अमेरिका ने कोरोना वायरस महामारी को घोषित किया नेशनल इमरजेंसी
वॉशिंगटन। चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस अमेरिका समेत पूरी दुनिया में कोहराम मचा रहा है। अमेरिका के 30 से ज्यादा राज्यों में यह वायरस फैल चुका है। मौजूदा हालातों को देखते हुए शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कोरोना महामारी को नेशनल इमरजेंसी घोषित कर दिया है। बता दें कि, अब तक 1700 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए हैं और 41 की मौत भी हो चुकी हैं। जिसके बाद लगातार ट्रंप प्रशासन की आलोचना हो रही थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय समय शुक्रवार रात 1 बजे व्हाइट हाउस में कोरोना संक्रमण के खतरे को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ट्रंप ने प्रेस क़ॉन्फ्रेंस में कहा कि, कोरोना से बचाव के लिए राज्यों को 50 बिलियन डॉलर की मदद दी गई है। इस महामारी को रोकने की हरसंभव कोशिश की जा रही है। इससे पहले ट्रंप ने ट्वीट करते हुए लिखा था, "कोरोना वायरस पर मैं व्हाइट हाउस में आज 3 बजे एक न्यूज कॉन्फ्रेंस करूंगा। जिसके बाद आपातकाल की कायस लगनी शुरू हो गईं थी।
वहीं दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस के मद्देनजर यूरोप से अमेरिका आने वाले यात्रियों पर अगले 30 दिन तक के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। इससे ब्रिटेन को छूट दी गई है। व्हाइट हाउस के अपने ओवल ऑफिस से टीवी पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि नए नियम शुक्रवार (13 मार्च) आधी रात से प्रभाव में आएंगे और कई स्क्रीनिंग से गुजरने के बाद अमेरिकियों को अपने देश लौटने की छूट होगी।
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि बुजुर्गों के लिए कोरोना वायरस गंभीर खतरा है। इनमें से 50 फीसद लोग सेहत संबंधी किसी ना किसी समस्या से जूझ रहे हैं। हृदय रोग, कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियां कोरोना वायरस के संक्रमण को गंभीर कर सकती हैं। कुछ हालिया अध्ययनों में इन खतरों को लेकर आगाह किया गया है।












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