Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप कब करेंगे सरेंडर, कैसे होंगे गिरफ्तार, क्या हाथों में हथकड़ी भी लगेगी? जानिए
मैनहट्टन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ने न्यूयॉर्क ग्रैंड ज्यूरी के सामने वो सबूत दस्तावेज पेश किए थे, जिसमें दावा किया गया था, कि साल 2006 में डोनाल्ड ट्रंप ने स्टॉर्मी डेनियल्स के साथ यौन संबंध बनाए थे।

Donald Trump News: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति को कोर्ट ने आज ही सरेंडर करने के लिए कहा था, लेकिन उनकी टीम ने कोर्ट में दलील दी, कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति की सीक्रेट सुरक्षा व्यवस्था पूरी होने तक वो सरेंडर नहीं करेंगे। माना जा रहा है, कि डोनाल्ड ट्रंप अगले हफ्ते सरेंडर कर सकते हैं और फिर डोनाल्ड ट्रंप के फिंगरप्रिंट देने, कैदियों की तरफ खड़े होकर फोटो खिंचवाने और यहां तक, कि उनके हाथों में हथकड़ी भी लगाई जा सकती है और अगले हफ्ते तक ये तस्वीरें पूरी दुनिया के अखबारों में पहले पन्ने पर हो सकती हैं।
कैसे होगी डोनाल्ड ट्रंप की गिरफ्तारी?
आने वाले दिनों में डोनाल्ड ट्रंप को न्यूयॉर्क कोर्ट में नियमित पेशी के लिए आते देखा जा सकता है और अब, जबकि ज्यूरी ने एक पोर्न स्टार को चुपके-पैसे के भुगतान में उनकी भूमिका के संबंध में उन्हें दोषी ठहराने के लिए मतदान किया है, लेकिन पूर्व कमांडर-इन-चीफ डोनाल्ड ट्रंप की गिरफ्तारी नियमित कैदियों की तरह होगी या नहीं, फिलहाल ये तय नहीं है। माना जा रहा है, कि जिस जेल में डोनाल्ड ट्रंप को रखा जाएगा, उसे नये सिरे से तैयार किया जाएगा और ट्रंप की सुरक्षा की पूरी शिल्ड तैयार की जाएगी। अमूमन, गुंडागर्दी के आरोप में गिरफ्तार प्रतिवादियों के हाथों में हथकड़ी लगाना जरूरी होता है और उनके हाथों को पीठ की तरफ पीछे करके बांध दिया जाता है, लेकिन अभी ये साफ नहीं है, कि डोनाल्ड ट्रंप के हाथों को पीछे की तरफ रखकर हथकड़ी लगाई जाएगी या आगे की तरफ। कई मामलों में, अगर सफेदरपोश प्रतिवादी, जिनके भागने का, या किसी को नुकसान पहुंचाने का खतरा कम होता है, उनके हाथों को आगे की तरफ करते बांधा जाता है। लिहाजा, डोनाल्ड ट्रंप के हाथों को आगे की तरफ करके हथकड़ी पहनाई जा सकती है।
हर प्रक्रिया में साथ होंगे डोनाल्ड ट्रंप
कानूनी प्रक्रिया के हर कदम पर पुलिस के साथ डोनाल्ड ट्रंप को रहना होगा। हालांकि, इस दौरान उनकी सुरक्षा के लिए सीक्रेट सर्विस के अधिकारी भी उनके साथ बने रहेंगे। फिंगरप्रिंट लेने, मेडिकल टेस्ट लेने और फोटो खींचने के बाद उन्हें मैनहट्टन के क्रिमिनल कोर्ट में जज के सामने पेश किया जाएगा और इस वक्त तक सीक्रेट सर्विस के अधिकारी उनकी सुरक्षा के लिए कोर्ट में मौजूद रहेंगे। लेकिन, जज के सामने पेशी होने के बाद कोर्ट हाउस में सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य के कोर्ट अधिकारियों की तरफ से दी जाती है। हालांकि, ट्रंप के मामले में उनकी सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों में होने की उम्मीद है। हालांकि, कोर्ट रूम की सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी के मुख्य प्रवक्ता, एंथोनी जे. गुग्लील्मी ने कहा, कि वह ट्रम्प के लिए किए जाने वाले किसी विशेष उपाय पर टिप्पणी नहीं कर सकते।
कोर्ट रूम की कार्रवाई कैसी होगी?
