डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी- फिलहाल खामेनेई को नहीं मारेंगे, अमेरिका को पता है वो कहां छिपे हैं
Iran and israel war: इज़राइल और ईरान के बीच संघर्ष 3 जून 2025 को शुरू हुआ था। "ऑपरेशन राइजिंग लॉयन" के नाम से चल रहे इस संघर्ष के तहत इजराइल ने ईरान के परमाणु सैन्य ठिकानों पर हमले किए। वहीं ईरान ने भी इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। दोनों देशों के बीच रहे संघर्ष के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खामेनेई को खत्म करने से संघर्ष समाप्त हो जाएगा।
इजराइल पीएम के इस बयान के 24 घंटे बाद अब इस मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का धमकी भरा बयान आया है। मंगलवार (17 जून) को ट्रम्प ने ईरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण करने के लिए कहा है। ट्रम्प ने एक पोस्ट लिखी जिसमें उन्होंने कहा अमेरिका को ठीक से पता है कि ईरान का सुप्रीम लीडर नेता कहां छिपे हैं। लेकिन फिलहाल वो उन्हें नहीं मारने जा रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लिखा, "अमेरिका को ठीक से पता है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई कहां छिपे हैं, लेकिन उन्होंने उन्हें मारने का आदेश नहीं दिया है। ट्रम्प ने ईरान से "बिना शर्त आत्मसमर्पण" की मांग की और कहा वो नहीं चाहते कि मिसाइलें नागरिकों या अमेरिकी सैनिकों पर दागी जाएं। हमारा धैर्य खत्म हो रहा है। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।"

डोनाल्ड ट्रंप का ये अल्टीमेटम बीते सप्ताह इजरायल ने ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के तहत ईरानी परमाणु और सैन्य सुविधाओं पर हमला किए जाने के बाद आया है। इजराइन ने तेहरान के एयर पोर्ट और सरकारी मीडिया भवन पर हमले किए। इजराइल ने दावा किया है कि तेहरान पर हवाई नियंत्रण स्थापित कर लिया और ईरान के एक तिहाई मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट कर दिया है।
शहर छोड़ने को मजबूर हुए नागरिक
वहीं ईरान के खिलाफ इजराइल के सैन्य अभियान के पांचवें दिन तेहरान में बढ़ते हमलों और असुरक्षा के कारण हजारों लोग शहर छोड़कर जा रहे हैं। भारत सरकार ने भी भारतीय छात्रों को तेहरान से निकालने की प्रक्रिया शुरू की है।
ईरान और इजराइल युद्ध
बता दें ईरान और इजराइल में लंबे समय से चल रहे इस संघर्ष की चपेट में जॉर्डन, सीरिया और अन्य देश भी आ चुके हैं। इस संघर्ष में अभी तक 1,098 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें 452 ईरानी नागरिक शामिल हैं।












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