Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

यमन में प्रधानमंत्री मईन बर्खास्त, कट्टर हूती विरोधी नेता बने नए PM, अरब देश में इस बदलाव की वजह क्या है?

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने एक बड़ा उलटफेर करते हुए पीएम मईन अब्दुल मलिक सईद को पद से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही यमन में विदेश मंत्री अहमद अवद बिन मुबारक को नया प्रधानमंत्री नामित किया है। नए पीएम मुबारक को सऊदी अरब का काफी करीबी माना जाता है।

मईन अब्दुल मलिक सईद 2018 से प्रधानमंत्री पद पर थे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को निशाना बना रहा है। सईद के अचानक हटाए जाने को काफी अप्रत्याशित कदम माना जा रहा है।

Yemen Sacks PM

यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद द्वारा सोमवार को जारी और आधिकारिक सबा समाचार एजेंसी द्वारा जारी एक आदेश में बिन मुबारक की प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्ति की घोषणा की गई और निवर्तमान प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति सलाहकार के पद पर नियुक्त किया गया।

प्रेसीडेंट काउंसिल ने इस बदालव को लेकर कोई कारण नहीं बताया है। अमेरिका में यमन के राजदूत रह चुके बिन मुबारक को हूती विद्रोहियों के कट्टर विरोधी के रूप में देखा जाता है। ऐसा माना जा रहा है कि हूती विद्रोही मुबारक को नए प्रधानमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे।

वह 2015 में तब सुर्खियों में आए थे जब तत्कालीन राष्ट्रपति अब्द-रब्बू मंसूर हादी के साथ सत्ता संघर्ष के दौरान यमन के राष्ट्रपति चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में कार्य करते समय हूती विद्रोहियों के द्वारा उनका अपहरण कर लिया गया था। इस दौरान उन्हें कई दिनों तक बंदी बनाकर रखा गया था।

मुबारक पहले यमन के राष्ट्रपति कार्यालय के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा उन्हें 2018 में संयुक्त राष्ट्र में देश के दूत के रूप में भी नियुक्त किया गया था। विशेषज्ञों के मुताबिक मुबारक की नियुक्ति से हूती विद्रोहियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है।

यमन में राजनीतिक उथल-पुथल नई नहीं है। बता दें कि यमन 2014 से ही गृह युद्ध में उलझा हुआ है। इसकी जड़ शिया-सुन्नी विवाद है। 2014 में शिया विद्रोहियों ने सुन्नी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।

इसके बाद शिया मुल्क ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तर के अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद सुन्नी मुल्क सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यमन में जारी गृह युद्ध में हस्तक्षेप किया।

सऊदी अरब 2015 से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को सत्ता में बहाल करने की कोशिश करने के लिए विद्रोही गुट हूती से लड़ रहा है। करीब एक दशक से चले रहे इस गृह युद्ध ने यमन को और बर्बाद कर दिया है। इस गृहयुद्ध में हूती लड़ाकों और नागरिकों सहित 1,50,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+