Epstein Files: हॉट बाथ टब में लड़कियों संग गुलछर्रे उड़ाते दिखे बिल क्लिंटन, भारतीय नेताओं का क्या निकला?
Epstein Files: अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) ने कुख्यात फाइनेंसर और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े कुछ सीमित दस्तावेज़ सार्वजनिक किए हैं। कांग्रेस के आदेश पर हुई इस रिलीज़ को लेकर शुरुआत से ही विवाद खड़ा हो गया है। इन फाइलों को अधूरा बताया जा रहा है और इनमें भारी मात्रा में जानकारी छिपाई गई है, जिसे रेडैक्शन कहा जाता है। खास बात यह है कि इन दस्तावेज़ों में पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से जुड़ी कई तस्वीरें शामिल हैं, जिसमें उन्हें महिलाओं के साथ नजदीकियां बढ़ाते हुए देखा जा रहा है।
लंबे इंतजार के बाद भी अधूरा खुलासा
इन दस्तावेज़ों का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। इन्हें उस कानून के तहत जारी किया गया, जिस पर पिछले महीने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्ताक्षर किए थे। माना जा रहा था कि यह खुलासा एपस्टीन के ताकतवर लोगों से रिश्तों और उसके अपराधों की जांच को लेकर कई बड़े राज सामने लाएगा। लेकिन जो फाइलें सामने आईं, उन्होंने उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

भारतीय नेताओं को लेकर क्या निकला?
जैसा कि बताया गया, जानकारी छिपाई गई है या अधूरी दी गई है। इसलिए भारत की विपक्षी पार्टियों को भी बड़ा झटका लगा है। विपक्षी नेताओं को उम्मीद थी कि सत्ता पक्ष के नेताओं और कई बिजनेसमेन के नाम आएंगे लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं निकला।
पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल
इस अधूरी रिलीज़ के बाद सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कई सांसदों और पीड़ितों के वकीलों ने आरोप लगाया है कि न्याय विभाग ने कानून का सही तरीके से पालन नहीं किया। हालांकि, विभाग ने दावा किया है कि आने वाले हफ्तों में और दस्तावेज़ जारी किए जाएंगे और साल के अंत तक पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
तय समय सीमा, लेकिन कम फाइलें
कानून के तहत शुक्रवार को न्याय विभाग के ज़्यादातर रिकॉर्ड जारी करने की आखिरी तारीख थी। डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने पहले संकेत दिया था कि लाखों फाइलें सामने आ सकती हैं। लेकिन हकीकत यह रही कि विभाग की वेबसाइट पर सिर्फ करीब 4,000 फाइलें ही दिखीं, जिनमें से ज़्यादातर तस्वीरें थीं। ब्लैंच ने खुद कांग्रेस को लिखे पत्र में माना कि यह रिलीज़ अधूरी है।
छापों से जुड़ी पुरानी सामग्री ही ज्यादा
इन फाइलों में एफबीआई द्वारा एपस्टीन के न्यूयॉर्क और यूएस वर्जिन आइलैंड्स स्थित घरों पर की गई तलाशी के दौरान जुटाई गई तस्वीरें, कॉल लॉग और अदालत से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं। लेकिन इनमें से ज़्यादातर जानकारी पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में मौजूद थी, यानी कुछ नया बहुत कम था।
भारी रेडैक्शन से जानकारी सीमित
कई दस्तावेज़ आंशिक या पूरी तरह से रेडैक्ट किए गए हैं, जिससे आम जनता को बहुत कम जानकारी मिल पाई। न्याय विभाग का कहना है कि पीड़ितों की निजी जानकारी और ग्राफिक सामग्री को जानबूझकर छुपाया गया है। लेकिन एपस्टीन द्वारा 14 साल की उम्र से यौन शोषण का आरोप लगाने वाली मरीना लेसर्दा ने इस पर नाराज़गी जताई। उनका कहना था, "बस फाइलें जारी करें और बेवजह नाम छिपाना बंद करें।"
1,200 से ज्यादा पीड़ितों की पहचान
न्याय विभाग ने बताया कि उसकी समीक्षा में 1,200 से अधिक पीड़ितों और उनके रिश्तेदारों की पहचान हुई है। इसके अलावा, एपस्टीन से जुड़ी 254 महिलाओं की एक सूची भी सामने आई, जिन्हें मसाज देने वाली बताया गया था। लेकिन यह पूरी सूची भी पूरी तरह से रेडैक्ट कर दी गई, जिससे और सवाल खड़े हो गए।
ट्रंप का नाम, लेकिन बहुत सीमित
इस खुलासे में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े संदर्भ बेहद सीमित हैं। यह इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि अतीत में ट्रंप और एपस्टीन के सामाजिक संबंधों की चर्चा होती रही है। शुरुआती दस्तावेज़ों में ट्रंप का नाम या तस्वीरें बहुत कम हैं और जो हैं भी, वे पहले से सार्वजनिक थीं।
बिल क्लिंटन से जुड़ी कई तस्वीरें
इसके उलट, इस रिलीज़ में पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से जुड़ी कई तस्वीरें और संदर्भ शामिल हैं। इन तस्वीरों में क्लिंटन को एपस्टीन के निजी जेट पर, स्विमिंग पूल और हॉट टब में लड़कियों के साथ मौज ले रहे हैं। साथ ही घिसलेन मैक्सवेल और अन्य प्रभावशाली लोगों के साथ देखा जा सकता है। हालांकि न्याय विभाग ने यह साफ नहीं किया कि ये तस्वीरें जांच के लिहाज से कितनी अहम हैं।
क्लिंटन का पक्ष भी सामने
बिल क्लिंटन ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने एपस्टीन के साथ यात्रा की थी, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें उसके अपराधों की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी दोहराया कि उन पर कभी किसी तरह का गलत काम करने का आरोप नहीं लगा है।
कांग्रेस में गुस्सा और नाराज़गी
इस अधूरे खुलासे से वे सांसद खासे नाराज़ हैं, जिन्होंने इन फाइलों को सार्वजनिक कराने के लिए दबाव बनाया था। प्रतिनिधि थॉमस मैसी ने कहा कि यह रिलीज़ "कानून की भावना और शब्दों, दोनों में नाकाम रही है।" वहीं प्रतिनिधि रो खन्ना ने इसे साफ तौर पर "निराशाजनक" बताया।
आगे बढ़ सकता है कानूनी टकराव
डेमोक्रेटिक सीनेटर चक शूमर ने कहा कि जारी दस्तावेज़ पूरे सबूतों का सिर्फ "एक छोटा हिस्सा" हैं। सीनेटर जेफ मर्कले ने प्रशासन पर समय सीमा चूकने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे पीड़ितों को न्याय से वंचित किया गया। अब हाउस ओवरसाइट कमेटी ने इन फाइलों के लिए सम्मन जारी कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में कानूनी और राजनीतिक लड़ाई और तेज़ हो सकती है।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।












Click it and Unblock the Notifications