Donald Trump New Cabinet: ट्रंप के कैबिनेट में भारतीयों का दबदबा! तीन हिंदू सांसदों को जगह, जानें कौन हैं ये?
Donald Trump Key Cabinet Hindu Connection: डोनाल्ड ट्रंप की दूसरी कैबिनेट में भारतीय मूल के नेताओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। खास बात यह है कि इनमें से कई नेताओं ने अपनी हिंदू पहचान को खुले तौर पर स्वीकार किया है।
इन नेताओं में काश पटेल, तुलसी गबार्ड, और विवेक रामास्वामी प्रमुख नाम हैं, जो अमेरिका-भारत संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। आइए जानते हैं इन तीनों के के बारे में सबकुछ..

Who is Tulsi Gabbard:कौन हैं तुलसी गबार्ड?
तुलसी गबार्ड भारतीय मूल की नहीं हैं, लेकिन उनका हिंदू धर्म से गहरा जुड़ाव है। तुलसी का जन्म 1981 में अमेरिकी समोआ में हुआ था। उनका परिवार बाद में हवाई में बस गया। उनकी मां ने हिंदू धर्म अपनाया और तुलसी भी खुद को हिंदू मानती हैं।
राजनीतिक सफर: तुलसी 2013 से 2021 तक हवाई से सांसद रहीं। वह अमेरिकी संसद की पहली हिंदू सदस्य थीं। उन्होंने 2016 में भगवद गीता पर हाथ रखकर शपथ ली थी।
प्रमुख उपलब्धियां:
- इराक युद्ध में उन्होंने अमेरिकी सेना के नेशनल गार्ड के साथ सेवा दी।
- उन्होंने अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूत करने के लिए जोरदार प्रयास किए।
- ट्रंप की कैबिनेट में भूमिका: ट्रंप ने उन्हें राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के रूप में नामित किया है।
Who is Vivek Ramaswamy: कौन हैं विवेक रामास्वामी?
विवेक रामास्वामी, जो एक सफल उद्यमी और ट्रंप के करीबी समर्थक हैं, अब सरकारी दक्षता विभाग (Department of Government Efficiency, DOGE) का नेतृत्व करेंगे। विवेक का जन्म 1985 में अमेरिका के ओहियो में हुआ। उनके माता-पिता केरल के रहने वाले हैं। उन्होंने हार्वर्ड से बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया और येल से कानून की डिग्री प्राप्त की।
व्यावसायिक सफलता: विवेक ने बायोटेक कंपनी Roivant Sciences की स्थापना की। उनकी संपत्ति 1 बिलियन डॉलर से अधिक है।
धार्मिक और सामाजिक जुड़ाव:
- विवेक अपनी हिंदू पहचान पर गर्व करते हैं।
- वह धार्मिक स्वतंत्रता और सार्वभौमिक मूल्यों पर जोर देते हैं।
Who is Kash Patel: कौन हैं काश पटेल?
गुजरात से ताल्लुक रखने वाले काश पटेल, जिन्हें एफबीआई निदेशक के रूप में नामित किया गया है, राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीति में एक मजबूत आवाज हैं। काश का जन्म 1980 में न्यूयॉर्क में हुआ। उनके माता-पिता वडोदरा, गुजरात से हैं।उन्होंने कानून की पढ़ाई यूनिवर्सिटी ऑफ रिचमंड और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन से की।
करियर की उपलब्धियां:
- अमेरिकी न्याय विभाग में आतंकवाद मामलों के अभियोजक रहे।
- ट्रंप प्रशासन में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के वरिष्ठ निदेशक के रूप में काम किया।
प्रमुख विचार:
- काश ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का समर्थन किया और पश्चिमी मीडिया पर इसके ऐतिहासिक महत्व को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
अन्य भारतीय चेहरे
- डॉ. जय भट्टाचार्य: कोलकाता से संबंध रखने वाले भट्टाचार्य को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है।
- उषा चिलुकरी वेंस: भारतीय-अमेरिकी हिंदू, जो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पत्नी हैं, व्हाइट हाउस का हिस्सा होंगी।
ट्रंप की कैबिनेट का भारतीय मूल के नेताओं के लिए महत्व
डोनाल्ड ट्रंप की नई कैबिनेट भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। इससे अमेरिका और भारत के संबंध और मजबूत होंगे। इसके अलावा, यह भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गर्व की बात है कि उनके प्रतिनिधि ट्रंप के प्रशासन में उच्च पदों पर हैं।
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