Indian and UK Trade deal: भारत और बिट्रेन के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, इससे क्या बदलेगा?
India and UK Trade deal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा की। इस दौरान उन्होंने भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए। यह एग्रीमेंट दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को एक नया आयाम देगा। भारत और बिट्रेन के बीच हुए समझौते को ब्रिटिश अर्थव्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण बूस्ट माना जा रहा है। इसके साथ ही भारत को भी इससे फायदा होगा।
भारत और बिट्रेन के बीच ये समझौता ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनान्ड ट्रंप लगातार दुनिया भर के कई देशों पर टैरिफ बम फोड़ रहे हैं। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हुए इस समझौते के तहत वस्तुओं और सेवाओं में व्यापार के लिए नए नियम निर्धारित किए गए और ऐसे प्रावधान किए गए जिससे ब्रिटेन में इंडियन प्रोफेशनल्स, लेबर्स और दाेनों देशो को व्यापार में फायदा होगा।

एग्रीमेंट में यूके के मौजूदा बिजनेस मोबिलिटी रूट्स के तहत भारतीय नागरिकों के लिए पहुंच सुरक्षित है, जैसे कि शार्ट टर्म बिजनेस विजिटर, इंट्रा-कॉर्पोरेट ट्रांसफरी (ICT), कॉन्ट्रैक्ट सर्विस सप्लायर और इडिंपेंडेंट प्रोफेशनल, ये कैटेगरी जो पहले यूके पॉलिसी निर्णयों द्वारा शासित थीं, उन्हें अब FTA के तहत लीगल सुरक्षा प्राप्त होगी।
ब्रिटेन में रोजगार के नए अवसर
भारत के साथ हुए इस FTA को ब्रिटेन, यूरोपीय यूनियन से अलग होने के बाद सबसे महत्वपूर्ण समझौता मान रहा है। उनका मानना है कि इस समझौते से ब्रिटेन में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, खासकर इंजीनियरिंग, टेक्नीशियन, एयरोस्पेस और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में। ब्रिटेन का मानना है कि इस समझौते से ब्रिटिश युवाओं के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
भारत को क्या होगा फायदा?
इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत दोनों देशों के बीच व्यापार पर लगने वाले टैक्स और टैरिफ को कम या खत्म किया जाएगा। भारत से निर्यात होने वाले 99% सामान और सेवाओं पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा, जिसे ड्यूटी फ्री ट्रेड भी कहा जाता है। इसी तरह, ब्रिटेन से भारत में आने वाली व्हिस्की, कारें और अन्य उत्पादों पर भी कम से कम टैक्स लगेगा। भारत दुनिया में स्कॉच व्हिस्की का सबसे बड़ा खरीदार है। इंपोर्ट ड्यूटी कम होने से भारत में स्कॉच व्हिस्की का आयात बढ़ेगा और यह कम कीमत पर उपलब्ध होगी।
भारत में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
यह एग्रीमेंट भारत के विभिन्न इंडस्ट्रीज को नई ताकत देगा। टेक्सटाइल और कपड़ा उद्योग पर पहले ब्रिटेन 12% टैक्स लगाता था, लेकिन अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे भारत, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ेगा और भारत में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसी तरह, लेदर और जूते-चप्पल के उद्योग पर पहले 16% टैक्स लगता था, जो अब खत्म हो गया है।
जानिए और क्या-क्या होगा फायदा
- इंडियन बिजनेस विजिटर्स जो मीटिंग, ट्रेड फेयर या परामर्शों के लिए यात्रा कर रहे हैं, उनके अधिकारों को समझौते के तहत सुरक्षित किया जाएगा, जो भविष्य में यूके की पॉलिसी बदलावों को इन प्रावधानों को मनमाने ढंग से उलटने से रोकेगा।
- FTA एक नया वीजा पेश करता है जो प्रति वर्ष 1,800 भारतीय प्रोफेशनल्स को यूके के कल्चरर और वेलफेयर सेक्टर में काम करने की मौका मिलेगा। जिसमें शेफ,योगा ट्रेनर और भारतीय शास्त्रीय संगीतकार शामिल हैं।
- आईटी, इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर जैसी फील्ड में इडिंपेंडेंट प्रोफेशनल और सर्विस प्रोवाइडर को FTA के तहत यूके में 12 महीने तक काम करने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, आवेदकों को पात्र होने के लिए अभी भी यूके के इमिग्रेशन की शर्तो को पूरा करना होगा, जिसमें वेतन सीमा और दस्तावेज़ शामिल हैं।
- इंट्रा-कॉर्पोरेट ट्रांसफरी (ICT) की पुष्टि की गई है, जिससे भारतीय कंपनियों के वरिष्ठ कर्मचारियों और ग्रेजुएट ट्रेनीज को तीन साल तक यूके में रहने की अनुमति मिलती है, जिसमें विस्तार की संभावना है।
- भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से वस्त्र और ड्रेस में, टैरिफ में कमी से लाभ होने की उम्मीद है। वेल्स्पन इंडिया, अरविंद लिमिटेड, रेमंड और वर्धमान जैसी फर्मों को यूके के बाजार में टेक्स फ्री होने से लाभ हो सकता है।












Click it and Unblock the Notifications