धरती से टकराएगा 'आग का तूफान', भयंकर तबाही के आसार, Blackout का अलर्ट, NASA ने बताई वजह
पृथ्वी से टकराने वाले दोहरे सोलर स्टार्म से भारी नुकसान की आशंका है। इससे पॉवर ग्रिड को बड़ा खतरा है। नासा ब्लैकऑउट की संभावना व्यक्त की है।
Solar Storm: नासा ने सोलर एंड हेलियोस्पेरिक ऑब्जर्वेटरी (SOHO) ने एक बड़े खतरे को लेकर आगाह किया है। नासा ने कहा कहा है कि शुक्रवार (07 जुलाई) को पृथ्वी से दो सोलर स्टार्म टकराने वाले हैं। ये टक्कर पृथ्वी पर आंशिक रूप से होगी। जिसकी वजह से विद्युत आपूर्ति और संचार सुविधाओं को बड़ा खतरा है। इसके अलावा जीपीएस पर भी इसका असर हो सकता है। ये सोलर स्टार्म जी-1 लेवल का होगा।
नासा के एक्पर्ट्स के मुताबिक आज (07 जुलाई) धरती से टकराने वाले सोलर स्टार्म से सबसे अधिक खतरा पॉवर ग्रिड को है। इसके कारण बिजली और संचार सुविधाओं में व्यवधान आ सकता है। नासा की एसओएचओ ऑब्जर्वेटरी की ओर जारी बयान में कहा गया कि इससे जीपीएस सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। जी-1 स्तर के भू-चुंबकीय तूफान की संभावना है, जो बिजली ग्रिडों को प्रभावित करेगा और रेडियो ब्लैकआउट का कारण बनेगा।

सोलर स्टार्म या फिर कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) नासा के मुताबिक आंशिक रुप से टकराने का अलर्ट जारी किया गया। चेतावनी के मुताबिक शाम साढ़े पांच बजे ये घटना होने का अनुमान व्यक्त किया गया।
साइंटिस्ट्स ने क्या कहा?
सोलर स्टार्म के कई अहम संकेत मिले हैं। अंतरिक्ष मौसम वैज्ञानिक डॉ. तमिथा स्कोव ने SOHO अंतरिक्ष यान के अंदर रखे गए लार्ज एंगल और स्पेक्ट्रोमेट्रिक कोरोनाग्राफ एक्सपेरिमेंट (LASCO) के जरिए कैप्चर की गई CME की कुछ तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, " 4 जुलाई को सूर्य से डबल सोलर स्टार्म निकला। ऑब्जर्वेटरी के डेटा के आधार पर नासा के सइंटिस्ट्स ने अनुमान लगाया कि 7 जुलाई को पृथ्वी पर इसका असर देखा जा सकता है। वैज्ञानिकों ने कहा कि पहले तूफान की स्पीड थोड़ा कम है। इसका असर पृथ्वी के उत्तर पूर्वी हिस्से पर होगा। जबकि दूसरा अधिक तेज है। ये G-1 स्तर का है।












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