अमेरिकी सीनेट में पास हुआ ट्रंप का 'बिग ब्यूटीफुल बिल,' आखिर क्यों है ये खास और किसने दिया साथ
अमेरिकी राजनीति में गुरुवार देर रात एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बहुप्रचारित 'वन बिग ब्यूटीफुल बिल' (Big Beautiful Bill) को अमेरिकी कांग्रेस ने पास कर दिया। करीब 4.5 ट्रिलियन डॉलर के इस बिल को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बेहद मामूली अंतर से 218-214 के वोट से मंजूरी मिली।
इसके साथ ही ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में अब तक की सबसे बड़ी विधायी जीत दर्ज की है। इस बिल को शुक्रवार, 4 जुलाई की शाम 5 बजे ट्रंप द्वारा आधिकारिक रूप से साइन किया जाएगा।

क्या है 'वन बिग ब्यूटीफुल बिल'?
यह बिल ट्रंप प्रशासन के आर्थिक और राजनीतिक एजेंडे का केंद्र बिंदु है। करीब 800 पन्नों के इस विधेयक में टैक्स कटौती, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में खर्च बढ़ाना और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने जैसे बड़े कंजरवेटिव कदम शामिल हैं। यह बिल 2017 में लागू किए गए ट्रंप के टैक्स कट्स को स्थायी बनाता है, जो 2025 के अंत तक समाप्त होने वाले थे। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में कटौती का भी प्रावधान है।
सीमा सुरक्षा पर बड़ा फोकस
इस विधेयक का सबसे चर्चित और विवादित हिस्सा है सीमा सुरक्षा पर किया गया भारी निवेश। ट्रंप के नेतृत्व में इस बिल के ज़रिए 350 अरब डॉलर का नेशनल सिक्योरिटी पैकेज पेश किया गया है, जिसमें यूएस-मेक्सिको बॉर्डर वॉल के विस्तार के लिए 46 अरब डॉलर, 1 लाख प्रवासी डिटेंशन बेड्स के लिए 45 अरब डॉलर और 10,000 नए ICE अधिकारियों की भर्ती शामिल है। इन अधिकारियों को 10,000 डॉलर का साइनिंग बोनस भी दिया जाएगा।
कैसे पलटी ट्रंप ने बाजी?
बिल को पास कराना ट्रंप के लिए आसान नहीं था। शुरुआत में ही यह साफ हो गया था कि सभी रिपब्लिकन सांसद इस बिल के समर्थन में नहीं हैं। लेकिन ट्रंप ने व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास करते हुए हिचकिचा रहे सांसदों को मनाने का काम किया। जीओपी नेतृत्व ने रातभर लॉबिंग की और आख़िरकार मामूली बहुमत से यह बिल पास हो गया। इससे यह संदेश भी गया कि ट्रंप अब भी पार्टी पर मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं।
व्हाइट हाउस और उपराष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लिविट ने बताया कि बिल को 4 जुलाई यानी अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भव्य समारोह में साइन किया जाएगा। वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने कहा कि, 'कई बार ऐसा लगा था कि यह बिल समय पर पास नहीं हो पाएगा, लेकिन अब हमनें बड़ा टैक्स कट और बॉर्डर सिक्योरिटी का वादा पूरा कर दिखाया है।'
विरोधियों का रुख और अंदरूनी मतभेद
हालांकि बिल पास हो गया है, लेकिन इसके राजनीतिक असर को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। एक तरफ रिपब्लिकन पार्टी के अंदर भी कुछ नेताओं ने सोशल प्रोग्राम्स में कटौती को लेकर चिंता जताई है, वहीं डेमोक्रेट्स इसे चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं। इतना तय है कि यह बिल जहां ट्रंप के समर्थकों में उत्साह भरने वाला है, वहीं विपक्ष इसे 'अमीरों को फायदा और गरीबों को नुकसान' वाला करार दे रहा है।
क्या-क्या नहीं है इस बिल में?
