत लेते हैं तो इससे उन्हें और दुनिया के दूसरे तानाशाह नेताओं को ये संदेश जाएगा कि वे ताकत के बलबूते कुछ भी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि रूस को ऐसा यूरोप चाहिए जो उसके इशारे पर चल सके। उन्होंने चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि रूस की क्या दशा होती है इस पर चीन की भी नजर है। आज जो यूरोप में हो रहा है कल को एशिया में भी हो सकता है।












Click it and Unblock the Notifications