Sudan: सूडान में सैनिकों के बीच भीषण लड़ाई जारी, एयरस्ट्राइक, लाखों की आबादी पर दागे जा रहे रॉकेट्स
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि गुरुवार से अब तक 83 से अधिक लोग मारे गए हैं और 1,126 से अधिक अन्य घायल हुए हैं, जिनमें से अधिकांश इस सप्ताह के अंत में हुए हैं।

Sudan Fighting: अफ्रीकी देश सूडान में देश की सत्ता पर कब्जा करने के लिए सैनिकों के बीच ही भीषण लड़ाई शुरू हो गई है और आज युद्ध का दूसरा दिन है।
अलजजीरा के मुताबिक, मानवीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ घंटों के लिए युद्धविराम किया गया था, लेकिन उसके बाद फिर से ये जंग शुरू हो गई है। युद्धविराम करीब एक घंटे का था।
रिपोर्ट के मुताबिक, रादधानी खार्तूम में भयंक लड़ाई शुरू हो गई है और रॉकेट्स दागे जा रहे हैं। राजधानी के ऊपर से एक के बाद एक फायरटर जेट्स को उड़ते हुए देखा जा रहा है।
सूडान की सेना और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) के बीच ये संघर्ष चल रहा है, जो रविवार को शुरू हुआ था, जिसमें रविवार को करीब 60 लोग मारे गये थे, जिनमें ज्यादातर सेना के जवान थे। वहीं, भीषण युद्ध को देखते हुए पड़ोसी देश मिस्र और चाड ने सूडान से लगती अपनी सीमा को सील कर दिया है।

सूडान में सैनिकों के बीच भीषण लड़ाई
सूडान की रिजनल इंटरगवर्मेंटल अथॉरिटी ऑन डेवलपमेंट (IGAD) ने देश की मौजूदा स्थिति पर एक आपातकालीन बैठक की है और कहा है, कि वह केन्या, दक्षिण सूडान और जिबूती के राष्ट्रपतियों को जल्द से जल्द खार्तूम भेजने की योजना बना रहा है, ताकि परस्पर विरोधी समूहों में कॉर्डिनेशन स्थापित किया जा सके।
आपको बता दें, कि सूडान की ये लड़ाई सेना और अर्धसैनिक बल (RSF) के बीच हो रही है, जिसने साथ मिलकर साल 2019 में राष्ट्रपति उमर अल-बशीर की सरकार का तख्तापलट किया था।
लेकिन, अब दोनों के बीच इसलिए संघर्ष शुरू हो गया है, क्योंकि ये दोनों अब सत्ता पर अपना नियंत्रण चाहती हैं। दोनों को ये लगता है, कि जो भी सत्ता से दूर होगा, उसका अस्तित्व खत्म हो जाएगा। लिहाजा, पिछले कई महीनों से दोनों के बीच भारी तनाव था, जो अब संघर्ष में बदल गया है।
राजधानी खार्तूम में चश्मदीदों ने कहा है, कि घनी आबादी वाले उत्तरी और दक्षिणी उपनगरों के आकाश में कई भीषण रॉकेट विस्फोट हुए हैं। वहीं, राजधानी में जहां-तहां गोलीबारी हो रही है। वहीं, राजधानी की सड़कों पर टैंक उतर चुके हैं, जबकि आसमान में फाइटर जेट्स लगातार गरज रहे हैं।

अराजकता में फंस चुका है देश
देश के नागरिक अपने अपने घरों में दुबके हुए हैं, जबकि सेना के जवानों के बीच भीषण जंग जारी है। वहीं, देश के नागरिकों को लग रहा है, कि देश अब अराजकता की स्थिति में जाने वाला है, या जा चुका है। इसके साथ ही, सैनिकों के बीच छिड़ी इस जंग ने, देश में एक बार फिर से नागरिक सरकार बनने की आशाओं पर पानी फेर दिया है।
दक्षिणी खार्तूम के एक युवा निवासी हुडा ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया, कि "हम डरे हुए हैं, शहर में भारी शोर है और हमारे घर हिलने लगते हैं। हम 24 घंटे से सोए नहीं है"। उन्होंने बताया, कि उनके पिता को सुगर की बीमारी है और वो उनके लिए दूध, पानी और दवा का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं।
लोगों का कहना है, कि "इतनी सारी गलत जानकारियां हैं, कि सच और झूठ में अंतर करना मुश्किल है। हर कोई झूठ बोल रहा है और हम नहीं जानते कि यह कब खत्म होगा, कैसे खत्म होगा।'
सूडान डॉक्टरों की लोकतंत्र समर्थक केंद्रीय समिति ने सुरक्षा बलों के बीच "दसियों लोगों की मौत" के साथ-साथ 56 नागरिकों के मारे जाने और लगभग 600 के घायल होने की सूचना दी है। हालांकि, वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा होने की आशंका है।