ट्रंप ने भले ही कहा कि यह बिल हर मोर्चे को कवर करता है, लेकिन हकीकत यह है कि इसमें सोशल सिक्योरिटी टैक्स की समाप्ति जैसी घोषणाएं शामिल नहीं हैं। मेडिकेयर के विस्तार जैसे कुछ मुद्दों को भी इस बिल में शामिल नहीं किया गया है, जिसे लेकर कुछ वर्गों में नाराज़गी देखी जा रही है।
टैक्स में नए फायदे - अब सिर्फ अमीरों के लिए नहीं
अब लोग अपनी कमाई में से टिप्स और ओवरटाइम के पैसे पर भी टैक्स में छूट ले सकेंगे। इतना ही नहीं, अगर कोई अमेरिका में बनी कार खरीदता है और उसके लिए लोन लेता है, तो उस लोन पर दिए गए ब्याज को भी टैक्स से घटाया जा सकेगा। इसके अलावा SALT टैक्स छूट की लिमिट जो पहले $10,000 थी, उसे बढ़ाकर अगले 5 सालों के लिए $40,000 कर दिया गया है।
बच्चों के लिए टैक्स क्रेडिट में बढ़ोतरी
इस बिल के पास हो जाने के बाद अब हर बच्चे के लिए मिलने वाला टैक्स क्रेडिट $2,000 से बढ़कर $2,200 हो जाएगा। ये बदलाव 2026 से लागू होगा। पहले डर था कि अगर बिल पास नहीं हुआ तो ये रकम घटकर $1,000 हो जाएगी, लेकिन अब वो खतरा टल चुका है। इस फैसले से लाखों मिडिल क्लास परिवारों को राहत मिलेगी।
इलाज और खाने की मदद में कटौती
सरकार अब Medicaid (जो गरीबों का इलाज कराता है) और SNAP (जो खाने की मदद करता है) जैसे प्रोग्राम में भारी कटौती करने जा रही है। इसका मतलब है कि आने वाले सालों में करोड़ों जरूरतमंदों की मदद बंद हो सकती है। एक अनुमान के मुताबिक, इस फैसले से 2034 तक करीब 1 करोड़ 18 लाख अमेरिकियों का हेल्थ बीमा खत्म हो सकता है।
हरियाली वाली योजनाओं को बड़ा झटका
बिल पास होने के बाद अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर मिलने वाली टैक्स छूट पहले की तरह 2032 तक नहीं चलेगी, बल्कि 2025 में ही बंद हो जाएगी। साथ ही, सोलर और पवन ऊर्जा (विंड एनर्जी) जैसे पर्यावरण से जुड़ी प्रोजेक्ट्स को मिलने वाली टैक्स राहत भी कम कर दी जाएगी। ये बदलाव बाइडन सरकार की ग्रीन एनर्जी योजनाओं पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
अमेरिका पर बढ़ेगा कर्ज
इस पूरे बिल के चलते अमेरिका का सरकारी कर्ज अगले 10 सालों में $3.3 ट्रिलियन और बढ़ जाएगा। इसी के साथ देश की कर्ज़ सीमा यानी डेब्ट सीलिंग को भी $5 ट्रिलियन तक बढ़ाने का फैसला हुआ है।
किसे फायदा और किसे नुकसान?
Yale यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक इस बिल से सबसे ज्यादा फायदा अमीरों को होगा। उनकी आमदनी औसतन 2.2% बढ़ेगी, जबकि गरीबों की आमदनी में 2.5% की गिरावट आ सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार उनकी मदद करने वाले कई प्रोग्राम्स में कटौती कर रही है।
अब आगे क्या होगा?
अब यह बिल हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स यानी अमेरिकी संसद के निचले सदन में जाएगा। अगर वहां भी यह पास हो गया, तो ट्रंप इस पर साइन करेंगे। अगर हाउस इसमें बदलाव चाहता है, तो सीनेट और हाउस की एक साझा कमेटी बनेगी जो दोनों की सहमति से फाइनल ड्राफ्ट तैयार करेगी। उसके बाद ही यह बिल कानून बनेगा।
क्या ट्रंप की वापसी की नींव रखी गई?
'वन बिग ब्यूटीफुल बिल' ट्रंप के लिए सिर्फ एक कानूनी दस्तावेज नहीं बल्कि एक चुनावी दांव है। इस बिल ने उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ला खड़ा किया है, और यही उनके 'प्रॉमिसेस मेड, प्रॉमिसेस केप्ट' (वादे किए, वादे निभाए) नैरेटिव को मज़बूती देता है। अब बड़ा सवाल ये है - क्या यह बिल 2024 के चुनावों में ट्रंप की निर्णायक वापसी की नींव साबित होगा?
बिल को पास कराने में किसने दिया साथ?
Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सीनेट में 'बिग ब्यूटीफुल बिल' को पास कराने में ट्रंप को केवल रिपब्लिकन नेताओं का साथ मिला। सीनेट में कुल 100 में से 51 वोट 'हां' में पड़े, जिसमें सभी रिपब्लिकन सांसद शामिल थे, जबकि 49 'ना' वोट पड़े, जिसमें हर डेमोक्रेट सीनेटर ने इस बिल का विरोध किया।
दिलचस्प बात ये रही कि तीन रिपब्लिकन सांसदों- सुसन कॉलिंस (मेन), थॉम टिलिस (नॉर्थ कैरोलिना) और रैंड पॉल (केंटकी) ने भी इस बिल का विरोध किया, जिसकी वजह थी Medicaid जैसी योजनाओं में कटौती और बढ़ता सरकारी कर्ज। ट्रंप को जीत दिलाने वाला निर्णायक वोट उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने डाला, जिससे यह बिल 51-50 से पार हो सका।
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