NATO में शामिल होने वाला 31वां देश होगा फिनलैंड, 04 अप्रैल को मिलेगी सदस्यता
नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने ऐलान किया है कि फिनलैंड मंगलवार को उनके संगठन की सदस्यता लेने जा रहा है। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन में शामिल होने वाले ये 31वां देश बनेगा।

स्वीडन मंगलवार को नाटो देशों में शामिल हो जाएगा। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि फिनलैंड 4 अप्रैल को नाटो का पूर्ण सदस्य बनने जा रहा है। स्टोलटेनबर्ग ने ये घोषणा पिछले महीने यानी 30 मार्च को तुर्की की संसद में मतदान के बाद की है। जिसमें नाटो में शामिल होने के लिए फिनलैंड के आवेदन के पक्ष में वोट किए गए थे। सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाटो के जनरल सेक्रेटरी ने कहा कि संगठन के लिए ये एक हिस्टोरिकल वीक होने जा रहा है।
सोमवार को एक बयान में स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि मैं नाटो में फिनलैंड की सदस्यता की पुष्टि करने के लिए तुर्की ग्रैंड नेशनल असेंबली द्वारा वोट का स्वागत करता हूं। सभी 30 नाटो सहयोगियों ने अब परिग्रहण प्रोटोकॉल की पुष्टि की है। और मैंने इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्हें बधाई देने के लिए अभी-अभी राष्ट्रपति साउली निनिस्तो से बात की है। नाटो की वेबसाइट पर जारी बयान के अनुसार उन्होंने आगे कहा, "हम मंगलवार को यहां नाटो मुख्यालय में पहली बार फिनिश झंडा फहराएंगे। यह फिनलैंड की सुरक्षा, नॉर्डिक सुरक्षा और समग्र रूप से नाटो के लिए एक अच्छा दिन होगा। यह फिनलैंड के लिए भी एक अच्छा दिन होगा।"
उन्होंने कहा कि कल नाटो मास्को और कीव के बीच संघर्ष और यूक्रेन के लिए सैन्य गठबंधन के समर्थन पर चर्चा करने के लिए यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा के साथ नाटो-यूक्रेन आयोग का आयोजन करेगा। स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि वह यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की की शांति योजना का स्वागत करते हैं जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों को कायम रखती है।
शुक्रवार को, जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने नाटो में फ़िनलैंड की सदस्यता की पुष्टि करने के तुर्की के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि फिनलैंड के शामिल होने से देश "सुरक्षित" और नाटो "मजबूत" बन जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2022 में फिनलैंड और स्वीडन ने नाटो में शामिल होने के लिए आवेदन जमा किए थे। नाटो के अधिकांश सदस्यों ने तुर्की और हंगरी को छोड़कर फिनलैंड और स्वीडन के आवेदनों का स्वागत किया है। जबकि तुर्की ने स्वीडन ने नाटो में शामिल होने का विरोध किया। वहीं हंगरी के प्रधान मंत्री विक्टर ओर्बन ने कहा कि फिनलैंड और स्वीडन अपने देश के कानून के रिकॉर्ड के बारे में झूठी सूचना दे रहे हैं। लेकिन बाद में फिनलैंड के मामले में दोनों देशों ने मतदान किया। जबकि हंगरी और तुर्की दोनों स्वीडन के नाटो का हिस्सा बनने का विरोध कर रहे हैं।
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