Twitter खरीदने के बाद फुल फॉर्म में Elon Musk, पराग अग्रवाल को हेडक्वार्टर से बाहर किया, जानें क्या कहा
ट्विटर डील फाइनल होने के ठीक अगले ही मिनट एलन मस्क ने सीईओ पराग अग्रवाल, सीएफओ नेड सेगल को टर्मिनेट करते हुए उन्हें ट्विटर हेडक्वार्टर से बाहर करवा दिया।
Elon Musk Twitter Takeover: दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क ने आखिरकार ट्विटर खरीद लिया है और उन्होंने ट्विटर अधिग्रहण करने के बाद लिखा है, कि 'चिड़िया को आजाद कर दिया।' हालांकि, ट्विटर डील फाइनल होने के बाद ही एलन मस्क ने सीईओ पराग अग्रवाल को टर्मिनेट कर दिया है। पराग अग्रवाल और एलन मस्क के बीच लंबे वक्त से बहसबाजी भी चल रही थी और इस बात की पूरी संभावना थी, कि ट्विटर खरीदने के बाद पराग अग्रवाल का पत्ता कट सकता है। ऐसी भी रिपोर्ट है, डील फाइनल होते ही एलन मस्क ने पराग अग्रवाल और ट्विटर के दो और वरिष्ठ अधिकारियों को हेडक्वार्टर से बाहर निकलवा दिया।
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एलन मस्क ने कैसे खरीदा ट्विटर
वैसे तो एलन मस्क ट्विटर में करीब 9 प्रतिशत की हिस्सेदारी पहले ही खरीद चुके थे, लेकिन इसी साल 13 अप्रैल को उन्होंने पहली बार ट्विटर खरीदने का ऑफर सार्वजनिक तौर पर रखा था। इसके लिए उन्होंने 54.20 डॉलर प्रति शेयर के हिसाब से 44 अरब डॉलर का ऑफर ट्विटर बोर्ड को दिया था, लेकिन बाद में जाकर एलन मस्क अपने सौदे से पीछे हटते दिखाई दिए और इसके पीछे उन्होंने फर्जी अकाउंट्स का हवाला दिया। जिसे लेकर सीईओ पराग अग्रवाल और एलन मस्क के बीच काफी बहसबाजी भी हुई थी। वहीं, स्पैम अकाउंट्स का हवाला देकर एलन मस्क ने डील को होल्ड पर डाल दिया था।

अदालत ने दिया था आदेश
एलन मस्क के ट्विटर डील को होल्ड पर डालने के बाद ट्विटर ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था और फिर अमेरिका की एक अदालत ने एलन मस्क को इस 27 अक्टूबर तक ट्विटर को खरीदने या नहीं खरीदने पर आखिरी फैसला लिया था। अदालत का समय खत्म होने से ठीक पहले एलन मस्क एक दिन पहले अचानक वॉश बेसिन लेकर ट्विटर के हेडक्वार्टर में दिखाई दिए थे और उसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे, कि एलन मस्क ट्विटर को खरीदने का आखिरी फैसला ले सकते हैं और अब उन्होंने ट्विटर खरीदने की आधिकारिक घोषणा कर दी है।

डील में कहां आ रही थी परेशानी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्विटर अधिग्रहण के रास्ते में एलन मस्क के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक चुनौती वित्तपोषण था। मॉर्गन स्टेनली और बैंक ऑफ अमेरिका सहित बैंकों के एक समूह ने इस साल की शुरुआत में मस्क को ट्विटर खरीदने और इसे निजी लेने के लिए आवश्यक 12.5 बिलियन डॉलर के ऋण पर हस्ताक्षर किए थे। एलन मस्क और बैंकों के बीच जो कॉन्ट्रैक्ट हुआ था, उसके हिसाब से बैंक एलन मस्क को इस डील को फाइनल करने के लिए कर्ज देने के लिए बाध्य हो गये हैं, लेकिन अप्रैल महीने के बाद अर्थव्यवस्था और बाजार में आए बदलावों ने बैंकों के लिए एलन मस्क के साथ किए गये करार को कम आकर्षक बना दिया। वहीं, एलन मस्क ने अपने एक ट्वीट में ये भी कहा था, कि उनके ग्रुप का मानना है कि, ट्विटर का वैल्यू उसकी असल कीमत से काफी ज्यादा लगा दी गई है।

CEO को निकाला, कर्मचारियों का क्या होगा?
ट्विटर डील फाइनल होने के ठीक अगले ही मिनट एलन मस्क ने सीईओ पराग अग्रवाल, सीएफओ नेड सेगल को टर्मिनेट करते हुए उन्हें ट्विटर हेडक्वार्टर से बाहर करवा दिया। जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं, कि क्या अब एलन मस्क बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी करेंगे? एलन मस्क ने अपने एक पुराने ट्वीट में ट्विटर हेडक्वार्टर को लेकर कहा था, कि ट्विटर हेडक्वार्टर में 'बेघरों के घर' के रूप में बदल देना चाहिए, क्योंकि असल में यहां पर काफी कम लोग काम करते हैं।
कर्मचारियों को निकालने से इनकार
पिछले हफ्ते वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था, कि एलन मस्क ने अपने इन्वेस्टर्स को बताया है कि, अगर वो ट्विटर के मालिक बन जाते हैं, तो वो ट्विटर के 7500 कर्मचारियों में से तीन चौथाई कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकाल देंगे, जिसके बाद ट्विटर कर्मचारियों में खलबली मच गई थी। वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में परिचित दस्तावेजों और अज्ञात स्रोतों का हवाला दिया था, लेकिन जब एलन मस्क ने ट्विटर के कर्मचारियों से मुलाकात की, उस वक्त उन्होंने आश्वासन दिया है, कि वो कर्मचारियों की छंटनी नहीं करेंगे।












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