कुछ देर के लिए हुआ था युद्धविराम
रविवार को दोपहर के बाद सेना ने कहा था, कि वो संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के बाद मानवीय मामलों के लिए एक सुरक्षित कॉरिडोर खोलने पर सहमत है, जिसमें 3 घंटे के लिए घायलों को बाहर निकालने के लिए भी वो सहमत है।
वहीं, आरएसएफ भी मानवीय गलियारा खोलने पर सहमत हो गया, लेकिन इस शर्त के साथ, कि युद्धविराम की स्थिति में अगर इसका उल्लंघन किया गया, तो फिर आरएसएफ इसका भीषण जवाब देगा।
लेकिन, युद्धविराम की अवधि खत्म होने से पहले ही फिर से भीषण गोलीबारी शुरू हो गई और केन्द्रीय खार्तूम में धुंएं का गुबार देखा जा सकता है। वहीं, एयरपोर्ट के रास्ते में भी भीषण जंग चल रही है।
अल जज़ीरा की रिपोर्टर हिबा मॉर्गन ने रविवार शाम को खार्तूम से रिपोर्टिंग करते हुए कहा, कि युद्धरत पक्षों द्वारा घोषित तीन घंटे का मानवीय संघर्ष विराम समाप्त हो गया है।
उन्होंने कहा, कि "संघर्ष विराम की छोटी अवधि बीत चुकी है। यह स्थानीय समयानुसार करीब चार बजे से सात बजे तक का समय था। उस तीन घंटे की अवधि के भीतर, हम राजधानी खार्तूम के विभिन्न हिस्सों में भारी तोपखाने की आवाज़ें सुन रहे थे। हम शहर के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों से धुंआ उठते हुए देख पा रहे थे।"
उन्होंने कहा, कि "तीन घंटे की युद्धविराम अवधि का पूरा उद्देश्य उन लोगों को बाहर निकलने की अनुमति देना था, जो राष्ट्रपति महल के आस-पास, सेना के सामान्य कमांड के आसपास के क्षेत्र में फंसे हुए थे। इसके साथ ही, आरएसएफ के ठिकानों के आसपास के क्षेत्र में भी भारी संख्या में लोग फंसे हुए थे, जहां सूडानी सेना फाइटर जेटस से बम बरसा रही है, उन क्षेत्र के लोगों को भी बाहर निकलने की इजाजत दी गई थी।"

सेना और RSF के नेताओं को जानिए
देश की सेना का नेतृत्व जनरल अब्देल फतह अल-बुरहान कर रहे हैं, जबकि आरएसएफ का नेतृत्व मोहम्मद हमदान दगालो कर रहे हैं, जो एक वक्त जनरल अब्देल फतह अल-बुरहान के ही डिप्टी थे।
मोहम्मद हमदान दगालो को हेमेदती के नाम से भी जाना जाता है, जो भारी हथियारों से लैस आरएसएफ के प्रमुख हैं। दोनों ने एक दूसरे पर हिंसा शुरू करने का आरोप लगाया है।
आरएसएफ ने दावा किया है, कि उसने राष्ट्रपति महल, खार्तूम हवाई अड्डे और अन्य रणनीतिक स्थानों को अपने कब्जे में ले लिया है, लेकिन सेना ने जोर देकर कहा कि ये इलाके अभी भी उसकी नियंत्रण में है।
रॉयटर्स ने प्रत्यक्षदर्शियों का हवाला देते हुए रविवार को खार्तूम के पड़ोसी शहर ओमडुरमैन में आरएसएफ ठिकानों पर और साथ ही निकटवर्ती बहरी के कफौरी और शार्ग एन नील जिलों में नए सिरे से सेना के हवाई हमलों की सूचना दी है।
वहीं, पश्चिमी दारफुर क्षेत्र और कसाला के पूर्वी सीमावर्ती राज्य में भी लड़ाई छिड़ गई है, जहां के एक चश्मदीद हुसैन सालेह ने बताया, कि सेना ने आरएसएफ शिविर पर तोप दागी है।
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आपको बता दें, तकि आधिकारिक तौर पर सूडान, सूडान गणराज्या का हिस्सा है और उत्तर पूर्व अफ्रीका में स्थिति एक देश है। सूडान, अफ्रीका और अरब जगत का सबसे बड़ा मुस्लिम देश है और क्षेत्रफल के लिहाज से ये दुनिया का दसवां सबसे बड़ा देश है।
लिहाजा, अगर देश गृहयुद्ध के हालात में फंसता है, तो इस बड़ी आबादी वाले देश की स्थिति काफी बिगड़ जाएगी।












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