जापान में 7.2 तीव्रता का भूकंप, बुलेट ट्रेन का संचालन रुका

नई दिल्ली: पिछले एक साल से लगातार धरती के डोलने का सिलसिला दुनियाभर में जारी है। इस बीच शनिवार को जापान की राजनाधी टेक्यो में भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 7.2 मापी गई है। इसके अलावा वहां के स्थानीय प्रशासन ने सुनामी की भी चेतावनी जारी कर दी। साथ ही लोगों को समुद्री तटों से हटाया गया। जापानी मीडिया के मुताबिक सुनामी वाली चेतावनी को घंटेभर बाद हटा दिया गया। वहीं ईस्ट जापान रेलवे कंपनी ने एहतियात के तौर पर बुलेट ट्रेन का संचालन रोक दिया है।

Earthquake

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक टोक्यो और उसके आसपास के इलाकों में अचानक से धरती हिलने लगी। जिसके बाद आनन-फानन में लोग घरों और ऑफिस से निकलकर बाहर की ओर भागे। इस दौरान रिएक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.2 मापी गई, जोकी सामान्य से काफी ज्यादा है। कुछ देर बाद जापान मौसम विज्ञान केंद्र ने समुद्र तटों से लगने वाले इलाकों के लिए सुनामी की एडवाइजरी जारी की। कुछ इलाकों में समुद्र की लहरें एक मीटर तक उठी थीं, लेकिन घंटेभर बाद एडवाइजरी को हटा दिया गया। वहीं अभी तक भूकंप से जान-माल के नुकसान की सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है।

जापान में क्यों आते हैं इतने भूकंप?
दुनिया में भूकंप के लिहाज से जापान सबसे ज्यादा संवेदनशील देश है यानी वहां पर सबसे ज्यादा झटके आते हैं। वैज्ञानिक इसके पीछे की वजह वहां पर मिलने वाली धरती की सबसे अशांत टेक्टोनिक प्लेट्स का मानते हैं। ये प्लेटें एक अभिकेंद्रित सीमा बनाती हैं, जिसके कारण ये क्षेत्र दुनिया के सर्वाधिक भूकंपों का केन्द्र बन जाता है। एक रिपोर्ट की मानें तो जापान में हर साल छोटे-बड़े भूकंप को मिला लें तो एक हजार के करीब झटके आते हैं। हालांकि जापान इसके लिए पूरी तरह से तैयार रहता है, ऐसे में वहां की सभी इमारतें और घर इसी हिसाब से डिजाइन किए जाते हैं कि भूकंप उनका कुछ ना बिगाड़ सके।

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