बाधा आने के बाद भी फिलेइ ने भेजी धूमकेतू की तस्वीरें
लंदन। गुरुवार को धूमकेतू पर सफलतापूर्वक उतरने वाले यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के स्पेस क्राफ्ट फिलेइ लैंडर ने फोटोग्राफ एक धूमकेतु की सतह से खींच एजेंसी को भेजी है। एजेंसी के मुताबिक यह पहली तस्वीर और उसका स्पेसक्राफ्ट अभी तक स्थिर है। हालांकि वह धूमकेतु की चट्टानी सतह पर समुचित ढंग से उतरने में नाकाम रहा था।

गुरुवार को रचा था इतिहास
फिलेइ लैंडर ने गुरुवार को एक नया इतिहास रचा था जब उसने धूमकेत 67पी : चूरीयूमोव-गेरासिमेंको पर कदम रखा था। इस यान ने धूमकेतू पर पहुंचने के लिए 10 वर्षों का लंबा सफर तय किया है।
वैज्ञानिकों की खुशी पर उस समय मामूली ग्रहण लगा जब इस स्पेसक्राफ्ट की लैंडिंग के दौरान स्पेसक्राफ्ट को जमीन की सतह पर टिकाए रखने के लिए इसमें लगे हार्पून अपना काम करने में असफल रहे थे। इसी वजह से यह स्पेसक्राफ्ट दो बार उछला भी था।
लैंडर की स्थिति फिलहाल बेहतर
इस मिशन को रोसेटा मिशन नाम दिया गया है और मिशन से जुड़े एक गेर्हार्ड श्वहम ने इस बारे में दुनिया को जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि फिलेइ अभी स्थिर है और यह धूमकेत के मध्य में बैठ गया है और आंकड़े भेज रहा है।'
उन्होंने बताया कि लैंडर की स्थिति बेहतर है। पृथ्वी पर भेजी गयी तस्वीरों में चट्टानी सतह दिखायी दे रही है। वैज्ञानिक अभी तक इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि दो बार उछलने से अंतरिक्ष यान पर क्या प्रभाव पड़ेगा। वैज्ञानिकों की बाद में इस बारे में होने वाले संवाददाता सम्मेलन में कुछ और ब्यौरे जारी करने की योजना है।
तनाव में बदल गया था जश्न का माहौल
ब्रिटिश न्यूजपेपर 'डेली मेल' ने एक रिपोर्ट में कहा कि कामयाबी की खुशी का जश्न वाला माहौल उस समय तनाव और चिंतित माहौल में बदल गया, जब रोबोटिक प्रोब फाइली के खुद को धूमकेतु की सतह पर स्थापित करने में
असफल रहने की सूचना मिली और उसे सतह के ऊपर धूमकेतु के वातावरण में चक्कर लगाता मिला। उल्मेक ने कहा कि अभी वैज्ञानिकों को रोबोटिक प्रोब फाइली की सही स्थिति की पूरीजानकारी नहीं है।












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