F-15EX: ज्यादा स्पीड, ज्यादा ताकत- फिर भी Su-30 के लिए दुनिया के सबसे तेज फाइटर जेट को क्यों छोड़ रहा भारत?

F-15EX Fighter Jet: टेक्नोलॉजी और डिजाइन के हिसाब से अमेरिकी F-15EX Fighter Jet दुनिया के सबसे तेज लड़ाकू विमानों में से एक है और अभी तक इसका युद्ध रिकॉर्ड असाधारण रहा है और इसने युद्ध के मैदान में 100 फीसदी स्ट्राइक रेट की दर से कामयाबी हालिल की है।

इसके अलावा, हवाई युद्ध में कभी भी ना मार गिराए जाने का एक बेदाग रिकॉर्ड भी इसके नाम है। जिसकी वजह से अभी तक के लड़ाकू विमानों के इतिहास में इसे एक बेमिसाल सैन्य विमान कहा जाता है। लेकिन असाधारण रिकॉर्ड होने के बावजूद इस लड़ाकू जेट को एक चुनौती का सामना करना पड़ता है और वो है, कि इसे भारतीय बाजार नहीं मिल रहा है।

F-15EX fighter jet

मूल रूप से मैकडॉनेल डगलस (अब बोइंग का हिस्सा) ने इसका डिजाइन किया है और F-15EX, एक सिंगल-सीट, ट्विन-इंजन, ऑल-वेदर फाइटर जेट है, जिसे शीत युद्ध के दौरान यूएसएसआर के मिग सीरिज के लड़ाकू विमानों का मुकाबला करने के लिए बनाया गया था।

काफी बेहतरीन रहा है इतिहास

बोइंग एफ-15 ईगल एक शानदार लड़ाकू जेट है, जिसका युद्ध इतिहास बेहतरीन है। शीत युद्ध के दौरान यूएसएसआर के मिग लड़ाकू विमानों का मुकाबला करने के लिए इसे शुरू में तैयार किया गया था, और इसने पहली बार 1972 में उड़ान भरी थी। तब से, यह अमेरिकी सेना और कई अन्य देशों के लिए एक प्राथमिक लड़ाकू विमान के रूप में काम कर रहा है, और कई अपग्रेडेशन से गुजरते हुए, यह लगातार और बेहतरीन ही हुआ है।

नए 5वीं और 6वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की तरह स्टील्थ फीचर न होने के बावजूद, F-15 अमेरिकी वायु सेना (USAF) के लिए एक महत्वपूर्ण प्रॉपर्टी बना हुआ है। यह हवाई क्षेत्र की रक्षा, नजदीकी हवाई सहायता, गहरे हमले, टोही और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसे विभिन्न मिशनों के लिए एक लचीला मंच प्रदान करता है। अपनी क्षमताओं को और बढ़ाने के लिए, यूएस एयरफोर्स ने 144 यूनिट F-15EX लड़ाकू विमान खरीदने की योजना बनाई है।

F-15EX fighter jet

F-15EX की जगह भारत को क्यों पसंद है Su-30s

आज के बाजार में F-15EX के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती, भारत जैसे खरीदारों को आकर्षित करना है, जो सुखोई-30 जेट के अपने मौजूदा बेड़े को तरजीह देता है। भारत 270 से ज्यादा सुखोई-30 विमानों को ऑपरेट करता है, जिन्हें F-15 के साथ सीधे प्रतिस्पर्धा करने के लिए डिजाइन किया गया है। वर्तमान में, भारत अगले तीन दशकों तक हवाई युद्ध में उनकी प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए अपने सुखोई-30 बेड़े को अपग्रेड कर रहा है।

F-15 का लड़ाकू रिकॉर्ड शानदार है, जिसमें 100 से ज्यादा युद्ध जीते हैं, लेकिन किसी भी हवाई मुठभेड़ में इसे कोई नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन, इसकी सबसे बड़ी दिक्कत इसकी लागत है।

प्रत्येक F-15EX यूनिट की कीमत लगभग 136.7 मिलियन डॉलर है, जिसमें आवश्यक उपकरण शामिल हैं। यह कीमत भारतीय वायु सेना जैसे संभावित खरीदारों के लिए रसद और रखरखाव संबंधी समस्याओं की वजट से काफी महंगा पड़ जाता है।

क्या कीमत के मुकाबले प्रदर्शन है?

