यूरोपीय संसद ने किया भारत के सर्जिकल स्ट्राइक की सराहना , कहा- मिले वैश्वविक समर्थन
नई दिल्ली। यूरोपीय संसद के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि सीमा पार में भारत की आतंकियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की सराहना और समर्थन किया जाना चाहिए।

अधिकारी ने कहा है कि यदि पाकिस्तान की ओर से निकल रहे आतंक को रोक नहीं गया तो, जल्द ही पश्चिम भी इसका निशाना बनेगा।
यूरोपीय संसद के उपाध्यक्ष रिजर्ड जैनकी ने दिन ब दिन बढ़ रही समस्या के प्रति पेशेवर दृष्टिकोण के लिए मोदी सरकार और भारतीय सेना की हौसला आफजाई की है।
मिला स्पष्ट संदेश
यूरोपीय संसद की मासिक पत्रिका में पोलैंड के नेता ने कहा है कि इससे एक स्पष्ट संदेश गया कि भारत, पाकिस्तान सीमा पार से आने वाले आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।
पत्रिका में लिखा गया है कि संभवतः भारत की ओर से पहली बार, पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्र में की गई सक्रिय कार्रवाई थी।
यह कार्रवाई भारत के दो सुरक्षा प्रतिष्ठानों, जनवरी में पठानकोट एयरबेस और उरी में सेना कैंप किए गए हमले के बाद की गई है।
ये दोनों प्रतिष्ठान भारतीय सीमा के बेहद सन्निकट थीं। पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह भारतीय सीमा में घुस आए थे।
भारत को मिले वैश्वविक समर्थन
यूरोपीय संसद के उपाध्यक्ष रिजर्ड जैनकी ने भी वही सामान टिप्पणी की है जो भारत में रूस के उच्चायुक्त अलेक्जेंडर कदाकिन ने किया था। रूस के उच्चायुक्त ने भी उरी हमले के लिए पाक पर आरोप लगाया था।
जैनकी ने कहा कि पाक से पैदा हो रहे आतंक के खिलाफ भारत की लड़ाई को वैश्वविक समर्थन मिलना चाहिए। अगर यह अनियंत्रित रहा तो ये व्यक्ति और समूह जल्द ही यूरोप और पश्चिम देशों का रुख करेगा।
उन्होंने कहा कि यूरोपियन यूनियन के लिए यह जरूरी है कि वो पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखे कि वो अपनी सीमाओं के भीतर चल रहे आतंकी नेटवर्क को समाप्त करे।












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