ट्रंप ने सऊदी प्रिंस का उड़ाया मजाक, की बेदह गंदी टिप्पणी, क्या टूट जाएगी अमेरिका-सऊदी अरब की दोस्ती?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) के बारे में हाल ही में एक विवादास्पद और आपत्तिजनक भद्दी टिप्पणी की। सऊदी अरब के पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड से जुड़े फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव इंस्टीट्यूट के एक शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने क्राउन प्रिंस का मज़ाक उड़ाकर सऊदी अधिकारियों को असहज स्थिति में डाल दिया।
ट्रंप ने क्राउन प्रिंस का मजाक उड़ाते हुए बोली गंदी बात
शिखर सम्मेलन में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, उन्होंने नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। उन्होंने नहीं सोचा था कि वह मेरे... को चूम रहे होंगे... उन्होंने सोचा था कि मैं बस एक और अमेरिकी राष्ट्रपति हूं, जिसका देश पतन की ओर जा रहा है। पर अब उन्हें मेरे प्रति अच्छा व्यवहार करना होगा।"

ट्रंप के बयान पर मचा बवाल
उनकी यह टिप्पणी बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।हालांकि, बाद में उन्होंने अपना लहजा नरम करते हुए क्राउन प्रिंस एमबीएस को "स्मार्ट और बहुत नॉर्मल तरह का आदमी" बताया। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक साल पहले सऊदी नेता अमेरिका को एक 'मृत देश' मानते थे, लेकिन उनके नेतृत्व में अमेरिका के बारे में धारणाएं काफी सुधरी हैं। अब अमेरिका दुनिया का 'सबसे हॉट देश' बन गया है।
गौरतलब है कि यह टिप्पणी ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी अभियान के बीच और ईरान के साथ वार्ता की समय सीमा बढ़ाने और 6 अप्रैल तक देश के बिजली ढांचे पर हमलों की योजना टालने के एक दिन बाद आया। जिस मंच पर ट्रंप ने भाषण दिया, वह व्यापारिक और राजनीतिक हस्तियों को आकर्षित करता है। इसका आयोजन सऊदी अरब के 1 ट्रिलियन डॉलर के पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड से संबद्ध एक समूह करता है, जो किंगडम में निवेश अवसरों को बढ़ावा देता है।
ट्रप ने ईरान युद्ध को लिया बड़ा दावा
सम्मेलन में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका मिडिल ईस्ट को ईरानी आतंकवाद, आक्रामकता और परमाणु ब्लैकमेल से मुक्त करने के बेहद करीब है। उन्होंने जोर देकर कहा, "47 साल से ईरान मिडिल ईस्ट का बुली था, लेकिन अब वो भाग रहा है।"
ईरान अमेरिका के दोस्त सऊदी पर कर रहा हमले
बता दें हाल ही में ईरान ने सऊदी ऊर्जा सुविधाओं, जिनमें रास तनुरा रिफाइनरी और शायबह ऑयल फील्ड शामिल हैं, पर हमले किए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब अमेरिका से ईरान पर लगातार हमले जारी रखने का आग्रह कर रहा है। वह इस स्थिति को क्षेत्र को एक नया आकार देने का ऐतिहासिक अवसर मानता है। इसी बीच, यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इजराइल पर हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
क्या टूट जाएगी अमेरिका-दुबई की दोस्ती?
ट्रंप की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गई है। फिर भी, अमेरिका और सऊदी अरब के संबंधों में रणनीतिक साझेदारी की गहरी नींव है। यह साझेदारी मुख्य रूप से तेल, सुरक्षा, ईरान विरोधी रुख और निवेश पर आधारित है। दोनों देश लंबे समय से करीबी सहयोगी रहे हैं और ट्रंप के पहले कार्यकाल में भी एमबीएस के साथ उनके अच्छे संबंध थे।












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