पुतिन के दुश्मन कैसे मारे जाते हैं, कैसे दिया जाता है विदेशों में जहर.. हमले में बची रूसी पत्रकार का खुलासा
Russian journalist poisoned in germany: रूस के जासूस दुनियाभर में अपने दुश्मनों को खतरनाक नर्व एजेंट जहर देकर मारने के लिए कुख्यात हैं और अभी तक दर्जनों ऐसे टारगेट को रूस ने मौत के अंजाम तक पहुंचाया है, जो क्रेमलिन के कोई राज खोलने वाला हो।
रूस की एक महिला पत्रकार खुलासा किया है, कि किस तरह से वो रूसी एजेंट्स के हाथों मरने से बाल बाल बची हैं। रूस से भागी इस महिला के चार साथियों की हत्या की जा चुकी है और उसे भी मारने की कोशिश की गई, लेकिन वो किसी तरह से मौत को मात देने में कामयाब रही।

रूस से भागने में कामयाब रही इस महिला पत्रकार का नाम है, ऐलेना कोस्ट्युचेंको, जिन्हें जर्मनी की राजधानी बर्लिन के एक ट्रेन में यात्रा करते समय जहर दिया गया था और एजेंट्स ने करीब करीब ऐलेना कोस्ट्युचेंको की जान भी ले ली थी, लेकिन वो किसी तरह से बच गईं और अब उन्होंने पूरी घटना का खुलासा एक इंटरव्यू में किया है।
खोजी पत्रकार हैं ऐलेना कोस्ट्युचेंको
ऐलेना कोस्ट्युचेंको ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को एक इंटरव्यू में बताया है, कि "जब आप रूस में एक खोजी पत्रकार के रूप में काम करते हैं, तो आप हमेशा चौकन्ना और सावधान रहते हैं।"
उन्होंने कहा, कि "आपके पास बहुत सारे प्रोटोकॉल हैं, जिनका आप हर समय पालन कर रहे हैं। लेकिन जब मैं भागकर यूरोप पहुंची, तो पहली बार मुझे पता चला, कि असल में इस तरह के कोई सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं होते हैं।"
ऐलेना कोस्ट्युचेंको को ट्रेन में यात्रा करते वक्त जहर दिया गया था और जर्मनी की पुलिस जांच कर रही है, कि आखिर रूसी पत्रकार को जहर देने वाले कौन लोग थे। इससे पहले जर्मनी जाते वक्त रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आलोचक और रूसी विपक्षी पार्टी के नेता एलेक्सी नवेलनी को भी नर्व एजेंट जहर दिया गया था, जिसके बाद वो करीब 6 महीने तक जर्मनी के अस्पताल में रहे थे।
वहीं, रूसी पत्रकार जो अब किसी गुप्त जगह पर रह रही है, उसे पिछले साल अक्टूबर में बीमार पड़ने के बाद जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी।
रूसी पत्रकार ने बताया, कि म्यूनिख से बर्लिन की ट्रेन यात्रा के दौरान अचानकर उसके पेट में तेज दर्द शुरू हुआ और पेट का वो तेज दर्द कई हफ्तों तक बना रहा। उन्होंने कहा, कि ट्रेन में अचानक उन्होंने खुद को अजीब से पसीने में भींगा हुआ गंध पाया। और उसके बाद वो रहस्यमयी बीमारी से जूझने लगीं।
हालांकि, जब तक उसे एहसास हुआ, कि उसे जहर दिया गया है, तब तक किसी भी विषाक्त पदार्थ की पहचान करने में बहुत देर हो चुकी थी।
खोजी पत्रकार ऐलेना ने आगे बताया, कि "मुझे अपनी अंगूठियां उतारनी पड़ी, क्योंकि मेरी उंगलियां सॉसेज की तरह दिखने लगी थीं।" रूसी पत्रकार ने इंटरव्यू में कहा, कि उसकी उंगलियां काफी सूज गया था और धीरे धीरे शरीर में नये नये लक्षण बन रहे थे। वह काफी थकी रहने लगी थी और वो दिन में तीन घंटे से ज्यादा काम नहीं कर पाती थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, ऐलेना कोस्ट्युचेंको को धीमा जहर दिया गया था। जिसका इलाज अभी भी चल रहा है।

