लंदन दूर नहीं है, वो तुम्हारे घर भी आएंगे... BBC ने ऐसा क्या लिखा, कि भड़क गये पूर्व इजराइली प्रधानमंत्री?
Israel-Hamas War: हमास के खिलाफ चल रहे जंग में इजराइल की तमाम पार्टियां एकजुट होकर दुश्मनों का मुकाबला कर रही हैं। इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने बीबीसी की तीखी आलोचना की है और उन्होंने साफ शब्दों में कहा है, कि 'हमास के आतंकियों के लिए कोई मानवाधिकार नहीं है।'
पूर्व इजरायली प्रधान मंत्री नफ्ताली बेनेट एक टीवी इंटरव्यू के दौरान अपना आपा खो बैठे और मेजबान पर भड़क गए, जिन्होंने उनसे पूर्ण नाकाबंदी के बाद गाजा पट्टी में फिलिस्तीनियों की गंभीर स्थिति के बारे में सवाल पूछा था। बातचीत की शुरुआत एंकर द्वारा पूर्व पीएम से इस्लामिक आतंकवादी समूह हमास से निपटने की उनकी योजनाओं के बारे में पूछने से हुई थी। उस पर प्रतिक्रिया देते हुए, नेफ्ताली बेनेट ने कहा, कि दक्षिणी शहरों में तैनात विशेष बल हमास के हमलों से निपट रहे हैं।

नफ्ताली बेनेट ने यह भी कहा, कि "नाज़ी" हमास के ख़िलाफ़ आक्रामक कदम उठाए जा रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि इजराइल "नाजी" हमास को खत्म कर देगा।
आपको बता दें, कि ये विवाद उस वक्त शुरू हुआ, जब बीबीसी ने हमास के आतंकियों को 'चरमपंथी' कहकर संबोधित किया।
जिसको लेकर नफ्ताली बेनेट ने एक ट्वीट करते हुए लिखा है, कि "चलिए, इस बारे में विस्तार से बात करते हैं। हम कट्टरपंथी इस्लामी बर्बरता, बलात्कार, सिर काटने और बच्चों को जलाने के खिलाफ एक स्वतंत्र दुनिया बनाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। यह अच्छाई और बुराई के बीच का युद्ध है।
तथ्य यह है, कि आप इन हमास के बर्बर लोगों को "आतंकवादी" कहते हैं, और आप उनकी बात मानते हैं और उनका पक्ष लेते हैं, यह आपको शर्मसार करता है, बीबीसी।"
इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने आगे लिखा है, कि "अगर आप सोचते हैं कि लंदन बहुत दूर है, तो आप बिल्कुल गलत हैं। आपकी नैतिक कमजोरी, इन राक्षसों को आप पर हमला करने के लिए न्योता दे रही हैं।
इज़राइल आपके साथ या आपके बिना भी यह युद्ध लड़ेगा और जीतेगा और जब वो आपके लिए आएंगे, तो आप हैरान मत होना।"
आपको बता दें, कि बीबीसी दुनियाभर के आतंकी संगठनों को चरमपंथी संगठन कहकर संबोधित करता है और यह उसकी बैलेंस बनाने की नीति मानी जाती है। भारत में भी आतंकी हमलों को बीबीसी चरमपंथी लिखता रहा है, जिसकी काफी आलोचना होती रही है।
पूर्व इजराइली प्रधानमंत्री ने आगे कहा, कि "बीबीसी हमेशा से हमास और गाजा का पक्ष ले रहा है।" उन्होंने कहा, कि "मुझसे एक बार भी इंटरव्यू में नहीं पूछा गया, कि इजराइल कैसा है, इजराइल में महिलाओं को मारा गया, बच्चों के सिर काटे गये, लड़कियों से रेप किया गया, लेकिन बीबीसी के पास उनके लिए कोई सवाल नहीं है।"
इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा, कि "बीबीसी हमेशा से उनका पक्ष लेता रहा है, और वो ले, लेकिन इजराइल अपनी रक्षा करना जारी रखेगा। इजराइल आतंकियों के् खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा।"
इजराइल में बनाई गई है 'वार कैबिनेट'
आपको बता दें, कि इजराइल की सभी पार्टियों ने मिलकर 'वार कैबिनेट' का निर्माण किया है, जिसने इस युद्ध को और आक्रामक बनाने का फैसला लिया है।
इज़राइल ने सोमवार तड़के गाजा पर हवाई हमले किए और इजराइली विमानों ने रात भर दक्षिणी लेबनान पर हमला किया है। दूसरी तरफ, इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बढ़ते संघर्ष का आकलन करने के लिए अपने शीर्ष जनरलों और अपने युद्ध मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है।
फ़िलिस्तीनी मीडिया ने बताया है, कि इज़राइल के हमले गाजा पट्टी के केंद्र और उत्तर पर केंद्रित थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उत्तरी गाजा में जबालिया शरणार्थी शिविर के पास एक घर पर हमले में कई फिलिस्तीनियों की मौत हो गई और अन्य घायल हो गए।
गाजा में स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि इजरायल की दो सप्ताह की बमबारी में कम से कम 4,600 लोग मारे गए थे, जो 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजरायली समुदायों पर हमास के हमले के बाद शुरू हुआ था, जिसमें 1,400 लोग मारे गए थे और 212 को बंधकों के रूप में गाजा में ले जाया गया था।
वहीं, हमास ने एक बयान में कहा है, कि फिलीस्तीनी हमास नेता इस्माइल हानियेह और ईरानी विदेश मंत्री होसैन अमीराब्दुल्लाहियन ने रविवार देर रात एक कॉल में गाजा में इजरायल के "क्रूर अपराधों" को रोकने के तरीकों पर चर्चा की है।
जबकि, इजराइल ने हमास को खत्म करने के मकसद से एक योजनाबद्ध जमीनी आक्रमण के लिए गाजा के चारों ओर बाड़ वाली सीमा के पास टैंक और सैनिकों को इकट्ठा किया है। लिहाजा, इस बात की आशंका बढ़ गई है, कि इज़राइल-हमास युद्ध व्यापक मध्य पूर्व संघर्ष में बदल सकता है, जिसे देखते हुए अमेरिका ने इजराइल की मदद के लिए अपने दो सबसे खतरनाक एयर डिफेंस सिस्टम को मिडिल ईस्ट में भेज दिया है।












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