राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए ट्रंप ने मांगी थी जिनपिंग की मदद, पूर्व NSA की किताब में खुलासा
नई दिल्ली: अमेरिका में इस साल नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं। जिसको लेकर वहां पर भी राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। अब ट्रंप के एक सहयोगी की किताब में हुए खुलासों से हड़कंप मच गया है। इन खुलासों के बाद ट्रंप प्रशासन इस किताब को प्रकाशित होने से रोकना चाहता है। वैसे तो ये किताब 23 जून को प्रकाशित होगी, लेकिन इसके कुछ अंश को अमेरिका के प्रमुख समाचार पत्रों ने छाप दिया है।
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राष्ट्रपति ट्रंप के पूर्व सहयोगी और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने एक किताब लिखी है, जिसका नाम 'द रूम व्हेयर इट हैपन्ड' है। किताब के मुताबिक ट्रंप ने पिछले साल जून में G-20 समिट के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। इसी दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने वहां पर चुनाव को लेकर बातचीत शुरू कर दी। जिसे देख बोल्टन हैरान रह गए। राष्ट्रपति ट्रंप ने जिनपिंग से कहा कि चीन की आर्थिक क्षमता ऐसी है, जो अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित कर सकती है। इसके साथ ही अपनी जीत के लिए ट्रंप ने जिनपिंग से मदद भी मांगी थी।
बोल्टन के मुताबिक बातचीत के दौरान ट्रंप ने किसानों के मुद्दे पर जोर दिया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि चीन के सोयाबीन और गेहूं खरीदने से चुनाव पर असर पड़ सकता है। इस दौरान ट्रंप ने दोनों देशों के बीच चल रहे ट्रेड वॉर को भी खत्म करने की पेशकश की। इस किताब में ट्रंप के महाभियोग से जुड़ी कई अहम जानकारियां हैं। वहीं किताब के कुछ अंश समाचार पत्रों में छपने के बाद अमेरिका के राजनीतिक गलियारों में खलबली मची है। अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के मुताबिक किताब में 'गोपनीय सूचनाएं' हैं। जिस वजह से इसे प्रकाशित होने से रोकना चाहिए।












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