हालांकि एफ-15 लड़ाकू विमान, प्रदर्शन और हथियारों के मामले में सुखोई-30 से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है, लेकिन इसकी कीमत एक बाधा है। इन जेट विमानों को चुनने से भारत की वायु सेना के लिए रसद और रखरखाव संबंधी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं। जिसकी वजह से भारत के पास अपने मौजूदा सुखोई-30 बेड़े को ही अपग्रेड करने का व्यावहारिक विकल्प बचता है।

नए लड़ाकू विमानों की तरह स्टेल्थ क्षमता न होने के बावजूद F-15 एक मूल्यवान प्रॉपर्टी बनी हुई है। इसकी मल्टी रोल ताकत, इसे विभिन्न मिशनों को अंजाम देने के अनुकूल बनाती है। और यही वजह है, कि यूएस एयरफोर्स ने एक बार फिर से इसे खरीदने के लिए बोइंग को ऑर्डर दिया है। लेकिन, असाधारण रिकॉर्ड और बेहतरीन प्रतिष्ठा होने के बावजूद, भारत ने अपने सुखोई-30 बेड़े को अपग्रेड करने का फैसला लिया है, जो भारत की अपनी वायु सेना के आधुनिकीकरण के लिए एक व्यावहारिक रणनीति को दर्शाता है। इस समय भारत के सैन्य ढांचे के भीतर एफ-15 का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।

भारत शायद ही F-15EX फाइटर जेट खरीदे?

2022 में, बोइंग को भारत को F-15EX फाइटर जेट बेचने की संभावना तलाशने के लिए अमेरिकी सरकार से एक महत्वपूर्ण लाइसेंस मिला था। इस कदम से बोइंग को भारतीय वायु सेना (IAF) के सूचना के अनुरोध (RFI) का जवाब देने में मदद मिली। बोइंग चाहता है, कि उसे भारत सरकार से 114 मल्टी-रोल वाले लड़ाकू विमान (MRCA) के लिए कॉन्ट्रैक्ट मिले, लेकिन काफी मुश्किल लग रहा है, कि भारत इस फाइटर जेट को अपने बेड़े में शामिल करेगा।

इसके अलावा भी, Su-30MKI का भारतीय वेरिएंट- एक दुर्जेय मल्टीर-रोल, हवाई श्रेष्ठता विमान है, जो डबल इंजन से संचालित है। भारतीय वायु सेना की अलग अलग जरूरतों को देखते हुए ही इसे डिजाइन किया गया है और यह दो-सीटर विमान एक साथ कई भूमिकाएं निभाने में सक्षम है, जिसमें एक इंटरसेप्टर, बॉम्बर और ट्रेनर की भूमिकाएं शामिल हैं।

Su-30MKI जेट को दो शक्तिशाली आफ्टर-बर्निंग टर्बोफैन ल्युलका AL-31FP इंजन से संचालित किया जाता है, जो इसे चुस्त और मजबूत बनाता है। 14.7 मीटर के पंखों के साथ, Su-30 वास्तव में एक बड़ा विमान है, जो इसकी बहुमुखी प्रतिभा और ताकत को दर्शाता है। Su-30 के भारतीय संस्करण में IAF की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कई संशोधन किए गए हैं।

जुलाई 2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में 84 एडवांस सुखोई जेट के पहले बैच की लागत लगभग 63,000 करोड़ रुपये (7.87 अरब डॉलर) होने का अनुमान लगाया गया था। इन अपग्रेडेशन का मकसद 'सुपर' सुखोई को ज्यादा शक्तिशाली और लागत प्रभावी बनाना है, जो पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के समान क्षमताएं प्रदान करता है, लेकिन इसमें स्टील्थ टेक्नोलॉजी को शामिल नहीं किया जा सकता है।

F-15 Eagle बनाम Su-30 MKI

F-15 ईगल और Su-30 MKI के प्रदर्शन और आयुध में थोड़ा अंतर है।

F-15 ईगल की मैक्सिमम स्पीड Su-30 MKI की तुलना में थोड़ा ज्यादा है। जहां Su-30 MKI मैक 2 तक की स्पीड हासिल कर सकता है, वहीं F-15 ईगल मैक 2.5 से थोड़ा ज्यादा स्पीड हासिल करने में काबिल है। इसके अलावा, F-15 की मैक्सिमम ऑपरेट सीमा 3,900 किलोमीटर है, जबकि Su-30 की 3,000 किलोमीटर है।

दोनों विमानों में 12 हार्डपॉइंट हैं, जिससे वे कई तरह के हथियार एक साथ ले जा सकते हैं। F-15 ईगल को आठ रेथियॉन AMRAAM रडार-गाइडेड, मध्यम-दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, चार रेथियॉन AIM-7F/M रडार-गाइडेड स्पैरो मिसाइलों या चार लॉकहीड मार्टिन/रेथियॉन AIM-9LM इंफ्रारेड-गाइडेड साइडविंडर मिसाइलों से लैस किया जा सकता है।

जबकि, Su-30 MKI में विविध मिसाइल शस्त्रागार है, जिसमें Kh-29L/T/TYe, Kh-31A/P, Kh-59M और निर्भय मिसाइल शामिल हैं।

भारतीय वायु सेना का Su-30 बेड़ा ब्रह्मोस एयर-लॉन्च सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों को लॉन्च करने में भी सक्षम है। इसके अलावा, Su-30 MKI रॉकेट पॉड, KAB-500 और KAB-1500 लेजर-गाइडेड बम के साथ-साथ हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, जैसे कि Vympel R-27R, R-73 और R-77 भी ये ले जा सकता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+