विदेशी धरती पर दुश्मनों का खात्मा
जब यूक्रेन पर रूस का आक्रमण शुरू हुआ, तब रूसी पत्रकार कोस्ट्युचेंको 17 वर्षों से स्वतंत्र रूसी समाचार पत्र नोवाया गज़ेटा के लिए काम कर रही थीं। युद्ध की शुरुआत में अखबार ने उन्हें असाइनमेंट पर यूक्रेन भेजा था।
विदेश में रहने वाले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दुश्मनों को पहले भी जहर देकर मारा जा चुका है। खासकर, यूरोपीय देशों में रूस के एजेंट इतने फैले हुए हैं, कि उनसे बचकर रहना, किसी भी टारगेट के लिए काफी मुश्किल है।
इससे पहले पूर्व रूसी सीक्रेट एजेंट सर्गेई स्क्रिपल को भी जहर दिया गया था, हालांकि वो बच गय थे। लेकिन, एक और सीक्रेट एजेंट अलेक्जेंडर लिट्विनेंको की मौत हो गई। वहीं, बर्लिन में एक पूर्व चेचन विद्रोही को भी जहर देकर मार दिया गया था, जिसे जर्मनी की अदालत ने रूसी राज्य की तरफ से की गई हत्या बताया।
हालांकि, क्रेमलिन इन हत्याओं में शामिल होने से इनकार करता है।
खोजी पत्रकार और जहर हमले में बची, कोस्त्युचेंको ने कहा, कि "यह पुतिन की कहानी पर फिट बैठता है, कि हम गद्दारों को माफ नहीं कर सकते।" उन्होंने कहा, कि "लेकिन मैं कभी भी गुप्त सेवाओं के साथ काम नहीं कर रही थी... किसी तरह मैं सोच रही थी, कि यूरोप में मैं सुरक्षित रहूं।"
पिछले कुछ सालों में भारी संख्या में मानवाधिकार कार्यकर्ता और पत्रकार रूस से भागकर अलग अलग यूरोपीय देशों में शरण लेने पहुंचे हैं, जिन्हें रूसी एजेंट्स निशाना बनाते रहते हैं। लिहाजा, ऐसे मानवाधिकार कार्यकर्ता और पत्रकारों में भी खौफ पसरा हुआ है।
यूक्रेन में कथित रूसी युद्ध अपराधों का खुलासा करने वाली रूस की खोजी रिपोर्टर कोस्ट्युचेंको ने कहा, कि "जब मैंने खुद को यूरोप में पाया, तो मैं सुरक्षा उपायों के बारे में पूरी तरह से भूल गई थी, जैसे कि जब मैंने म्यूनिख की अपनी यात्रा पर चर्चा की, तो मैंने फेसबुक मैसेंजर का इस्तेमाल किया था।"
जब डॉक्टरों ने उसे बताया, कि उसे संभवतः जहर दिया गया है तो उसकी प्रारंभिक प्रतिक्रिया हंसने की थी।
ऐलेना, उन तीन रूसी स्वतंत्र महिला पत्रकारों में से एक थीं, जिन्हें इसी अवधि में विदेश में ज़हर दिया गया था। तीनों को एक जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ा। उनके चार साथियों की पहले ही जहर देकर हत्या की जा चुकी है।
बर्लिन अभियोजकों के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा, "हम पुष्टि कर सकते हैं कि ऐलेना कोस्ट्युचेंको की हत्या के प्रयास की जांच चल रही है।"
— Do members of 🇺🇦 secret services help you?
— Victoria (@victoriaslog) August 18, 2023
— They saved my life.
— Why do you think they did it?
— Maybe they don't think killing journalists is okay.
Elena Kostyuchenko is 🇷🇺 journalist who nearly got murdered because she wanted to see Russian crimes in Mariupol. She moved to… pic.twitter.com/qY70AdNiuj
रूस से कैसे भागकर पहुंची यूरोप
ऐलेना कोस्ट्युचेंको ने इंटरव्यू में बताया, कि रूसी सैनिकों ने जिस तरह से युद्ध अपराध किया था, उन्होंने उससे जुड़ी रिपोर्ट फाइल की थी। जिसके बाद मार्च 2022 में, उसे यूक्रेनी सैन्य खुफिया से जुड़े एक सूत्र ने फौरन यूक्रेन छोड़कर भागने के लिए कहा, क्योंकि वहां उसकी हत्या होने वाली थी।
उस सूत्र ने बताया, कि उसे रूस लौटकर नहीं जाना चाहिए, बल्कि उसे फौरन कहीं और चले जाना चाहिए।
जिसके बाद ऐलेना भागकर जर्मनी आ गई, जहां उसने बर्लिन में एक अपार्टमेंट किराए पर लिया और 29 सितंबर को मेडुज़ा के लिए काम करना शुरू कर दिया। प्रकाशन के लिए ईरान की रिपोर्टिंग यात्रा के लिए सहमत होने के बाद, उसने कहा, कि उन्हें ईरान जाने से पहले, यूक्रेनी वीजा के लिए कागजी कार्रवाई जमा करने के लिए कहा गया था, लिहाजा उसे म्यूनिख की यात्रा करने की आवश्यकता थी और इसी दौरान जब वो म्यूनिख से बर्लिन जा रही थी, तब उसे ट्रेन में जहर दिया गया था।












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