Trump Greenland Plan: ग्रीनलैंड पर जल्द मिलिट्री एक्शन करेगा अमेरिका? रूस का नाम लेकर ट्रंप की खतरनाक चेतावनी
Trump Greenland Purchase 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया के सबसे बड़े द्वीप 'ग्रीनलैंड' को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने डेनमार्क और यूरोपीय सहयोगियों को सीधी चेतावनी देते हुए ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की अपनी पुरानी मंशा को दोहराया है।
उनका तर्क है कि रूस के बढ़ते खतरे को रोकने में डेनमार्क विफल रहा है, इसलिए अब अमेरिका को कमान संभालनी होगी। इस रणनीतिक द्वीप को हासिल करने के लिए ट्रंप ने अब 'आर्थिक युद्ध' का रास्ता चुना है, जिससे अमेरिका और यूरोप के दशकों पुराने रिश्तों में दरार आने की आशंका बढ़ गई है।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर लिखा कि, NATO पिछले 20 वर्षों से डेनमार्क को यह बता रहा है कि 'आपको रूसी खतरे को ग्रीनलैंड से दूर करना होगा।' दुर्भाग्यवश, डेनमार्क इसके लिए कुछ नहीं कर सका। अब समय आ गया है, और यह (रूसी खतरे को दूर करना) किया जाएगा।
US Tariffs on Europe 2026: नाटो सहयोगियों पर ट्रंप का 'टैरिफ प्रहार'
डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड सौदे के लिए दबाव बनाने के मकसद से यूरोपीय देशों पर भारी टैक्स लगाने की घोषणा की है। 1 फरवरी, 2026 से डेनमार्क, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी समेत कई नाटो देशों से आने वाले सामान पर 10% का प्रारंभिक टैरिफ (आयात शुल्क) लगाया जाएगा। राष्ट्रपति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 1 जून तक ग्रीनलैंड की खरीद-बिक्री पर कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो इस टैक्स को बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा। यह कदम वैश्विक व्यापार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें: Trump Greenland: 'ग्रीनलैंड पर समर्थन नहीं दिया तो बर्बाद कर दूंगा इकोनॉमी', ट्रंप ने दुनिया को दी खुली धमकी
ग्रीनलैंड की रणनीतिक और सैन्य अहमियत
ग्रीनलैंड केवल बर्फ का विशाल टुकड़ा नहीं, बल्कि भविष्य का सबसे महत्वपूर्ण सैन्य और व्यापारिक केंद्र है। आर्कटिक क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां से रूस और चीन की गतिविधियों पर नजर रखना आसान है। जैसे-जैसे बर्फ पिघल रही है, नए समुद्री व्यापारिक रास्ते खुल रहे हैं, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो सकता है। अमेरिका यहां अपनी पकड़ मजबूत करके आर्कटिक क्षेत्र में अपनी सैन्य संप्रभुता सुनिश्चित करना चाहता है, जो आने वाले समय में वैश्विक शक्ति का केंद्र बनेगा।
Greenland Update: क्यों है अमेरिका की नजर?
ग्रीनलैंड प्राकृतिक संसाधनों के मामले में दुनिया के सबसे अमीर क्षेत्रों में से एक है। यहां दुर्लभ पृथ्वी खनिज (Rare Earth Minerals), लोहा, जस्ता, सोना और तांबे के विशाल भंडार मौजूद हैं। साथ ही, यहां तेल और गैस के अछूते भंडार मिलने की प्रबल संभावना है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि इन संसाधनों पर अधिकार जमाकर अमेरिका ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है और भविष्य की तकनीक के लिए जरूरी खनिजों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को नियंत्रित कर सकता है।
ये भी पढ़ें: US Vs Greenland: ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहता है अमेरिका? खनिज का लालच नहीं, इस बात से डरे हुए हैं ट्रंप!
World News Hindi: ट्रंप ने दिखाया रूस का खतरा
ट्रंप ने अपने बयानों में बार-बार नाटो (NATO) और डेनमार्क की आलोचना की है। उनका दावा है कि पिछले दो दशकों से रूस अपनी सैन्य ताकत ग्रीनलैंड के पास बढ़ा रहा है और डेनमार्क इसे रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा है। ट्रंप के अनुसार, ग्रीनलैंड की सुरक्षा अब एक वैश्विक मजबूरी बन गई है जिसे केवल अमेरिका ही संभाल सकता है। हालांकि, डेनमार्क ने हमेशा की तरह ग्रीनलैंड को 'बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं' बताकर अमेरिका के इन प्रस्तावों को सिरे से खारिज कर दिया है।












Click it and Unblock the Notifications