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फ्रांस ने सीरियाई राष्ट्रपति के खिलाफ जारी किया गिरफ्तारी वारंट, क्या असद को गिरफ्तार कर पाएंगे मैक्रों?

फ्रांस ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद, उनके भाई माहेर अल-असद और दो अन्य अधिकारियों के लिए गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है। ये वारंट सीरिया में नागरिकों के खिलाफ प्रतिबंधित रासायनिक हथियारों के कथित इस्तेमाल को लेकर जारी किया गया है।

CNN के मुताबिक, अगस्त 2013 में सीरिया के दउमा और पूर्वी घोउटा जिले में केमिकल अटैक की आपराधिक जांच के मामले में वहां के राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया है। दस साल पहले हुए इस हमले में एक हजार से अधिक लोग मारे गए थे।

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सीरियाई सरकार पर दमिश्क के उपनगर घोउटा में जहरीली गैस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था, जो उस समय विद्रोहियों का गढ़ था और शासन एक साल से अधिक समय से इसे वापस लेने की सख्त कोशिश कर रहा था।

सीरियाई मानवाधिकार वकील और सीरियन सेंटर फॉर लीगल स्टडीज एंड रिसर्च के संस्थापक अनवर अल-बुन्नी ने CNN को बताया कि यह निर्णय "अभूतपूर्व" था। ऐसा माना जाता है कि यह पहली बार है जब किसी देश ने किसी अन्य देश के मौजूदा प्रमुख के लिए मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

यह मामला सीरियन सेंटर फॉर मीडिया एंड फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के वकील और संस्थापक माजेन दरविश ने फ्रांस में दायर किया था। उन्होंने कहा, ये पहला इंटरनेशनल गिरफ्तारी वारंट भी है, जो घोउटा में हुए केमिकल अटैक पर जारी किया गया है।

दरविश ने कहा कि राष्ट्रपति असद सीरिया में कई अपराधों के लिए जिम्मेदार हैं, विशेष रूप से सरीन गैस के लिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले राष्ट्रपति की मंजूरी के बिना ही किए जा सकते हैं क्योंकि वो सेना के सर्वोच्च कमांडर हैं।

वादी के बयान में कहा गया है, "अगस्त 2013 के हमलों में जीवित बचे लोगों की गवाही के आधार पर एक आपराधिक शिकायत के जवाब में" एक जांच शुरू की गई थी।

सीरियन सेंटर फॉर मीडिया एंड फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन (एससीएम) के संस्थापक और महानिदेशक, वकील माज़ेन दरविश ने बुधवार को एक बयान में कहा कि यह निर्णय "एक ऐतिहासिक न्यायिक मिसाल है।"

दरविश ने कहा, "यह पीड़ितों, उनके परिवारों और बचे लोगों के लिए एक नई जीत है और सीरिया में न्याय और स्थायी शांति की राह पर एक कदम है।"

सीरियन आर्काइव के संस्थापक हादी अल खतीब ने कहा कि इन गिरफ्तारी वारंटों के साथ, फ्रांस एक दृढ़ रुख अपना रहा है कि दस साल पहले हुए भयानक अपराधों को बेहिसाब नहीं छोड़ा जा सकता है और न ही छोड़ा जाएगा। हम फ्रांस और उम्मीद करते हैं कि अन्य देश भी जल्द ही हमारे द्वारा वर्षों से एकत्र किए गए मजबूत सबूतों को लेंगे और अंततः उच्चतम स्तर के अधिकारियों से आपराधिक जिम्मेदारी की मांग करेंगे।

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक बशर असद को गिरफ्तार करने के लिए इंटरपोल की मदद ली जा सकती है। इंटरपोल अगर असद, उनके भाई और सेना के दो जनरलों के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी करता है तो असद को इंटरपोल के किसी भी सिग्नेटरी देश में गिरफ्तार किया जा सकता है। दिलचस्प बात है कि सीरिया खुद 1953 का हस्ताक्षरकर्ता है।

सीरियाई सरकार पर लंबे समय से युद्ध अपराधों का आरोप लगाया गया है, लेकिन वहां की सरकार बार-बार इस बात पर जोर देती रही है कि उसके हमले "आतंकवादियों" को निशाना बनाते हैं। सीरियाई सरकार ने रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से साफ तौर से इनकार किया है।

असद ने 2017 में कहा, "हमने अपने इतिहास में कभी भी अपने रासायनिक हथियारों का उपयोग नहीं किया है।" उन्होंने कहा कि "नैतिक रूप से" सीरियाई सरकार ऐसा कभी नहीं करेगी "क्योंकि यह स्वीकार्य नहीं है।"

आपको बता दें कि सीरियाई राष्ट्रपति के लिए जारी गिरफ्तारी वारंट, पुतिन की गिरफ्तारी वारंट से अलग है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन और सूडान के पूर्व राष्ट्रपति उमर अल-बशीर के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

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