दिल्ली की जहरीली हवा की वजह पाकिस्तान! जानें राजधानी के बढ़े प्रदूषण से क्या है पाक का कनेक्शन?
भारत की राजधानी नई दिल्ली को बड़े पैमाने पर वायु प्रदूषण संकट का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में बदलाव होने के साथ गुरुवार पहली बार दिल्ली में AQI 400 को पार कर गया है। वायु प्रदूषण की वजह से दिल्ली स्मॉग की गहरी चादर में ढंक गई है और ये एक गैस चैंबर में तब्दील हो गई है।
हालांकि इस बीच पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी हालात ठीक नहीं है। पाकिस्तान का लाहौर शहर लगातार दूसरी बार दुनिया के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों की लिस्ट में पहले स्थान पर रहा है। लाहौर जिसे कभी 'सिटी ऑफ गार्डन' कहा जाता था, आज दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन चुका है।

पाकिस्तानी सरकार लाहौर के प्रदूषण के लिए भारत को जिम्मेदार ठहरा रही है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि भारत के पंजाब हिस्से में जल रही पराली की वजह से लाहौर में प्रदूषण बढ़ा हुआ है। पाकिस्तान ने मंगलवार को कहा कि भारत के पंजाब में जल रही पराली का मुद्दा वो राजनयिक स्तर पर उठाएगा।
हालांकि लाहौर में प्रदूषण की असलियत वहां की मीडिया साबित रही है। पाकिस्तान के जियो न्यूज ने विशेषज्ञों के हवाले से लिखा है कि छोटी औद्योगिक फैक्ट्रियों में ईंधन के रूप में टायर और प्लास्टिक का प्रयोग किया जा रहा है। इसके अलावा उपनगरीय जिलों में किसान जमकर पराली जला रहे हैं।
इसके साथ ही जिगजैग टेक्नोलॉजी के बिना काम करने वाले ईंट-भट्ठों ने शहर में स्मॉग में इजाफा कर दिया है। लौहार से नई दिल्ली की दूरी महज 400 किलोमीटर है। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि पड़ोसी मुल्क की प्रदूषित हवा, दिल्ली पहुंचकर लोगों का दम घोंट रही है।
पंजाब सरकार ने प्रांत में प्रदूषण से निपटने के लिए एक महीने के लिए स्मॉग आपातकाल की घोषणा की है, जिससे सभी स्कूली छात्रों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य हो गया है। लाहौर उच्च न्यायालय द्वारा खतरनाक वायु गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए तत्काल उपायों के लिए निर्देश जारी करने के बाद यह कार्रवाई की गई।
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि सार्वजनिक वाहन अभी भी मुख्य रूप से अत्यधिक प्रदूषणकारी सल्फर युक्त गैस पर चलते हैं, वे लाहौर और आसपास के शहरों और गांवों में वायु प्रदूषण का लगभग 40% योगदान देते हैं।
ग्लोबल एलायंस ऑन हेल्थ एंड पॉल्यूशन ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि वायु प्रदूषण और धुंध, दुनिया भर में एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, जिसके कारण पाकिस्तान में सालाना अनुमानित 128,000 लोगों की मौत हो रही है।
लाहौर का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई पिछले दो दशकों में बुरी तरह खराब हो गया है। इस अवधि के दौरान निवासियों, आवास योजनाओं, विकासात्मक परियोजनाओं और औद्योगिक इकाइयों के लिए रास्ता बनाने के लिए अनुमानित 70 फीसदी तक पेड़ों की कटाई की गई।












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