इतिहास में पहली बार पाकिस्तान पहुंचा रूसी तेल, शहबाज शरीफ ने कहा- अब बदलेगी पाकिस्तान की किस्मत
रूस के इस फैसले से जहां पाकिस्तान का ऊर्जा संकट दूर हो सकता है। वहीं, खुद रूस को दक्षिण एशिया में एक नया व्यापारिक साझेदार और दोस्त मिल सकता है। भारत से नजदीकी की वजह से पाकिस्तान-रूस के बीच सीमित व्यापार हुआ करता है।
बीते 75 सालों में सबसे बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए अब एक अच्छी खबर आई है। भारत की तरह ही पाकिस्तान को भी रूस ने सस्ता तेल देकर बड़ी मदद पहुंचाई है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्विटर पर इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में पहली बार रूस से कच्चे तेल का कार्गो पहुंचा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे देश के लिए 'परिवर्तन वाला दिन' बताया है।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्विटर पर लिखा है, "मैंने देश से किया अपना एक और वादा पूरा कर दिया है। यह बताते हुए मुझे खुशी हो रही है कि पहला रूसी रियायती कच्चे तेल का कार्गो कराची पहुंच गया है। कल से तेल की निकासी शुरू हो जाएगी।"
पीएम शरीफ ने कहा कि आज परिवर्तनकारी दिन है। हम समृद्धि, आर्थिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा और सामर्थ्य की ओर एक-एक कदम बढ़ा रहे हैं। यह पाकिस्तान के लिए अब तक का पहला रूसी तेल कार्गो है।
शरीफ ने आगे कहा कि पाकिस्तान और रूस के बीच एक नए रिश्ते की शुरुआत हो चुकी है। पीएम शरीफ ने कहा, "मैं उन सभी की सराहना करता हूं जो इस प्रयास का हिस्सा बने रहे और रूसी तेल आयात के वादे को हकीकत में बदलने में योगदान दिया।"
आपको बता दें कि रविवार को रूसी कार्गो विमान प्योर पॉइंट, 183 मीटर लंबे तेल टैंकर से 45,000 मीट्रिक टन तेल लेकर कराची के बंदरगाह पर पहुंचा है। पाकिस्तान और रूस के बीच कम कीमत वाले रूसी कच्चे तेल के लिए अप्रैल में समझौता हुआ था।
ऐसा माना जा रहा है कि सस्ते रूसी तेल से पाकिस्तान की कुछ राजकोषीय परेशानियां कम हो सकती हैं। पाकिस्तान रिफाइनरी लिमिटेड (PRL) UAE और सऊदी अरामको से आयातित कच्चे तेल के साथ मिलाकर रूसी कच्चे तेल को रिफाइन करेगी।
इस हफ्ते एक और तेल टैंकर से 50,000 मीट्रिक टन रूसी कच्चा तेल पाकिस्तान पहुंचने की उम्मीद है। पाकिस्तान इन कच्चे तेल का भुगतान रूबल या रुपये में न कर चीनी मुद्रा युआन में करेगा। रूस से आयात किए गए इस तेल की कीमत का भुगतान बैंक ऑफ चाइना की ओर से किया जाएगा।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान अपने कच्चे तेल का 70 फीसदी आयात करता है, जिसे PRL, नेशनल रिफाइनरी लिमिटेड, पाक अरब रिफाइनरी लिमिटेड और बायको पेट्रोलियम द्वारा रिफाइन किया जाता है।
आपको बता दें कि पाकिस्तान और रूस के बीच तेल के व्यापार को लेकर पिछले साल से बातचीत चल रही है। पाकिस्तान की राजनीति में एक विवादास्पद मुद्दा बना हुआ था।
इमरान खान के पीएम रहने के दौरान भी पाकिस्तान ने 2022 में भी रूस से सस्ता तेल खरीदने की कोशिश की थी लेकिन तभी वहां की सरकार बदल गई और सब कुछ ठंडे बस्ते में चला गया।












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