जापान में मिले दुर्लभ प्रजाति के 30 हरे कछुए, लु्प्तप्राय हो चुके जीव के गले पर हैं जख्म, वैज्ञानिक परेशान
जापान के दक्षिणी ओकिनावा प्रान्त में सुदूर द्वीप कुमेजिमा के पास, गुरुवार को कम से कम 30 लुप्तप्राय हरे समुद्री कछुए पाए गए। इन कछुओं के गले में घाव था जिससे खून बह रहा था।
टोक्यो, 18 जुलाईः जापान के दक्षिणी ओकिनावा प्रान्त में सुदूर द्वीप कुमेजिमा के पास, गुरुवार को कम से कम 30 लुप्तप्राय हरे समुद्री कछुए पाए गए। इन कछुओं के गले में घाव था जिससे खून बह रहा था। पुलिस जांच में लग गयी है कि कछुओं पर आखिर ये घाव कैसे लगे हैं।

गले में था जख्म का निशान
ओकिनावा के नाहा पुलिस स्टेशन के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि, कम ज्वार के दौरान तटों पर समुद्री कछुए पाए जाने के बाद पुलिस ने पिछले शुक्रवार को मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने पाया कि कुछ कछुओं से खून बह रहा था और वे बहुत मुश्किल से सांस ले रहे थे। ऐसा लग रहा था कि इन कछुओं के गले में ब्लेड लगा कर घाव कर दिया हो।

पुलिस मामले की कर रही जांच
पुलिस अधिकारी ने कहा कि कछुओं का ठिकाना फिलहाल अज्ञात है और यह संभव है कि वे ज्वार के कारण बह गए हों। फिलहाल पुलिस जांच जारी रखे हुए है और गवाहों से पूछताछ कर रही है। कुमेजिमा समुद्री कछुआ संग्रहालय के एक प्रवक्ता योशी त्सुकाकोशी ने कहा कि जिस क्षेत्र में समुद्री कछुए पाए गए थे, वह उनका प्राकृतिक आवास है और वह पूरा इलाका समुद्री घास से ढका हुआ है, जिसे समुद्री कछुए खाते हैं।

कछुओं को उपद्रव मानते हैं मछुआरे
त्सुकाकोशी ने कहा कि अक्सर समुद्री कछुए स्थानीय मछुआरों द्वारा बिछाए गए जाल में फंस जाते हैं। मछुआरे इन कछुओं को उपद्रव मानते हैं क्योंकि ये मछली के फंसाने के लिए फैलाए गए जाल को काट देते हैं। कुछ मछुआरे सोचते हैं कि कछुए इस समुद्री घासों को खा लेते हैं जिससे मछलियां ठीक से बढ़ नहीं पाती हैं।

लाल सूची में हैं ग्रीन टर्टल
गौरतलब है कि सभी समुद्री कछुए प्रजातियों को लुप्तप्राय माना जाता है और प्रकृति के संरक्षण के लिए इसे अंतर्राष्ट्रीय संघ (आईयूसीएन) की लाल सूची में रखा गया हैं। एक अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन, वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर के अनुसार, वे दुनिया भर में संरक्षित हैं, लेकिन वे तटीय विकास और मछली पकड़ने में आयी तेजी के कारण इन पर खतरा बढ़ गया है क्योंकि जब भारी मात्रा में मछलियां पकड़ी जाती हैं तो ये भी उसकी जद में आ जाते हैं।
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