PM शहबाज शरीफ के शांति प्रस्ताव पर भारत का सीधा जवाब, सीमा हैदर और अंजू पर क्या बोला विदेश मंत्रालय?
भारत ने पाकिस्तान की ओर से दिए गए बातचीत के प्रस्ताव पर साफ-साफ जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत का रुख यही है कि हम सभी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध चाहते हैं, लेकिन इसके लिए आतंकवाद और शत्रुता मुक्त वातावरण जरूरी है।
इससे पहले, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर से भारत के साथ बातचीत की इच्छा जाहिर की थी। वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर और भारत से पाकिस्तान गई अंजू गुप्ता के मामले पर भी टिप्पणी की।

अरिंदम बागची ने कहा कि पाकिस्तान लगातार कश्मीर का मुद्दा उठाता है। पाक अपना प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए नियमित तौर पर ऐसा करता है। हम इस प्रोपेगैंडा को गंभीरता से नहीं लेना चाहते।
बागची ने पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर के मामले पर कहा कि एजेंसियां सीमा हैदर मामले की जांच कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अंजू गुप्ता का मामला विदेश नीति का मामला नहीं है। यह अंजू का एक निजी दौरा था।
इस दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ब्रिक्स पर भी भारत की स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल सच नहीं है कि भारत को ब्रिक्स के विस्तार को लेकर कुछ आपत्तियां हैं। हमने इसे लेकर पहले भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
इसके साथ ही अरिंदम बागची ने बच्ची अरिहा शाह के मामले पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम इस मामले को उच्च प्राथमिकता के आधार पर देख रहे हैं। इस संबंध में जर्मन राजदूत से इसी सप्ताह बात की जाएगी। बागची ने कहा कि हमने जर्मन अधिकारियों से बच्ची को जल्द से जल्द वापस लाने के लिए कहा है। हम जर्मन अधिकारियों के संपर्क में हैं।
हरियाणा के मेवात में भड़के सांप्रदायिक हिंसा को लेकर अमेरिकी विदेश विभाग के द्वारा शांति का आह्वान और हिंसा से दूर रहने की अपील पर अरिंदम बागची ने कहा, कि आप हिंसा को रोकने और शांति बहाल करने के लिए स्थानीय अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों से अवगत हैं। अमेरिकी विदेश विभाग की टिप्पणियां हमने देखी हैं। वे भी उसी का उल्लेख करती हैं। हम भी स्थिति को सामान्य होते देखना और शांति की पुनः बहाली चाहते हैं।












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