फ्लोरिडा की एक लाइब्रेरी ऐसी जहां पर नहीं है एक भी किताब
टांपा। सोमवार से फ्लोरिडा के एक कॉलेज में एक ऐसी शुरुआत हुई है जो आगे चलकर दुनिया में शिक्षा के क्षेत्र को बदल सकता है। फ्लोरिडा की मशहूर फ्लोरिडा पॉलेटेक्निक यूनिवर्सिटी ने पूरी तरह से डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत की है।

यूनिवर्सिटी की गुंबदनुमा बिल्डिंग में मौजूद यह लाइब्रेरी न सिर्फ शिक्षा बल्कि टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी कई नए आयामों को बताने के लिए काफी है।
इस लाइब्रेरी को स्पैनिश आर्किटेक्ट सैंटीयागो कालाट्रावा ने डिजाइन किया है। यूनिवर्सिटी की इस लाइब्रेरी की निदेशक कैथरीन मिलर कहती हैं कि बिना किताबों के इस लाइब्रेरी की कल्पना करना और उस कल्पना को आगे बढ़ाना अपने आप में वाकई काफी साहसिक कदम था।
एक नजर डालिए इस लाइब्रेरी से जुड़ी कुछ खास बातों पर-
- लाइब्रेरी की शुरुआत में 550 छात्रों के साथ हुई। लाइब्रेरी की ओर से छात्रों को किसी भी पब्लिक यूनिवर्सिटी में शामिल होने के लिए ट्यूशन के लिए स्कॉलरशिप की पेशकश भी की गई।
- छात्र इस लाइब्रेरी की मदद से अपनी पसंद के रीडर, टैबलेट या फिर लैपटॉप पर 135,000 ई बुक्स को आसानी से एक्सेस कर सकेंगे।
- अमेरिका की यह बिना किताबों वाली लाइब्रेरी यहां के किसी कॉलेज की ओर से हुआ एक असाधारण प्रयोग है और किसी भी अमेरिकी यूनिवर्सिटी में इस तरह का प्रयोग अभी तक नहीं किया गया है।
- साथ ही यह लाइब्ररी फ्लोरिडा के लेकलैंड यूनिवर्सिटी में मौजूद कई टेक्निशियंस के अति महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी रोशनी डालती है। टांपा और ऑरलैंडो जैसी मशहूर जगहों को यह लाइब्रेरी आपस में जोड़ सकेगी।
- इस लाइब्रेरी के आने के बाद से बहुत ज्यादा लाइब्रेरियंस की जरूरत कॉलेज को नहीं पड़ेगी। इस लाइब्रेरी में एक प्रमुख रिफ्रेंस डेस्क होगी, जिसे सक्सेस डेस्क कहा जाता है। यह डेस्क ही स्टूडेंट्स को उनकी पढ़ाई के लिए रिसोर्स मुहैया कराएगी और साथ ही स्टूडेंट्स को उनके लिए जरूरी डिजिटल मैटेरियल्स भी उपलब्ध कराएगी।
- हालांकि यह लाइब्रेरी पूरी तरह से पेपरलेस नहीं है लेकिन इसके बाद भी स्टूडेंट्स को यहां पर प्रिंटर का प्रयोग कम से कम करने को कहा जाएगा।
- स्टूडेंट्स अगर चाहें तो वह बुक स्टोर से ट्रेडीशनल किताबें भी खरीद सकते हैं या फिर जब उन किताबों का डिजिटल टेक्स्ट मौजूद होगा, वह उसे भी हासिल कर सकेंगे।
- पुरानी किताबें फ्लोरिडा की दूसरी 11 यूनिवर्सिटीज से उधार ली जा सकेंगी।
- फ्लोरिडा पॉलिटेक्टिनक की ओर से 60,000 डॉलर का बजट तैयार किया गया है ताकि वह किताबों के राइट्स ले सकें और फिर छात्र उन्हें आसानी से मुफ्त में ब्राउज कर सकें।
- कॉलेज प्रशासन का मानना है कि लाइब्रेरियन किसी किताब को शेल्फ पर रखे इसके बजाय स्टूडेंट्स ही अब किताबों के पूर्ण अधिकारी बन सकेंगे।
- अमेरिकन लाइब्रेरी एसोसिएशन की ओर से इस लाइब्रेरी की खुलकर तारीफ की गई है। हालांकि नासा की ओर से पहले ही ऐसी लाइब्रेरी चलाई जा रही है।
- फ्लोरिडा पॉलिटेक्निक की ओर से कई हजारों किताबों को खरीदा गया है।












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