Twitter से 'खजाना' लेकर निकलेंगे पराग अग्रवाल, जानिए Elon Musk क्यों करते हैं इतनी नफरत?
संभावना के मुताबिक ही एलन मस्क ने ट्विटर के सीईओ पद से पराग अग्रवाल को हटाने के साथ साथ कंपनी के लीगल हेड और पॉलिसी मेकर विजया गड्डा और सीएफओ नेड सेगल को भी नौकरी से बाहर निकाल दिया है।
Elon Musk Vs parag agrawal: इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के मालिक और दुनिया के सबसे अमीर खरबपति कारोबारी एलन मस्क ने आखिरकार ट्विटर का अधिग्रहण कर ही लिया है और अब उन्होंने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि कर दी है, कि वही ट्विटर के मालिक हैं। लेकिन, ट्विटर डील फाइनल करने के बाद एलन मस्क ने वही किया, जिसका अनुमान हमेशा से लगाया गया था, कि वो ट्विटर के सीईओ पराग अग्रवाल को सबसे पहले नौकरी से बाहर निकालेंगे और एलन मस्क ने यही किया भी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक तरफ एलन मस्क ने डील फाइनल किया, तो दूसरी तरह पराग अग्रवाल को ठीक उसी वक्त ट्विटर के हेडक्वार्टर से बाहर निकाल दिया गया। ऐसे में आईये जानते हैं, कि आखिर एलन मस्क पराग अग्रवाल से इतनी नफरत क्यों करते हैं और ट्विटर से बाहर निकाले जाने के बाद पराग अग्रवाल के हाथ 'खजाना' कैसे लगा है?

टॉप अधिकारियों को नौकरी से निकाला
संभावना के मुताबिक ही एलन मस्क ने ट्विटर के सीईओ पद से पराग अग्रवाल को हटाने के साथ साथ कंपनी के लीगल हेड और पॉलिसी मेकर विजया गड्डा और सीएफओ नेड सेगल को भी नौकरी से बाहर निकाल दिया है। आपको बता दें कि, विजया गड्डा ने ही पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्विटर अकाउंट को सस्पेंड किया था और उसके बाद से ही वो ट्रंप समर्थकों के निशाने पर रही हैं। पराग अग्रवाल को नवंबर 2021 में ट्विटर के सीईओ पद पर नियुक्त किया गया था और अब वो एक धनवान आदमी बनकर ट्विटर से बाहर निकले हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक ट्विटर से वक्त से पहले निकाले जाने पर पराग अग्रवाल को 42 मिलियन डॉलर यानि 3 अरब 46 करोड़ 37 लाख रुपये मिलेंगे, क्योंकि ट्विटर में उनकी सेवा महज एक साल बाद ही समाप्त कर दी गई।

पराग अग्रवाल को लेकर अनुमान
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने रिसर्च फर्म इक्विलर के हवाले से बताया कि, पराग अग्रवाल को ट्विटर से बाहर निकाले जाने पर भारी भरकर राशि मिलेगी। इक्विलर ने अनुमान लगाया है कि, पराग अग्रवाल को सबसे पहले एक साल की सैलरी दी जाएगी। इसके साथ ही आपको बता दें कि, किसी भी मल्टी नेशनल कंपनी में अगर किसी शख्स को सीईओ बनाया जाता है, को उसे कंपनी के शेयर्स भी दिए जाते हैं और पराग अग्रवाल को भी ट्विटर के शेयर्स दिए गये थे। इसके अलावा पराग अग्रवाल को एक साल के मूल वेतन के अलावा इक्विटी अवार्ड्स भी दिए जाएंगे। वहीं, ट्विटर के एक उच्चस्तरीय सूत्र ने बताया कि, पिछले साल पराग अग्रवाल का कुल मुआवजा 30.4 मिलियन डॉलर था और इसके अलावा पराग अग्रवाल के पास जितने भी शेयर्स हैं, उसके लिए उन्हें 54.20 डॉलर प्रति शेयर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा, जिस दर पर एलन मस्क ने ट्विटर प्लेटफॉर्म को खरीदा है।

पराग-मस्क का चैट हुई थी लीक
आपको बता दें कि, पराग अग्रवाल को पिछले साल नवंबर में ट्विटर के सीईओ के रूप में प्रमोशन दिया गया था, जब पूर्व सीईओ जैक डोर्सी ने अपनी भूमिका से इस्तीफा दे दिया था। आपको बता दें कि, पराग अग्रवाल ट्विटर से उस वक्त जुड़े थे, जब ट्विटर बिल्कुल नया था और कंपनी में एक हजार से भी कम कर्मचारी थे। पिछले दिनों जब एलन मस्क और पराग अग्रवाल के बीच ईमेल पर हुई बातचीत लीक हुई थी, उसी वक्त पता चल गया था, कि एलन मस्क के ट्विटर अधिग्रहण के ठीक बाद पराग अग्रवाल को टर्मिनेट कर दिया जाएगा और वही किया गया है। ईमेल चैट से ये भी पता चला था, कि एलन मस्क पराग अग्रवाल को बुरी तरह से नापसंद करते थे और उनसे जल्द से जल्द छुटकारा पाना चाहते थे।