हालांकि, कोर्ट रूम में पेश होने में फिलहाल डोनाल्ड ट्रंप को कई दिन और लग सकते हैं। लेकिन, अब चूंकी ग्रैंड ज्यूरी ने उन्हें आरोपी तय करने के पक्ष में मतदान कर दिया है, लिहाजा अब उनके खिलाफ क्रिमिनल कोर्ट में निश्चित तौर पर मुकदमा चलेगा। अब प्रॉसीक्यूटर्स, डोनाल्ड ट्रंप के बयाव पक्ष के वकीलों से संपर्क करेंगे, जिसमें ट्रंप के सरेंडर करने को लेकर बातचीत होगी। सफेदपोश आरोपियों के मामले में अकसर यही होता है, और आम तौर पर अभियोजक ही, आरोपी के बचाव पक्ष के वकीलों से उसके आत्मसमर्पण की शर्तों पर बातचीत करने के लिए संपर्क करता है। फिलहाल, डोनाल्ड ट्रंप के एडवोकेट ने कहा है, कि ट्रंप आरोपों का सामना करने के लिए तैयार हैं और कानून के मुताबिक वो सरेंडर करेंगे। उन्होंने कहा, कि फिलहाल ट्रंप फ्लोरिडा में हैं और वो जल्द ही न्यूयॉर्क स्टेट के लिए उड़ान भरेंगे, जहां वो कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे।
गिरफ्तारी के बाद मिल जाएगी जमानत?
डोनाल्ड ट्रंप क्रिमिनल कोर्ट में पेश होकर जज के सामने जमानत का अनुरोध करेंगे और निजी मुचलके पर उन्हें जमानत मिलना निश्चित है। डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ कोई हिंसक मामला नहीं है, लिहाजा विरोधी वकील उनकी जमानत का विरोध नहीं कर पाएंगे। लिहाजा, ये डोनाल्ड ट्रंप के बड़े प्लान का हिस्सा है, जिसका वो पूरी ताकत से इस्तेमाल अपने चुनावी कैम्पेन के दौरान करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का प्लान कर रहे हैं और उन्होंने अपनी दावेदारी का ऐलान कर दिया है, लिहाजा अगर पार्टी में उनके नाम पर सहमति बनती है, तो माना जा रहा है, कि वो पूरी ताकत के साथ अपनी गिरफ्तारी के मुद्दे को भुनाने की कोशिश करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, माना जा रहा है, कि डोनाल्ड ट्रंप की टीम ने काफी आसानी से ट्रंप की गिरफ्तारी का रास्ता साफ किया है और ऐसा पूरी प्लानिंग के साथ किया गया है, क्योंकि ड्रंप भला इतनी आसानी से सरेंडर करने वाले कहां थे। रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप मामले की जांच करने वाले डिस्ट्रिक अटॉर्नी, जिनका नाम एल्विन एल ब्रैग है, वो ब्लैक कम्युनिटी से आते हैं, और डोनाल्ड ट्रंप के चुनावी कैम्पेन के लिए ये बात काफी है। डोनाल्ड ट्रंप अपने चुनावी कैम्पेन में 'काले और गोरे' की भरपूर राजनीति करने वाले हैं। डोनाल्ड ट्रंप अब अपने चुनावी कैम्पेन में 'जातिवाद' का भरपूर इस्तेमाल करने वाले हैं।
अगर सरेंडर करने से करते हैं इनकार?
हालांकि, इसकी संभावना न्यूनतम है, लेकिन फिर भी एक संभावना तो है, कि अगर डोनाल्ड ट्रंप सरेंडर करने से इनकार कर देते हैं, तो फिर क्या होगा? डोनाल्ड ट्रंप फिलहाल फ्लोरिडा स्टेट में हैं और उन्हें सरेंडर करने के लिए न्यूयॉर्क जाना होगा। लेकिन, अगर वो सरेंडर करने से इनकार करते हैं, तो फ्लोरिडा के गवर्नर के लिए ये एक विचित्र स्थिति बन जाएगी। फ्लोरिडा में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को ही बहुमत है और गवर्नर भी रिपब्लिकन पार्टी के ही रॉन डीसांटिस हैं, जो ट्रंप के प्रतिद्वंदी माने जाते हैं। लिहाजा, रॉन डीसांटिस के लिए ये एक अजीब राजनीतिक स्थिति बन जाएगी। ऐसी स्थिति में गवर्नर रॉन डीसांटिस की भूमिका मंत्रिस्तरीय हो जाएगी, क्योंकि न्यूयॉर्क की तरफ से उनके पास ट्रंप के प्रत्यर्पण का अनुरोध आएगा। हालांकि, ऐसी स्थिति में गवर्नर के पास ट्रंप को न्यूयॉर्क प्रत्यर्पित करने के अलावा भी कुछ कानूनी विकल्प होंगे, लिहाजा ये मामला फिर रिपब्लिकन पार्टी के अंदर का हो जाएगा। फिर भी, ऐसे हालात में गवर्नर के सामने दो ही विकल्प बचते हैं, पहला विकल्प तो ये, कि वो ट्रंप को प्रत्यर्पित करने का आदेश दे देंगे या फिर अपने रिपब्लिकन नेता को गिरफ्तारी से बचाने के लिए कानूनी माथापच्ची करेंगे।












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