पराग से क्यों नफरत करते थे मस्क?
पराग अग्रवाल को नापसंद करने के पीछे की सबसे बड़ी वजह ये थी, कि उन्होंने शुरूआत से ही अकेले दम पर एलन मस्क के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। खासकर जब एलन मस्क ने ट्विटर खरीदने के लिए पहली बार अपनी बोली लगाई थी, उसके बाद से पराग अग्रवाल एलन मस्क के खिलाफ खड़े हो गये थे। स्थिति ये थी, कि एलन मस्क और पराग अग्रवाल कई बार सार्वजनिक तौर पर ट्विट वार में शामिल होने से नहीं हिचके। खासकर, मामला उस वक्त और बिगड़ गया था, जब ट्विटर के टाउनहॉल मीटिंग के दौरान पराग अग्रवाल ने अपने हजारों कर्मचारियों के सामने साफ तौर पर कहा था, कि 'ट्विटर का भविष्य अब अंधकारमय है और पता नहीं कंपनी अब किस दिशा में जाएगी?'

मस्क-पराग की चैट लीक
वहीं, मस्क और पराग अग्रवाल के बीच हुई जो बातचीत लीक हुई थी, उससे पता चला था, कि एलन मस्क ने पराग अग्रवाल को फटकार भी लगाई थी और हवाई में छुट्टी मनाने के लिए पराग अग्रवाल का मजाक भी उड़ाया था। एलन मस्क का मानना था, कि पराग अग्रवाल में ट्विटर चलाने की क्षमता नहीं है। एलन मस्क का ये भी मानना है, कि ट्विटर वामपंथी विचारधारा वाले लोगों का अड्डा बन चुका है, लिहाजा अब संभावना इसी बात को लेकर है, कि वामपंथी विचारधारा वाले ज्यादातर लोगों की नौकरी खतरे में रहेगी।

पराग पर एलन मस्क ने क्या कहा था?
एलन मस्क और पराग अग्रवाल के बीच तनातनी का स्तर किस हद तक आगे बढ़ चुका था, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं, ट्विटर अधिग्रहण से पहले पहले एलन मस्क और पराग अग्रवाल में जो बातचीत हुई थी, उसमें भी नोंकझोंक ही हुई थी। एलन मस्क ने पराग अग्रवाल को भेजे गये एक मैसेज में ट्विटर के बोर्ड में खुद को शामिल होने के ऑफर को 'वक्त की बर्बादी' बताया था। उन्होंने पराग अग्रवाल को लिखे गये मैसेज में कहा था, कि "इस सप्ताह आपने क्या किया... मैं बोर्ड में शामिल नहीं हो रहा हूं। यह समय की बर्बादी है। मैं ट्विटर को निजी बनाने का प्रस्ताव रखूंगा।" इसके साथ ही एलन मस्क ने ट्विटक के संस्थापक जैक डोर्सी के साथ भी अपने व्यवहार के बारे में मैसेज में लिखा था।

जैक डोर्सी ने की थी दोस्ती कराने की कोशिश
लीक हुए चैट से पता चलता है, कि जैक डोर्सी ने एलन मस्क और पराग अग्रवाल के बीच की तनातनी को खत्म करने की कोशिश की थी और दोनों को एक साथ लाने की भी कोशिश की थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। एलन मस्क और पराग अग्रवाल, दोनों में से किसी ने भी झुकना स्वीकार नहीं किया। एलन मस्क ने जैक डोर्सी को जो मैसेज भेजा था, उसमें उन्होंने कहा था, कि, 'आप और मैं पूरी तरह से समझौते के स्तर तक पहुंच गये हैं, लेकिन पराग अभी धीरे धीरे आगे बढ़ रहा है और पराग उन लोगों को खुश करने की कोशिश कर रहा है, जो उससे कभी खुश नहीं होने वाले हैं, चाहे वो इसके लिए कुछ भी कर ले।' इस मैसेज का जवाब देते हुए जैक डोर्सी ने एलन मस्क से कहा था, कि ''इससे, कम से कम ये तो साफ हो गया, कि आप साथ में काम नहीं कर सकते।''









Click it and Unblock the Notifications